मसूरी में समायरा पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट का शुभारंभ,सांसद नरेश बंसल बोले“गांव और स्थानीय निकायों को मजबूत किए बिना विकसित भारत संभव नहीं”मसूरी के दूधली स्थित सीडर ब्रीज़ विला में रविवार को समायरा पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट के नए परिसर का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में नीति निर्माण, ग्रामीण विकास, स्थानीय शासन और सहकारिता को लेकर कई महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की गई। समारोह में सांसद नरेष बंसल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और ग्रामीण विकास व जमीनी लोकतंत्र को मजबूत बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और फीता काटकर किया गया। नरेष बंसल ने कहा कि भारत के विकास की असली ताकत गांव, ग्राम पंचायतें और स्थानीय निकाय हैं। उन्होंने कहा कि जब तक नीतियां जमीनी जरूरतों के अनुरूप नहीं बनेंगी, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि युवाओं को नीति निर्माण, पंचायत व्यवस्था और ग्रामीण विकास से जोड़ा जाए। उन्होंने समायरा पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के संस्थान लोकतांत्रिक संवाद और शोध को नई दिशा देने का कार्य करेंगे। कार्यक्रम के दौरान संस्थान ने अपनी विभिन्न योजनाओं और आगामी परियोजनाओं की जानकारी दी। संस्थान द्वारा हरियाणा के जींद जिले की ग्राम पंचायत शामलो कला को गोद लेकर वहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ग्रामीण नवाचार प्रयोगशाला स्थापित करने और कचरा प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण पर कार्य करने की जानकारी दी गई।इसके साथ ही उत्तराखंड के नैनीताल जिले में पर्यावरण अनुकूल और मिट्टी के घरों के निर्माण को बढ़ावा देने की पहल का भी उल्लेख किया गया। संस्थान ने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों पर आधारित टिकाऊ विकास मॉडल को बढ़ावा देना समय की जरूरत है।कार्यक्रम में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की स्मृति में “लोकनायक ग्रामीण फैलोशिप” शुरू करने की घोषणा भी की गई। यह पहल एवीएआरडी के सहयोग से शुरू की जा रही है, जिसका उद्देश्य युवाओं को ग्रामीण शासन, लोकतंत्र और सामुदायिक विकास से जोड़ना है। संस्थान ने श्रीपाद सुबराव तलमाकी सहकारी अनुसंधान विभाग की स्थापना की भी घोषणा की। यह विभाग भारत के सहकारिता आंदोलन के जनक माने जाने वाले श्रीपाद सुबराव तालमाकी के नाम पर स्थापित किया गया है और सहकारिता प्रणाली से जुड़े शोध, नीति निर्माण और संस्थागत सहयोग पर कार्य करेगा। कार्यक्रम में, सुनीता कुडले, नित्या नंदा, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला , वार्ड सदस्य जसबीर कौर, अल्का भिन्डे, राजवीर चटर्जी, कमलकांत पाठक सहित संख्या में नीति विशेषज्ञ, शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि, शोधकर्ता, छात्र और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग मौजूद रहे।

देहरादून , मनमोहन शर्मा अध्यक्ष अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा उत्तराखंड ने जानकारी दी की मुख्यमंत्री पुष्कर…

देहरादून ,विकास लोक सहस्त्रधारा रोड पर जयसवाल निवास पर हो रही श्रीमद् भागवत कथा के पंचम…

देवभूमि सनातनी एकता मंच एवं *डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ उत्तराखंड देहरादून* ने मिलकर आज झालमुरी वितरण का कार्यक्रम…

देहरादून , भाजपा द्वारा महिला विरोधी रवैए और मातृ शक्ति के विषयों पर झूठ फैलाकर भाजपा…

भगवान के प्रकट होते ही प्रकृति निर्मल हो गई कलियुग में भागवत कथा ही ईश्वर से…

मसूरी में फ्लैशलाइट और हूटर लगाकर वीआईपी रौब झाड़ना पड़ा भारी, मसूरी पुलिस ने सीज की कार पर्यटन सीजन के बीच मसूरी पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत नियम तोड़कर वीआईपी रौब गांठने वालों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बुधवार की देर षाम को मसूरी के लाइब्रेरी चौक पर चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने लाल-नीली फ्लैशलाइट, हूटर और काले शीशों वाली एक लग्जरी कार को पकड़कर सीज कर दिया।जानकारी के अनुसार कोतवाली मसूरी पुलिस लाइब्रेरी चौक पर सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान कैंपटी रोड की ओर से एक काले रंग की मारुति सियाज कार ( आरजे 45-सीवी-6666) फ्लैशलाइट जलाते हुए तेज रफ्तार में मसूरी की ओर आती दिखाई दी। कार पर लाल-नीली बत्ती और हूटर लगा होने से पुलिस को संदेह हुआ, जिस पर वाहन को तुरंत रोक लिया गया।पुलिस पूछताछ में चालक ने खुद को केंद्रीय मंत्रालय का अधिकारी बताते हुए पुलिसकर्मियों पर प्रभाव बनाने की कोशिश की, लेकिन जब उससे वाहन के वैध दस्तावेज और ड्राइविंग लाइसेंस मांगा गया तो वह कोई मूल दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। जांच में यह भी सामने आया कि चालक चप्पल पहनकर वाहन चला रहा था और कार पर अवैध काली फिल्म भी लगी हुई थी।सख्ती से पूछताछ करने पर चालक ने स्वीकार किया कि उसने जाम और टोल टैक्स से बचने तथा रास्तों में वीआईपी ट्रीटमेंट पाने के लिए वाहन पर फ्लैशलाइट और हूटर लगाया था। इसके बाद पुलिस ने मौके पर ही हूटर और फ्लैशलाइट उतरवाकर वाहन को सीज कर दिया।मसूरी कोतवाल देवेन्द्र चौहान पुलिस ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर ऑपरेशन प्रहार के तहत पूरे जनपद में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने, फर्जी वीआईपी कल्चर दिखाने और कानून व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।पर्यटन सीजन में मसूरी में बढ़ते ट्रैफिक और वीआईपी कल्चर के बीच पुलिस की इस कार्रवाई को आम लोगों ने भी सराहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई लोग लाल-नीली बत्ती और हूटर लगाकर नियमों को ताक पर रख देते हैं, जिससे आम जनता को परेशानी होती है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।

मसूरी में षौच के दौरान 100 मीटर गहरी खाई में गिरा युवक, मसूरी पुलिस और फायर टीम ने रात में चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी में मंगलवार देर रात बड़ा हादसा टल गया, जब धनोल्टी रोड पर एक युवक अचानक करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस, फायर सर्विस और 108 एंबुलेंस की टीम ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर घायल युवक को सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। जानकारी के अनुसार बुधवार की देर रात करीब 12 बजे एक व्यक्ति ने मसूरी पुलिस को सुचना दी कि वुड स्टॉक स्कूल से आगे धनोल्टी रोड पर एक व्यक्ति सड़क से नीचे खाई में गिर गया है। सूचना मिलते ही कोतवाली मसूरी पुलिस आपदा उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। वहीं फायर सर्विस मसूरी और 108 एंबुलेंस की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई। अंधेरी रात और दुर्गम खाई के बावजूद पुलिस और फायर कर्मियों ने रस्सियों व अन्य आपदा उपकरणों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया और करीब 100 मीटर नीचे गिरे युवक को बाहर निकाला। घायल युवक की पहचान नरेश पुत्र हुकम सिंह निवासी सिविल रोड, रावत मेडिकल स्टोर मसूरी, उम्र 32 वर्ष के रूप में हुई। रेस्क्यू के बाद युवक को तुरंत 108 एंबुलेंस से सिविल अस्पताल मसूरी पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके सिर पर गंभीर चोट होने पर पांच टांके लगाए। सूचना मिलने पर युवक के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। प्राथमिक उपचार के बाद युवक को परिजन अपने साथ घर ले गए।पुलिस जांच में सामने आया कि युवक सड़क किनारे लघुशंका करने के दौरान संतुलन बिगड़ने से खाई में गिर गया था। स्थानीय लोगों ने पुलिस, फायर सर्विस और 108 टीम के त्वरित रेस्क्यू अभियान की सराहना की है, जिसकी बदौलत युवक की जान बच सकी।

9 करोड़ की मसूरी माल रोड बदहाल, मोती लाल नेहरू मार्ग की सडक में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क’ , पूव ्रपालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल ने पीडब्लूडी पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोपमसूरी,पर्यटन नगरी मसूरी की बदहाल सड़कों को लेकर पूर्व पालिका अध्यक्ष ओपी उनियाल ने लोक निर्माण विभाग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने माल रोड और मोतीलाल नेहरू मार्ग की खराब हालत को लेकर विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।पत्रकारों से वार्ता करते हुए ओपी उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड सरकार और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के प्रयासों से करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से माल रोड का सौंदर्यीकरण और डामरीकरण कराया गया था, लेकिन विभागीय इंजीनियरों की लापरवाही के चलते आज माल रोड की हालत फिर बदतर हो गई है। उन्होंने कहा कि बरसात शुरू होते ही करीब दो किलोमीटर लंबी माल रोड पर कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन रही है, जिससे पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। सड़क किनारे बनी नालियां मलबे और गंदगी से पटी पड़ी हैं, जबकि पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है।ओपी उनियाल ने मोतीलाल नेहरू मार्ग की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से हुए डामरीकरण कार्य की गुणवत्ता इतनी खराब रही कि छह महीने के भीतर ही सड़क जगह-जगह टूट गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब यह समझना मुश्किल है कि “सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क।” उन्होंने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि खराब निर्माण कार्यों से सरकार और जनप्रतिनिधियों की छवि भी प्रभावित हो रही है। पूर्व पालिका अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिलाधिकारी देहरादून से मांग की कि माल रोड और मोतीलाल नेहरू मार्ग पर हुए निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सरकारी धन की रिकवरी की जाए।

दो किश्तें बकाया होने पर फाइनेंस कंपनी पर वाहन कब्जाने का आरोप, कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शनरुद्रपुर। खेड़ा निवासी युवा व्यापारी इरफान अली ने चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इरफान अली के अनुसार उन्होंने लगभग दो वर्ष पूर्व कंपनी से डिजायर कार फाइनेंस करवाई थी। पिछले दिनों उनके बेटे को स्पाइनल कॉर्ड से संबंधित गंभीर बीमारी होने के कारण उपचार में करीब 15 लाख रुपये खर्च हो गए, जिससे आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई और वाहन की दो किश्तें समय पर जमा नहीं हो सकीं।आरोप है कि 3 मई को चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने हरिद्वार में वाहन को रोककर उसमें सवार यात्रियों को बीच रास्ते उतार दिया तथा गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद जब इरफान अली रुद्रपुर स्थित कंपनी कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से वार्ता की, तो कंपनी कर्मचारियों द्वारा दूसरी गाड़ी, जिसे कंपनी ने नहीं रोका था, उसकी भी किश्तों का हिसाब जोड़ते हुए अतिरिक्त चार्ज लगाए जाने की बात कही गई।इरफान अली का कहना है कि उन्होंने बकाया दो किश्तें जमा करने की बात कही, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया। इसके विरोध में सोमवार को चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने ढोल बजाकर कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की।मामले की गंभीरता को देखते हुए आवास विकास चौकी पुलिस एवं एलआईयू की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। पुलिस प्रशासन द्वारा चोलामंडलम कंपनी के रीजनल मैनेजर शिवराज ब्रिज से फोन पर वार्ता कराई गई, जिसमें बुधवार सुबह मामले के निस्तारण का आश्वासन दिया गया। इसके बाद धरना-प्रदर्शन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।धरना-प्रदर्शन में मोहन खेड़ा, संजय जुनेजा, सौरभ राज बेहड़, परवेज कुरेशी, उमर अली, मोनिका ढाली, मोहम्मद अशफाक अंसारी, रणजीत सिंह राणा, अनंत बिश्नोई, मारूफ, रेहान, ताहिर, हैरी पन्नू, समप्रीत ग्रोवर, गौरव कुमार, गोविंद सिंह, सरजू सिंह सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।