पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल के सतपुली तहसील के अंतर्गत मलेठी गांव में चारापत्ती काटने के…
गंगा दर्शन-उफल्ड़ा मार्ग के डामरीकरण-सुधारीकरण की मांग तेज विधायक पौड़ी को सौंपा गया ज्ञापन
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पौड़ी शहर को कीर्तिनगर,टिहरी,ऋषिकेश और देहरादून जैसे प्रमुख स्थलों से जोड़ने वाला गंगा दर्शन…
बल,बुद्धि,विद्या का संगम हैं,,, वीर हनुमान जीराम भक्त हनुमानजी का जीवन निराभिमान, संवाद कौशल, आदर्शवादिता, संकटमोचन,वीरता, चारित्रिक दृढ़ता, विनम्रता में, निःस्वार्थ सेवाभाव शामिल है ये गुण उन्हें आदर्श सेवक व महाबली बनाते हैं उनके जीवन से प्रबंधन और सफलता की शिक्षा मिलती है उनका जीवन सेवा, न्याय, भक्ति, त्याग और समर्पण का अनुपम उदाहरण है उनका जीवन हमें गुरु भक्ति,मातृ -पितृभक्ति अपने इष्ट प्रभु श्रीराम व माता सीताजी की निःस्वार्थ सेवा व निश्चल भक्ति करने की सीख देता है वह अपने इष्टदेव की प्रसन्नता व भक्ति के लिए निरभिमान व निर्मल मन से किसी भी हद तक जा सकते थे वह प्रेम व करूणा के सागर हैं वह प्रभु श्रीराम के चरित्र को सुनने के रसिया है वह अपनी बड़ाई से प्रसन्न न होकर सभी कार्यों को प्रभुराम के चरणों का प्रताप व आशीर्वाद मानते थे जो उनकी विनम्रता को दर्शाता है उनका चरित्र हमें अन्याय व अधर्म के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा देता हैं उन्हें सकल गुण निधानम,,,, अर्थात उन्हें सभी गुणों की खान कहा जाता है वह ज्ञानियों में अग्रगण्य है उनकी भक्ति से जीवन में मानसिक शान्ति मिलती है डर,चिन्ताए दूर होकर एक सुरक्षा कवच प्राप्त होता है जीवन की दुखों ,रोगो व नकारात्मक ऊर्जा व बाधाओं का नाश होता है वह अष्टनिधि और नवनिधि के दाता हैं उनके पूजन से आत्मविश्वास व एकाग्रता में वृद्धि होती है हमें अनके जीवन के आदर्शों सेवा भक्ति व गुणो को अपने जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता है तभी मनुष्य जीवन की सार्थकता हैप्रस्तुति –नरेश छाबड़ाआ,वा, रूद्रपुर8630769754
बल,बुद्धि,विद्या का संगम हैं,,, वीर हनुमान जीराम भक्त हनुमानजी का जीवन निराभिमान, संवाद कौशल, आदर्शवादिता, संकटमोचन,वीरता, चारित्रिक दृढ़ता, विनम्रता में, निःस्वार्थ सेवाभाव शामिल है ये गुण उन्हें आदर्श सेवक व महाबली बनाते हैं उनके जीवन से प्रबंधन और सफलता की शिक्षा मिलती है उनका जीवन सेवा, न्याय, भक्ति, त्याग और समर्पण का अनुपम उदाहरण है उनका जीवन हमें गुरु भक्ति,मातृ -पितृभक्ति अपने इष्ट प्रभु श्रीराम व माता सीताजी की निःस्वार्थ सेवा व निश्चल भक्ति करने की सीख देता है वह अपने इष्टदेव की प्रसन्नता व भक्ति के लिए निरभिमान व निर्मल मन से किसी भी हद तक जा सकते थे वह प्रेम व करूणा के सागर हैं वह प्रभु श्रीराम के चरित्र को सुनने के रसिया है वह अपनी बड़ाई से प्रसन्न न होकर सभी कार्यों को प्रभुराम के चरणों का प्रताप व आशीर्वाद मानते थे जो उनकी विनम्रता को दर्शाता है उनका चरित्र हमें अन्याय व अधर्म के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा देता हैं उन्हें सकल गुण निधानम,,,, अर्थात उन्हें सभी गुणों की खान कहा जाता है वह ज्ञानियों में अग्रगण्य है उनकी भक्ति से जीवन में मानसिक शान्ति मिलती है डर,चिन्ताए दूर होकर एक सुरक्षा कवच प्राप्त होता है जीवन की दुखों ,रोगो व नकारात्मक ऊर्जा व बाधाओं का नाश होता है वह अष्टनिधि और नवनिधि के दाता हैं उनके पूजन से आत्मविश्वास व एकाग्रता में वृद्धि होती है हमें अनके जीवन के आदर्शों सेवा भक्ति व गुणो को अपने जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता है तभी मनुष्य जीवन की सार्थकता हैप्रस्तुति –नरेश छाबड़ाआ,वा, रूद्रपुर8630769754
जेसीज पब्लिक स्कूल जूनियर के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन समारोह
जेसीज पब्लिक स्कूल जूनियर के नवनिर्मित भवन के उद्घाटन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। विशिष्ट…
नीलकंठ धाम में हनुमान जन्मोत्सव की रही धूम
रूद्रपुर। गंगापुर रोड स्थित श्री नीलकंठ धाम में हनुमान जन्मोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ…
विधायक तिलक राज बेहड़ ने ₹9.40 लाख की लागत के विकास कार्य का किया लोकार्पण, इंदरपुर कालोनी में अंबेडकर द्वार का उद्घाटन
भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने समाज को समानता, शिक्षा और अधिकारों का मार्ग…