राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सितारगंज का प्रांगण मंगलवार को उस समय उत्साह, ऊर्जा और उल्लास से भर उठा, जब “उत्कर्ष” वार्षिकोत्सव एवं छात्रसंघ समारोह (2025-26) का भव्य आयोजन पूरे गरिमामय माहौल में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया। दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ शुरू हुए इस समारोह में मंत्री बहुगुणा ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को तकनीकी दक्षता, व्यवहारिक ज्ञान और स्किल डेवलपमेंट को भी अपनाना होगा, तभी वे भविष्य की चुनौतियों का डटकर सामना कर सकेंगे और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभा पाएंगे। उन्होंने महाविद्यालय में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कंप्यूटर लैब का विधिवत लोकार्पण करते हुए कहा कि यह लैब छात्रों के डिजिटल ज्ञान को नई दिशा देगी और उन्हें तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगी। विशिष्ट अतिथि के रूप मे ब्लॉक प्रमुख उपकार सिंह बल एवं नगर पालिका अध्यक्ष सुखदेव सिंह की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा में चार चांद लगाए। प्राचार्य प्रो. डॉ. रेनू रानी बंसल ने वार्षिक आख्या प्रस्तुत करते हुए महाविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेलकूद उपलब्धियों के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर डॉ. राजबिंदर कौर की पुस्तक का भव्य विमोचन भी किया गया, जो कार्यक्रम का आकर्षण बना। समारोह में मेधावी छात्र-छात्राओं, क्रीड़ा चैम्पियन अजय कुमार तथा विभिन्न संकायों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिससे पूरे परिसर में उत्साह का माहौल बना रहा। छात्रसंघ के निर्वाचित पदाधिकारियों—अध्यक्ष गौरव सिंह फर्त्याल, उपाध्यक्ष कुसुम आर्या, छात्रा उपाध्यक्ष मनीषा कुमारी, सचिव मनोज, संयुक्त सचिव चरनजीत सिंह, कोषाध्यक्ष अजीत कुमार यादव एवं विश्वविद्यालय प्रतिनिधि मुकेश कुमार सहित अन्य प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और भी सफल बनाया। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, स्वागत भाषण, अतिथि सम्मान और छात्रों के जोश से सराबोर इस समारोह ने एक उत्सव का रूप ले लिया, जहां हर चेहरे पर गर्व और खुशी झलक रही थी। महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों के सहयोग से यह आयोजन यादगार बन गया, जिसका समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, लेकिन ‘उत्कर्ष’ की गूंज देर तक परिसर में सुनाई देती








