भाकपा(माले) ने पत्रकार रूपेश कुमार को गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करने की कार्यवाही को धामी सरकार के इशारे पर लोकतंत्र की हत्या करार दिया।

 

 

 

भाकपा (माले) जिला सचिव ललित मटियाली ने कहा जिस तरह से पुलिस ने रूपेश कुमार को गिरफ्तार किया है पूरा मामला साजिश नजर आता है। यह साजिश स्वतंत्र पत्रकार की आवाज को दबाने के लिए भाजपा सरकार के इशारे पर की गई है। कल मुख्यमंत्री के नेतृत्व में निकलने वाली भाजपा की रैली की विफलता प्रदर्शित करने वाले चैनल की खबर को फेसबुक से हटवा दिया गया।

जाहिर सी बात है कि आमतौर पर सरकार की गलत नीतियों के आलोचक और जन पक्षीय पत्रकारिकता के तौर पर पहचाने जाने वाले रूपेश कुमार के चैनल को पहले तो

इस घटना ने भाजपा सरकार का फासीवादी चरित्र सामने आता है।

ललित मटियाली ने कहा कि भाजपा सुबह लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ की रैली करती है और रात होते होते आलोचक पत्रकार रूपेश कुमार को गिरफ्तार करके अपना लोकतंत्र विरोधी और अराजक चेहरा उजागर कर देती है।

 

भाकपा माले मांग करती है कि पत्रकार रूपेश को तुरंत रिहा किया जाए। भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने कोतवाली पहुंचकर पत्रकारों के प्रदर्शन को समर्थन दिया।