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अनंत चतुर्दशी पर भव्य शोभायात्रा, उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना देहरादून। पर्वाधिराज पर्युषण दशलक्षण महापर्व के दसवें दिन अनंत चतुर्दशी...

मसूरी में अंत्योदय के विचारों को याद कर दीनदयाल जयंती पर श्रद्धासुमनअंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का लिया संकल्प में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर शुक्रवार को मसूरी स्थित पंडित दीनदयाल पार्क में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनके विचारों को याद करते हुए श्पंडित दीनदयाल उपाध्याय अमर रहें के नारे लगाए। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान और अंत्योदय का विचार सामने रखा। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद और वंचित वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाना ही उनके विचारों को वास्तविक रूप से आगे बढ़ाना है। पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद की अवधारणा को आगे बढ़ाया और उनका जीवन सादगी, राष्ट्रसेवा तथा समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को उनके विचारों और जीवन से परिचित कराना जरूरी है।पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को हुआ था। भारत सरकार के आधिकारिक विवरणों में उन्हें अर्थशास्त्री, शिक्षाविद, लेखक और पत्रकार के रूप में वर्णित किया गया है तथा एकात्म मानववाद और अंत्योदय को उनके प्रमुख विचारों में शामिल किया गया है। इस अवसर पर मसूरी भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, कुषाल राणा, अनिता धनाई, अमित भट्ट, अनिल गोयल, रणबीर कंडारी, सुनील रतूडी, विजय विंदवाल, सहित कई लोग मौजूद थे।

मसूरी में अंत्योदय के विचारों को याद कर दीनदयाल जयंती पर श्रद्धासुमनअंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का लिया संकल्प में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर शुक्रवार को मसूरी स्थित पंडित दीनदयाल पार्क में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनके विचारों को याद करते हुए श्पंडित दीनदयाल उपाध्याय अमर रहें के नारे लगाए। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान और अंत्योदय का विचार सामने रखा। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद और वंचित वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाना ही उनके विचारों को वास्तविक रूप से आगे बढ़ाना है। पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद की अवधारणा को आगे बढ़ाया और उनका जीवन सादगी, राष्ट्रसेवा तथा समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को उनके विचारों और जीवन से परिचित कराना जरूरी है।पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को हुआ था। भारत सरकार के आधिकारिक विवरणों में उन्हें अर्थशास्त्री, शिक्षाविद, लेखक और पत्रकार के रूप में वर्णित किया गया है तथा एकात्म मानववाद और अंत्योदय को उनके प्रमुख विचारों में शामिल किया गया है। इस अवसर पर मसूरी भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, कुषाल राणा, अनिता धनाई, अमित भट्ट, अनिल गोयल, रणबीर कंडारी, सुनील रतूडी, विजय विंदवाल, सहित कई लोग मौजूद थे।

मसूरी में वंदे मातरम के 150 गौरवशाली वर्ष पर गूंजा राष्ट्रभक्ति का स्वरमसूरी, में वंदे मातरम के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शुक्रवार को महात्मा योगेश्वर सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मसूरी में सामूहिक वंदे मातरम गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं और अतिथियों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम का गायन कर मातृभूमि के प्रति सम्मान और राष्ट्रभावना का संदेश दिया। कार्यक्रम का आयोजन विद्या भारती उत्तराखंड के तत्वावधान में किया गया।कार्यक्रम में रिटायर्ड कर्नल अनिल कुमार, निधि बहुगुणा और मनोज रायल ने वंदे मातरम के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रचेतना से जुड़ी महत्वपूर्ण धरोहर है। वंदे मातरम ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में लोगों में देशप्रेम और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।वक्ताओं ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी और यह उनके प्रसिद्ध उपन्यास आनंदमठ में प्रकाशित हुआ। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह गीत देशवासियों के बीच राष्ट्रभावना का प्रमुख स्वर बना। वर्ष 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ ठाकुर ने इसका गायन किया था। इसके बाद वंदे मातरम स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न चरणों में जनजागरण का महत्वपूर्ण माध्यम बना।रिटायर्ड कर्नल अनिल कुमार ने कहा कि सैनिकों के लिए मातृभूमि सर्वाेच्च होती है और वंदे मातरम शब्दों में इसी भावना की अनुभूति होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से देश की एकता, अखंडता और संस्कृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।निधि बहुगुणा ने कहा कि नई पीढ़ी को देश के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रतीकों की जानकारी होना जरूरी है। वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ विद्यार्थियों को राष्ट्र और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का अवसर है। मनोज रायल ने कहा कि विद्यालयों में इस तरह के आयोजन बच्चों में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम की भावना केवल कार्यक्रम तक सीमित न रहकर दैनिक जीवन में भी दिखाई देनी चाहिए।

मसूरी में वंदे मातरम के 150 गौरवशाली वर्ष पर गूंजा राष्ट्रभक्ति का स्वरमसूरी, में वंदे मातरम के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शुक्रवार को महात्मा योगेश्वर सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मसूरी में सामूहिक वंदे मातरम गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं और अतिथियों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम का गायन कर मातृभूमि के प्रति सम्मान और राष्ट्रभावना का संदेश दिया। कार्यक्रम का आयोजन विद्या भारती उत्तराखंड के तत्वावधान में किया गया।कार्यक्रम में रिटायर्ड कर्नल अनिल कुमार, निधि बहुगुणा और मनोज रायल ने वंदे मातरम के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रचेतना से जुड़ी महत्वपूर्ण धरोहर है। वंदे मातरम ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में लोगों में देशप्रेम और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।वक्ताओं ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी और यह उनके प्रसिद्ध उपन्यास आनंदमठ में प्रकाशित हुआ। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह गीत देशवासियों के बीच राष्ट्रभावना का प्रमुख स्वर बना। वर्ष 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ ठाकुर ने इसका गायन किया था। इसके बाद वंदे मातरम स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न चरणों में जनजागरण का महत्वपूर्ण माध्यम बना।रिटायर्ड कर्नल अनिल कुमार ने कहा कि सैनिकों के लिए मातृभूमि सर्वाेच्च होती है और वंदे मातरम शब्दों में इसी भावना की अनुभूति होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से देश की एकता, अखंडता और संस्कृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।निधि बहुगुणा ने कहा कि नई पीढ़ी को देश के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रतीकों की जानकारी होना जरूरी है। वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ विद्यार्थियों को राष्ट्र और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का अवसर है। मनोज रायल ने कहा कि विद्यालयों में इस तरह के आयोजन बच्चों में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम की भावना केवल कार्यक्रम तक सीमित न रहकर दैनिक जीवन में भी दिखाई देनी चाहिए।

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मसूरी में खेलों का जोश, मार्चपास्ट के साथ 24वीं क्षेत्रीय एथलेटिक्स रैली शुरूसात विद्यालयों के खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, पहले दिन दौड़ से लेकर गोला, चक्का और भाला फेंक में हुआ मुकाबला  सर्वे मैदान में शुक्रवार को खिलाड़ियों के जोश और स्कूल बैंड की धुनों के बीच 24वीं नगर क्षेत्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। निर्मला इंटर कॉलेज के तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में मसूरी के सात विद्यालयों के खिलाड़ियों ने मार्चपास्ट के साथ प्रतियोगिता में कदम रखा। दो दिवसीय आयोजन में छात्र विभिन्न आयु वर्गों की दौड़, लंबी कूद, गोला फेंक, चक्का फेंक और भाला फेंक जैसी स्पर्धाओं में अपना दमखम दिखा रहे हैं। प्रतियोगिता का शुभारंभ पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला ने स्कूल बैंड की धुनों के बीच मार्चपास्ट की सलामी लेने और ध्वजारोहण के साथ किया। संस्कृत विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वस्ति वाचन एवं सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद खिलाड़ियों को खेल भावना और अनुशासन की शपथ दिलाई गई। गत चौंपियन ने मशाल लेकर मैदान का चक्कर लगाया, जिसके बाद मशाल प्रज्वलित कर प्रतियोगिता की औपचारिक शुरुआत की गई। निर्मला इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ब्रदर अल्फोंस तिर्की ने विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे प्रधानाचार्यों, खिलाड़ियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं और अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि जोत सिंह गुनसोला ने खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के लिए खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। हर वर्ष मसूरी के विद्यालयों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है, जो सराहनीय है।प्रतियोगिता के पहले दिन सब-जूनियर बालक वर्ग की 1500 मीटर दौड़ में आरएन भार्गव के राकेश ने पहला और निर्मला इंटर कॉलेज के अनुज मेलवाल ने दूसरा स्थान हासिल किया। गोला फेंक में निर्मला के अमित सिंह पहले और आरएन भार्गव के कल्याण सिंह दूसरे स्थान पर रहे। चक्का फेंक में अमित सिंह ने पहला और सेंट लॉरेंस स्कूल के दिनेश कुमार ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। लंबी कूद में निर्मला के शमशेर अली खान प्रथम और घनानंद के दिनेश कुमार द्वितीय रहे। जूनियर बालक वर्ग की 1500 मीटर दौड़ में सेंट क्लेयर्स स्कूल के सूरज थापा प्रथम और निर्मला के अनुज मेलवाल द्वितीय रहे। 3000 मीटर में सेंट लॉरेंस के शुभम राज ने पहला और निर्मला के अनुज मेलवाल ने दूसरा स्थान पाया। चक्का फेंक में घनानंद के नितिन प्रथम और निर्मला के अर्पित द्वितीय रहे। गोला फेंक में अर्पित ने पहला और नितिन ने दूसरा स्थान हासिल किया। भाला फेंक में अर्पित प्रथम और सेंट लॉरेंस के कार्तिक द्वितीय रहे। सीनियर बालक वर्ग के चक्का फेंक में निर्मला के आर्यन सिंह ने पहला और घनानंद के सूर्यांश ने दूसरा स्थान हासिल किया। गोला फेंक में दिव्यांश नेगी प्रथम और निर्मला के आर्यन द्वितीय रहे। कार्यक्रम का संचालन कंचन रावत और मनीषा धनाई ने किया। इस अवसर पर आरएन भार्गव के प्रधानाचार्य विजय भट्ट, सेंट लॉरेंस की प्रधानाचार्या फातिमा अल्बर्ट, संस्कृत विद्यालय की प्रधानाचार्या मीनाक्षी चौहान, पूर्व आइजी मनोरंजन त्रिपाठी, कामोद शर्मा समेत बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं और अतिथि मौजूद रहे।

मसूरी में खेलों का जोश, मार्चपास्ट के साथ 24वीं क्षेत्रीय एथलेटिक्स रैली शुरूसात विद्यालयों के खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, पहले दिन दौड़ से लेकर गोला, चक्का और भाला फेंक में हुआ मुकाबला  सर्वे मैदान में शुक्रवार को खिलाड़ियों के जोश और स्कूल बैंड की धुनों के बीच 24वीं नगर क्षेत्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। निर्मला इंटर कॉलेज के तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में मसूरी के सात विद्यालयों के खिलाड़ियों ने मार्चपास्ट के साथ प्रतियोगिता में कदम रखा। दो दिवसीय आयोजन में छात्र विभिन्न आयु वर्गों की दौड़, लंबी कूद, गोला फेंक, चक्का फेंक और भाला फेंक जैसी स्पर्धाओं में अपना दमखम दिखा रहे हैं। प्रतियोगिता का शुभारंभ पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला ने स्कूल बैंड की धुनों के बीच मार्चपास्ट की सलामी लेने और ध्वजारोहण के साथ किया। संस्कृत विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वस्ति वाचन एवं सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद खिलाड़ियों को खेल भावना और अनुशासन की शपथ दिलाई गई। गत चौंपियन ने मशाल लेकर मैदान का चक्कर लगाया, जिसके बाद मशाल प्रज्वलित कर प्रतियोगिता की औपचारिक शुरुआत की गई। निर्मला इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ब्रदर अल्फोंस तिर्की ने विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे प्रधानाचार्यों, खिलाड़ियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं और अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि जोत सिंह गुनसोला ने खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के लिए खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। हर वर्ष मसूरी के विद्यालयों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है, जो सराहनीय है।प्रतियोगिता के पहले दिन सब-जूनियर बालक वर्ग की 1500 मीटर दौड़ में आरएन भार्गव के राकेश ने पहला और निर्मला इंटर कॉलेज के अनुज मेलवाल ने दूसरा स्थान हासिल किया। गोला फेंक में निर्मला के अमित सिंह पहले और आरएन भार्गव के कल्याण सिंह दूसरे स्थान पर रहे। चक्का फेंक में अमित सिंह ने पहला और सेंट लॉरेंस स्कूल के दिनेश कुमार ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। लंबी कूद में निर्मला के शमशेर अली खान प्रथम और घनानंद के दिनेश कुमार द्वितीय रहे। जूनियर बालक वर्ग की 1500 मीटर दौड़ में सेंट क्लेयर्स स्कूल के सूरज थापा प्रथम और निर्मला के अनुज मेलवाल द्वितीय रहे। 3000 मीटर में सेंट लॉरेंस के शुभम राज ने पहला और निर्मला के अनुज मेलवाल ने दूसरा स्थान पाया। चक्का फेंक में घनानंद के नितिन प्रथम और निर्मला के अर्पित द्वितीय रहे। गोला फेंक में अर्पित ने पहला और नितिन ने दूसरा स्थान हासिल किया। भाला फेंक में अर्पित प्रथम और सेंट लॉरेंस के कार्तिक द्वितीय रहे। सीनियर बालक वर्ग के चक्का फेंक में निर्मला के आर्यन सिंह ने पहला और घनानंद के सूर्यांश ने दूसरा स्थान हासिल किया। गोला फेंक में दिव्यांश नेगी प्रथम और निर्मला के आर्यन द्वितीय रहे। कार्यक्रम का संचालन कंचन रावत और मनीषा धनाई ने किया। इस अवसर पर आरएन भार्गव के प्रधानाचार्य विजय भट्ट, सेंट लॉरेंस की प्रधानाचार्या फातिमा अल्बर्ट, संस्कृत विद्यालय की प्रधानाचार्या मीनाक्षी चौहान, पूर्व आइजी मनोरंजन त्रिपाठी, कामोद शर्मा समेत बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं और अतिथि मौजूद रहे।

सितारगंज पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर नगर पालिका में श्रद्धांजलि, ‘अंत्योदय’ के संकल्प के साथ जनसेवा का लिया प्रण

सितारगंज पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर नगर पालिका में श्रद्धांजलि, ‘अंत्योदय’ के संकल्प के साथ जनसेवा का लिया प्रण

सितारगंज में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। नगर पालिका परिषद परिसर में...

जिलाधिकारी ने जनपद स्तर पर संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की, पार्किंग के लिए उपयुक्त स्थल चिह्नित करने के निर्देश

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कूड़ा निस्तारण, पर्यटन, यातायात और नशामुक्ति अभियान पर भी हुई चर्चा देहरादून, 25 सितम्बर 2026 (सू॰वि) जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान...

किच्छा में CMO के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, तीन अवैध क्लीनिक सीलकिच्छा, 24 सितंबर 2026:जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऊधमसिंह नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार गोस्वामी के सख्त रुख के बाद आज स्वास्थ्य विभाग ने किच्छा क्षेत्र में एक बड़ा अभियान चलाया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को लगातार क्षेत्र में बिना पंजीकरण और बिना वैध डिग्री के क्लीनिक संचालित होने की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों का कड़ा संज्ञान लेते हुए CMO डॉ. संजीव कुमार गोस्वामी ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कदम उठाने के आदेश जारी किए।मुख्य चिकित्सा अधिकारी के विशेष दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए डॉ. सुधीर गुप्ता के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने आज किच्छा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान टीम ने पाया कि कई क्लीनिक बिना किसी वैध पंजीकरण के चलाए जा रहे थे, जो सीधे तौर पर स्वास्थ्य मानकों का उल्लंघन है।CMO के आदेश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने मौके पर तीन क्लीनिकों को अवैध पाते हुए सील कर दिया

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बालाजी डेंटल क्लीनिक: निरीक्षण के दौरान इस क्लीनिक पर कोई भी अधिकृत डॉक्टर उपस्थित नहीं था। इसके साथ ही क्लीनिक...

संस्कृत स्पर्धाओं में कीर्तिनगर ब्लॉक के छात्र-छात्राओं ने लहराया परचम,विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाओं ने दिखाया दमखम

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टिहरी/कीर्तिनगर/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम् उत्तराखंड सरकार के तत्वावधान में विकासखंड कीर्तिनगर की दो दिवसीय विकासखंड स्तरीय संस्कृत स्पर्धाओं का...

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