नई टिहरी में मेडिकल कॉलेज की मांग को स्वामी रसिक महाराज का समर्थन

 

 

 

टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। नई टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब पर्वतीय क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता और जनभावनाओं का महत्वपूर्ण विषय बनता जा रहा है। आंदोलन के 72 वें दिन भी मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर आवाज बुलंद रही। इस बीच सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए इसे टिहरी जनपद के जनहित,स्वास्थ्य सुरक्षा और भविष्य की पीढ़ियों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय बताया है। स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता केवल विकास का मुद्दा नहीं,बल्कि आम नागरिक के जीवन,सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा सवाल है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पहाड़ के लोगों को आज भी गंभीर बीमारियों के उपचार,विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के लिए देहरादून,ऋषिकेश सहित अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में समय,आर्थिक संसाधनों और दूरी की चुनौतियां मरीजों तथा उनके परिजनों की परेशानियों को और बढ़ा देती हैं। उन्होंने कहा कि नई टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार,विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता तथा गंभीर रोगों के उपचार की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही चिकित्सा शिक्षा के इच्छुक स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र के निकट उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बेहतर अवसर मिल सकते हैं। स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि टिहरी गढ़वाल का ऐतिहासिक,सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व रहा है। इसके बावजूद पर्वतीय क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़े,तो यह चिंता का विषय है। पहाड़ों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना समय की आवश्यकता है और इसके लिए दूरदर्शी योजना के साथ ठोस पहल की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना होने पर चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिलने,युवाओं को नए अवसर उपलब्ध होने तथा आसपास के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे को मजबूत करने में सहायता मिल सकती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर सरकार और संबंधित विभागों को गंभीरता से विचार करना चाहिए। जनता की अपेक्षाओं को समझते हुए ऐसा निर्णय लिया जाना चाहिए,जिससे टिहरी जनपद सहित आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को भविष्य में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सके। स्वामी रसिक महाराज ने बताया कि नई टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से संबंधित इस जनहित के विषय को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन तक भी पहुंचाया गया है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय नेतृत्व को क्षेत्र की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं,स्थानीय जनता की भावनाओं और मेडिकल कॉलेज की मांग के महत्व से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सामूहिक जिम्मेदारी है। इस विषय पर जनप्रतिनिधियों,शासन-प्रशासन और संबंधित संस्थाओं को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए आगे आना चाहिए,ताकि जनता की मांग पर सार्थक कार्रवाई हो सके। स्वामी रसिक महाराज ने सरकार से आग्रह किया कि नई टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए। साथ ही इस दिशा में प्रस्ताव की स्थिति,संभावित कार्ययोजना,आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं और आगे की कार्रवाई के संबंध में जनता को स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चल रहा आंदोलन क्षेत्रवासियों की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर चिंता और अपेक्षाओं को सामने लाता है। ऐसे में जनभावनाओं का सम्मान करते हुए संबंधित पक्षों के बीच संवाद स्थापित करना और मांग के व्यावहारिक पहलुओं पर विचार करना आवश्यक है। स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र की आधारशिला होते हैं। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ,सुदृढ़ और गुणवत्तापूर्ण बनाना विकास की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। नई टिहरी में मेडिकल कॉलेज की मांग का सकारात्मक समाधान निकलने से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब निगाहें सरकार और संबंधित जिम्मेदारों के अगले कदम पर टिकी हैं। आंदोलन के 72 वें दिन भी उठ रही यह मांग एक बार फिर इस सवाल को केंद्र में लाती है कि पर्वतीय क्षेत्रों के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ठोस और समयबद्ध पहल कब होगी।