Month: September 2026
विद्वानों ने त्याग, सेवा और संस्कारों को बताया जीवन की असली पूंजी, भजनोपदेशक डॉ. सुमित अंगिरस की प्रस्तुतियों ने बांधा समांमसूरी, यज्ञ की वेदी से उठती आहुतियों के साथ त्याग, समर्पण और परोपकार का संदेश गूंजा तो भजनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। आर्य समाज मसूरी का तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव रविवार को वैदिक यज्ञ, प्रेरणादायी प्रवचनों, भजन और ऋषि लंगर प्रसाद के साथ श्रद्धा एवं उल्लासपूर्वक संपन्न हुआ। समापन अवसर पर विद्वानों ने धर्म को केवल कर्मकांड तक सीमित न रखते हुए सेवा, सदाचार और मानव कल्याण से जोड़ने का आह्वान किया।वार्षिकोत्सव के अंतिम दिन यज्ञ की ब्रह्मा डॉ. अन्नपूर्णा रहीं। आर्य कन्या गुरुकुल देहरादून की ब्रह्मचारिणियों ने यज्ञ संपन्न कराने में सहयोग किया। डॉ. अन्नपूर्णा ने यज्ञ की मूल भावना समझाते हुए कहा कि ‘इदं न मम’ अर्थात यह मेरा नहीं, सब कुछ परमात्मा का है। यही भावना मनुष्य को त्याग और समर्पण के मार्ग पर ले जाती है, जबकि लोभ उसके पतन का कारण बनता है।उन्होंने कहा कि यज्ञ केवल अग्नि में आहुति देने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि सत्कर्म, पुरुषार्थ, परोपकार और विश्व कल्याण पर आधारित जीवन पद्धति है। मनुष्य को माता-पिता, गुरु और ऋषियों के प्रति अपने दायित्वों को समझना चाहिए। बच्चों के जीवन में अनुशासन, उत्तम संस्कार और संतुलित खानपान का विशेष महत्व है।कठिनाइयों से घबराने वाले नहीं, संकल्पवान होते हैं सफलडॉ. वीरेंद्र शास्त्री ने अपने प्रवचन में सफलता और जीवन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संसार में तीन प्रकार के व्यक्ति होते हैं। पहले वे, जो असफलता के भय से कार्य शुरू ही नहीं करते। दूसरे वे, जो बाधा आने पर लक्ष्य से भटक जाते हैं, जबकि तीसरे वे होते हैं जो कठिनाइयों के बावजूद दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ते हैं और लक्ष्य प्राप्त करते हैं।श्रीराम के जीवन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सफलता केवल साधनों अथवा शस्त्रों से नहीं, बल्कि साहस, धैर्य और आत्मविश्वास से प्राप्त होती है। विद्या, धन और शक्ति का उपयोग अहंकार या दूसरों को पीड़ा पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि ज्ञान बांटने, परोपकार और निर्बलों की रक्षा के लिए होना चाहिए।भजनों ने बांधा समां, श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया ऋषि लंगरआर्य जगत के प्रसिद्ध भजनोपदेशक डॉ. सुमित अंगिरस ने शास्त्रीय एवं भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। तीन दिवसीय आयोजन के समापन पर ऋषि लंगर प्रसाद वितरित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।आर्य समाज मसूरी के प्रधान आनंद रस्तोगी ने अतिथियों, विद्वानों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। सचिव प्रणव साहनी ने वार्षिकोत्सव को सफल बनाने में आर्थिक एवं नैतिक सहयोग देने वाले मसूरी वासियों का धन्यवाद किया। उपप्रधान सतीश रोहिला ने भी सभी सहयोगियों के प्रति कृतज्ञता जताई।तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव ने वैदिक परंपराओं के साथ समाज को सेवा, संस्कार, सद्भाव और परोपकार का संदेश दिया।कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी और भाजपा मसूरी मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल सहित नगर के अनेक नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
शबद कीर्तन से गूंजा गुरुद्वारा, विश्व शांति के लिए हुई अरदास सभा के 109वें सालाना उत्सव में उमड़े श्रद्धालु, कीर्तन के बाद श्रद्धा से ग्रहण किया लंगरमसूरी। गुरु सिंह सभा के 109वें सालाना उत्सव के दूसरे दिन गुरुद्वारा परिसर शबद कीर्तन और गुरबाणी से गूंज उठा। सुबह नितनेम और अखंड पाठ के बाद पांवटा साहिब से पहुंचे हुजूरी रागी जत्थे ने शबद कीर्तन प्रस्तुत किया। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से कीर्तन का आनंद लिया और अंत में विश्व शांति के लिए अरदास की गई।पांवटा साहिब से आए भाई अर्जुन सिंह और भाई रूबल प्रीत सिंह के साथ गुरु नानक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने भी शबद कीर्तन किया। कीर्तन के बाद गुरु का लंगर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी, सभासद अनीता धनाई, गुरु सिंह सभा अध्यक्ष एमपीएस खुराना, जसबीर सिंह, इंद्रजीत सिंह, जगजीत कुकरेजा, शिव अरोड़ा, राहुल छाबड़ा, परमजीत कोहली, तेजपाल सिंह, तनमीत खालसा, जोगिंदर सिंह, रवींद्र सिंह, अवतार सिंह, त्रिलोचन सिंह, सतनाम सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
सितारगंज संगठन ने जो जिम्मेदारी दी, पूरी निष्ठा से निभाऊंगा: नितिन
सितारगंज। सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे नितिन ने संगठन में विभिन्न…
नानकमत्ता साहिब पीजी कॉलेज में छात्र संघ का निर्विरोध निर्वाचन, नई कार्यकारिणी को मिली जिम्मेदारी
नानकमत्ता। नानकमत्ता साहिब स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्र संघ की नई कार्यकारिणी का निर्विरोध निर्वाचन होने पर…
शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर रक्तदान शिविर, 46 रक्तदाताओं ने किया महादान
सितारगंज। सोशल ऑक्सीजन समिति एवं सिख संघ सेवा समिति के तत्वावधान में शहीद-ए-आजम भगत सिंह के…
सितारगंज से बसंत आर्या बने भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के संयोजक, क्षेत्र में खुशी की लहर
सितारगंज। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सितारगंज मंडल के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के संयोजक पद पर बसंत आर्या…
सीबीएसई राष्ट्रीय फेंसिंग चैंपियनशिप के दूसरे दिन खिलाड़ियों ने दिखाया शानदार दमखम, पदक जीतकर बढ़ाया गौरवरुद्रपुर में राष्ट्रीय स्तर की फेंसिंग प्रतियोगिता में देशभर के युवा खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शनरुद्रपुर, 27 सितंबर 2026।दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), रुद्रपुर में आयोजित सीबीएसई राष्ट्रीय फेंसिंग चैंपियनशिप–2026 के दूसरे दिन विभिन्न आयु वर्गों में रोमांचक मुकाबले हुए। देशभर से आए युवा फेंसरों ने अपनी तकनीक, गति, सटीकता और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में अंडर-14, अंडर-17 एवं अंडर-19 बालक एवं बालिका वर्ग में फॉयल, एपी और सेबर स्पर्धाओं के मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं।दूसरे दिन प्रतियोगिता स्थल पर खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। प्रत्येक मुकाबले में खिलाड़ियों ने बेहतरीन फुटवर्क, तेज रिफ्लेक्स और रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन करते हुए पदकों के लिए जोरदार संघर्ष किया। खिलाड़ियों के उत्साह और शानदार प्रदर्शन से पूरा परिसर खेल भावना से सराबोर रहा।दूसरे दिन के प्रमुख पदक परिणामकैडेट महिला सेबर वर्ग: नव्या शर्मा — डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, पटियाला, पंजाब — स्वर्ण पदक; कांटा थारुणिका — विबग्योर हाई, एचएसआर लेआउट, बेंगलुरु — रजत पदक; गीतिका चौहान — संस्कृति मॉडर्न स्कूल तथा नंदिनी जैन — शिव नादर स्कूल, सेक्टर-168, नोएडा — कांस्य पदक।कैडेट पुरुष सेबर वर्ग: वंश वंश — आर्मी पब्लिक स्कूल नंबर-2, बीईजी रुड़की, हरिद्वार — स्वर्ण पदक; रैयान रैयान — गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल, करनाल, हरियाणा — रजत पदक; किशोरजीत सिंह थोंगाम — नॉर्थ प्वाइंट हायर सेकेंडरी स्कूल, मणिपुर तथा नैन ध्रुव — आर्मी पब्लिक स्कूल नंबर-2, बीईजी रुड़की, हरिद्वार — कांस्य पदक।जूनियर महिला फॉयल वर्ग: मन्नत कौर — डीपीएस रुद्रपुर — स्वर्ण पदक; श्विति कुमार — डीपीएस रुद्रपुर — रजत पदक; फातिमा खान रिदा — एम्पायरियन स्कूल, मुंबई, रायगढ़ तथा शानवी वर्मा — एलेनहाउस पब्लिक स्कूल, वसुंधरा, गाजियाबाद — कांस्य पदक।दूसरे दिन के आयोजन में श्री पंकज शुक्ला, PCS, मुख्य कोषाधिकारी (Chief Treasury Officer–CTO), ऊधम सिंह नगर, श्री दुर्गा महापात्र, प्लांट हेड, GS Pharma, श्री संजीव सुमन, प्रोफेसर, College of Technology, जी. बी. पंत विश्वविद्यालय तथा श्री अंकित बंसल, रुद्रपुर सॉल्वेंट विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।विशिष्ट अतिथियों ने प्रतियोगिता के विभिन्न मुकाबलों का अवलोकन किया और खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता में युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजन युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य, नेतृत्व क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को मजबूत करते हैं।अतिथियों ने डीपीएस रुद्रपुर द्वारा इतने बड़े स्तर की राष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों के साथ अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं।डीपीएस रुद्रपुर में आयोजित यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता 26 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। प्रतियोगिता में देशभर के विद्यालयों से आए 1,500 से अधिक खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक तथा 350 से अधिक तकनीकी अधिकारी, रेफरी, निर्णायक एवं आयोजन अधिकारी सहभागिता कर रहे हैं।प्रतियोगिता के आगामी दिनों में विभिन्न आयु वर्गों और स्पर्धाओं के मुकाबले जारी रहेंगे। खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और लगातार बढ़ते रोमांच के बीच सीबीएसई राष्ट्रीय फेंसिंग चैंपियनशिप–2026 का समापन 2 अक्टूबर 2026 को होगा।
हाईवे पर खोदे गए गड्ढे बन रहे हादसों का सबब, दो दिन में छह लोग घायल
ग्राम बागवाला हाईवे के पास साइन बोर्ड लगाने के लिए खोदे गए गड्ढों और सड़क पर…
धान के दाम में ₹72 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी किसानों के लिए नाकाफी : डॉ. गणेश उपाध्यायकृषि लागत बढ़ने के बीच सरकार की घोषणा पर उठाए सवाल, बोले—“किसानों के लिए ऊंट के मुंह में जीरा”खरीफ खरीद सत्र 2026-27 के लिए उत्तराखंड सरकार ने सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2,441 तथा ग्रेड-ए धान का ₹2,461 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। यह पिछले वर्ष के मुकाबले ₹72 प्रति क्विंटल अधिक है। खाद्य मंत्री रेखा आर्य ने धान खरीद के लिए 7 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य भी घोषित किया है ,इस पर उत्तराखंड कांग्रेस के महामंत्री एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष डॉ. गणेश उपाध्याय ने सरकार पर किसानों की वास्तविक लागत और आय के बीच आधे से कम ,बढ़ते अंतर को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।डॉ. उपाध्याय ने कहा कि बे मौसम की बारिश ,जंगली व पालतू जानवरों के आतंक से फसलों को बचाने के बाद जब किसान फसल बेचने जाता है उसके बाद सरकार किसानों के प्रति बहुत बड़ा मजाक मजाक के तौर पर फसलों के मूल्य का निर्धारण करती है। “सरकार ₹72 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को किसानों के लिए बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है, लेकिन किसान के खेत तक पहुंचकर वास्तविकता देखी जाए तो तस्वीर बिल्कुल अलग दिखाई देती है। डीजल-पेट्रोल, बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई, मजदूरी और खेती से जुड़ी अन्य लागतों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में ₹72 की बढ़ोतरी किसानों की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं है।”उन्होंने कहा कि भाजपा की धामी सरकार लगातार स्वयं को किसान हितैषी सरकार बताती है, लेकिन किसानों की आय और खेती की वास्तविक लागत के बीच के अंतर पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।डॉ. उपाध्याय ने कहा—“किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य मिले, यह केवल घोषणा का विषय नहीं बल्कि उसकी मेहनत और आजीविका का सवाल है। जिस तेजी से खेती की लागत बढ़ रही है, उसके मुकाबले ₹72 प्रति क्विंटल की वृद्धि वास्तव में ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ जैसी प्रतीत होती है।”उन्होंने सरकार से मांग की कि धान के समर्थन ₹ ₹3000 प्रति कुंतल करना चाहिए,। आज मूल्य के साथ-साथ किसानों की वास्तविक उत्पादन लागत का व्यापक आकलन किया जाए और ऐसी मूल्य नीति बनाई जाए जिससे किसान को उसकी मेहनत, जमीन, पानी, बीज, खाद, डीजल और मजदूरी का उचित प्रतिफल मिल सके।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को केवल धान खरीद का लक्ष्य घोषित करने के बजाय क्रय केंद्रों पर किसानों को समय पर भुगतान, पारदर्शी तौल, पर्याप्त सुविधाएं और बिना परेशानी के खरीद सुनिश्चित करनी चाहिए। राज्य सरकार ने इस खरीफ सत्र में धान की खरीद 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक कराने की जानकारी दी है।
गढ़वाल विश्वविद्यालय में विश्व फार्मासिस्ट्स दिवस की धूम-नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने का आह्वान
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर के फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग में विश्व फार्मासिस्ट्स दिवस-2026…