श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड की ऐतिहासिक,सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक नगरी श्रीनगर में श्री गणेशोत्सव के पावन अवसर पर एक बार फिर धर्म और अध्यात्म की अविरल गंगा बहने जा रही है। अलकनंदा नदी के पावन तट पर स्थित श्रीक्षेत्र के प्रसिद्ध श्री गणेश मंदिर में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य धार्मिक आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष भक्तों को कूर्म महापुराण की कथा का रसपान करने का सौभाग्य प्राप्त होगा। श्री गणेश महाराज के पावन धाम में 14 सितंबर से कूर्म महापुराण का शुभारंभ होगा,जिसका विराम 25 सितंबर को होगा। आयोजन क्षेत्रवासियों,धर्मप्रेमियों और श्रद्धालु भक्तजनों के सहयोग से किया जा रहा है। कथा को लेकर क्षेत्र में श्रद्धा एवं उत्साह का वातावरण बनने लगा है। श्रीक्षेत्र गणेश मंदिर में धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपरा के तहत प्रत्येक वर्ष अलग-अलग धार्मिक कथाओं का आयोजन किया जाता है। इसका उद्देश्य केवल कथा श्रवण तक सीमित न होकर नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति,धार्मिक परंपराओं,आध्यात्मिक मूल्यों और अपने गौरवशाली धार्मिक इतिहास से जोड़ना भी है। इसी क्रम में इस वर्ष कूर्म महापुराण का आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। कूर्म महापुराण भगवान विष्णु के कूर्म अर्थात कच्छप अवतार से संबंधित महत्वपूर्ण महापुराण है। इसमें धर्म,अध्यात्म,तीर्थ-महिमा,सृष्टि,योग,ज्ञान और मोक्ष सहित अनेक विषयों का वर्णन मिलता है। समुद्र मंथन की प्रसिद्ध पौराणिक कथा में भगवान विष्णु द्वारा कूर्मावतार धारण कर मंदराचल पर्वत को आधार प्रदान करने का प्रसंग विशेष रूप से श्रद्धा एवं आस्था का विषय है। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को यह संदेश भी प्राप्त होगा कि जीवन में धर्म,सत्य,कर्तव्य,भक्ति,संयम और सदाचार का विशेष महत्व है। धार्मिक कथा के विभिन्न प्रसंग भक्तों को आध्यात्मिक चिंतन के साथ जीवन को बेहतर दिशा देने की प्रेरणा प्रदान करेंगे। ऋषि-मुनियों की तपोभूमि,प्राचीन धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध श्रीनगर में अलकनंदा के पावन तट पर स्थित श्री गणेश मंदिर में होने वाला यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव लेकर आएगा। मंदिर परिसर में कथा के दौरान भक्ति,श्रद्धा और धार्मिक वातावरण का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। आयोजकों की ओर से क्षेत्र के सभी भक्त प्रेमियों,धर्मानुरागी श्रद्धालुओं एवं भक्तजनों से अधिक से अधिक संख्या में कथा स्थल पर पहुंचकर कूर्म महापुराण की कथा का श्रवण करने का आह्वान किया गया है। साथ ही धार्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी से सहयोग एवं सहभागिता की अपील की गई है। आयोजन से जुड़े लोगों का कहना है कि धार्मिक कथाएं समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। जब कथा का श्रवण सामूहिक रूप से होता है तो वातावरण में सकारात्मकता,भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। ऐसे आयोजनों में सभी वर्गों की सहभागिता सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता को मजबूती प्रदान करती है।श्रीक्षेत्र गणेश मंदिर में 14 से 25 सितंबर तक चलने वाला कूर्म महापुराण केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं,बल्कि श्रद्धा,संस्कृति,आध्यात्मिक ज्ञान और सामाजिक सहभागिता का पर्व बनने जा रहा है। समस्त क्षेत्रवासियों एवं श्रद्धालु भक्तजनों से आग्रह है कि परिवार सहित कथा स्थल पर पहुंचें,कूर्म महापुराण की अमृतवाणी का श्रवण करें और इस पावन आयोजन के साक्षी बनें। श्री गणेश महाराज सभी भक्तों एवं क्षेत्रवासियों का कल्याण करें,सुख-शांति एवं समृद्धि प्रदान करें।








