रूद्रपुर। शहर में पिछले दिनों शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों में हुई चोरी की वारदातों के व्यापारियों…
Category: उत्तराखण्ड
माता जी की आँखों से दुनिया देखेंगे दो लोग। जाते जाते किया महादान।
वसुधैब कुटुम्बकम् काशीपुर के तत्वधान में 49वां नेत्रदान संपन्न। ब्रह्मालीन श्री मति राजरानी मित्तल जी (पत्नी…
भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री ने त्रिशूल चौक की भव्यता को सराहा
रुद्रपुर। भारतीय जनता पार्टी की दो दिवसीय प्रांतीय प्रशिक्षण कार्यशाला के समापन के उपरांत संगठन के…
मसूरी तिलक मेमोरियल लाइब्रेरी में अवैध निर्माण का विरोध, स्थानीय लोगों ने किया प्रदर्शनऐतिहासिक धरोहर को व्यवसायिक केंद्र बनाने का लगाया आरोपकहा- लाइब्रेरी परिसर में बनाई जा रही दुकानों को तत्काल रोका जाएमसूरी, पर्यटन नगरी मसूरी की ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल तिलक मेमोरियल लाइब्रेरी में कथित अवैध निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। षनिवार को बड़ी संख्या में स्थानीय लोग तिलक रोड स्थित लाइब्रेरी परिसर के बाहर एकत्रित हुए और लाइब्रेरी संचालकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए निर्माण कार्य को रुकवा दिया। प्रदर्शन कर रहे मेघ सिंह कंडारी, गौरव गुप्ता, सचिन गुहेर, प्रताव पवार, दिनेष चंदोला, जगपाल गुसाई, सुनील कुमार का आरोप है कि लाइब्रेरी परिसर में अनाधिकृत रूप से दुकानों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे इस ऐतिहासिक धरोहर की मूल पहचान और स्वरूप को नुकसान पहुंच रहा है। लोगों ने कहा कि तिलक मेमोरियल लाइब्रेरी को शिक्षा, पठन-पाठन और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए उपयोग किया जाना चाहिए, लेकिन तिलक मेमोरियल लाइब्रेरी समिति के पदाधिकारी इसे व्यवसायीकरण का केंद्र बनाने में जुटे हुए हैं। उन्होने कहा कि कुलड़ी क्षेत्र में स्थित तिलक मेमोरियल लाइब्रेरी वर्ष 1920 में स्थापित हुई थी और यह मसूरी की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर है। उन्होंने कहा कि यह भवन स्वतंत्रता से पूर्व का है और लंबे समय से आम जनता के लिए ज्ञान और अध्ययन का केंद्र रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में लाइब्रेरी परिसर में कई अवैध निर्माण किए गए हैं और अब तिलक रोड की ओर दुकानों के रूप में नए निर्माण का प्रयास किया जा रहा है, जो पूरी तरह नियमों के विपरीत है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस अवैध निर्माण को तत्काल नहीं रोका गया तो उन्हें आंदोलन तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शहर की ऐतिहासिक धरोहरों को बचाना सभी की जिम्मेदारी है और किसी भी हाल में उन्हें व्यावसायिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान लोगों ने मांग की कि प्रशासन तत्काल निर्माण कार्य की जांच कराए और यदि निर्माण अवैध पाया जाता है तो उसे तुरंत हटाने की कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मसूरी की पहचान उसकी ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक धरोहरों और प्राकृतिक सौंदर्य से है। यदि इस प्रकार लगातार पुरानी इमारतों और धरोहर स्थलों का व्यवसायीकरण होता रहा तो शहर की ऐतिहासिक पहचान खत्म हो जाएगी। फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन विरोध के बाद निर्माण कार्य रुक गया है और लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
मसूरी माल रोड पर अनियंत्रित गोल्फ कार्ट दुकान में घुसी, बड़ा हादसा टलाब्रॉडवे आई की दुकान में घुसने से मची अफरा-तफरी, एक बालिका घायलगोल्फ कार्ट संचालन को लेकर फिर उठे सवाल, लोगों ने बंद करने की मांग की पर्यटन नगरी मसूरी के माल रोड पर रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक अनियंत्रित गोल्फ कार्ट अचानक ब्रॉडवे ऑप्टिकल की दुकान में जा घुसी। हादसे के दौरान दुकान के बाहर खड़े लोग बाल-बाल बच गए, जबकि एक बालिका को हल्की चोट आने की सूचना है। घटना के बाद क्षेत्र में काफी देर तक हड़कंप का माहौल बना रहा।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गोल्फ कार्ट अचानक अनियंत्रित हो गई और तेज रफ्तार में सीधे दुकान की ओर बढ़ गई। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, गोल्फ कार्ट दुकान के बाहर बने हिस्से से टकराते हुए अंदर जा घुसी। हादसे के समय वहां काफी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग मौजूद थे। घटना की सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस और नगर पालिका प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने गोल्फ कार्ट चालक और संचालन व्यवस्था को लेकर जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।ब्रॉडवे ऑपटीकलस दुकान के मालिक अनीष अग्रवाल ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि माल रोड पर गोल्फ कार्ट का संचालन पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही के कारण बिना नियम-कानून के गोल्फ कार्ट संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि गोल्फ कार्ट में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं और कई बार अनुभवहीन चालक भी इन्हें चला रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उनका कहना था कि माल रोड जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में स्पीड ड्राइविंग बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। स्थानीय व्यापारियों और लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि माल रोड पर गोल्फ कार्ट संचालन को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। लोगों का कहना है कि यदि संचालन जारी रखना है तो इसके लिए स्पष्ट नियम बनाए जाएं और उनका सख्ती से पालन कराया जाए। मजदूर संध के अध्यक्ष रणजीत सिंह चौहान ने कहा कि गौल्फ कार्ट का चालक कार्ट में चाबी लगाकर सामने खडी गैस की गाडी चालक से बात करने चला गसा तभी एक व्यक्ति ने कार्ट में चाबी घूमकर स्टार्ट कर दी और गोल्फ कार्ट अनियंत्रित हो गई । उन्होने कहा कि गोल्फ कार्ट में उस समय कोई नही था। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि वह पूर्व में ही माल रोड से गोल्फ कार्ट संचालन बंद कराने का प्रस्ताव पास कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि गोल्फ कार्ट संचालकों ने कोर्ट से स्टे लिया हुआ है, जिसके कारण पालिका की कार्रवाई सीमित हो गई है। पालिका अध्यक्ष ने कहा कि यदि भविष्य में इस प्रकार की कोई दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी उन संगठनों और संचालकों की होगी, जो गोल्फ कार्ट का संचालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर पालिका पहले ही सुरक्षा संबंधी चिंताओं को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट कर चुकी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने गोल्फ कार्ट से पहुंचकर किया मसूरी पब्लिक स्कूल मेले का उद्घाटनइंधन बचाने की अपील के साथ स्कूल को दो स्मार्ट बोर्ड देने की घोषणाबोले- देश कठिन दौर से गुजर रहा, सभी लोग करें सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग पर्यटन नगरी मसूरी में आयोजित मसूरी पब्लिक स्कूल के वार्षिक मेले का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया। इस दौरान मंत्री गणेश जोशी ने माल रोड से स्कूल तक गोल्फ कार्ट के माध्यम से पहुंचकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण और इंधन बचत का संदेश दिया।कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि वर्तमान समय में देश कई वैश्विक चुनौतियों और आर्थिक परिस्थितियों से जूझ रहा है। ऐसे समय में सभी नागरिकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को गंभीरता से लेते हुए पेट्रोल और डीजल की बचत के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को जहां तक संभव हो निजी वाहनों का कम उपयोग करना चाहिए और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना चाहिए। इससे न केवल इंधन की बचत होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में भी मदद मिलेगी। मेले के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और वहां लगाए गए व्यंजनों का स्वाद भी लिया। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से आग्रह किया कि भविष्य में आयोजित होने वाले ऐसे मेलों में स्थानीय और पारंपरिक उत्पादों से बने व्यंजनों को भी प्रमुखता दी जाए, ताकि स्थानीय उत्पादों को बाजार मिल सके और क्षेत्रीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हों।कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने स्कूल प्रबंधन की मांग पर मुसूरी पब्लिक स्कूल को दो स्मार्ट बोर्ड देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा के इस दौर में डिजिटल तकनीक बेहद आवश्यक हो चुकी है और बच्चों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना समय की जरूरत है। इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाचार्य विशाल सिंह ने कैबिनेट मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मंत्री गणेश जोशी हमेशा शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक प्रयास करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो स्मार्ट बोर्ड मिलने से स्कूल के छात्र-छात्राओं को आधुनिक डिजिटल शिक्षा का लाभ मिलेगा और उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार आएगा। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने भी लोगों से इंधन बचाने और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूक होने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव संभव हैं और मसूरी जैसे पर्यटन शहर में पर्यावरण संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है।
मसूरी अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, स्वास्थ्य सुविधाओं पर जताई सख्तीबोले- मरीजों को बाहर की दवा लिखी तो होगी कार्रवाईमोतीलाल नेहरू मार्ग की बदहाल स्थिति पर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को लगाई फटकार कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने शनिवार को मसूरी स्थित उप जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए और अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के रहते मरीजों को बाहर की दवाइयां न लिखी जाएं। उन्होंने कहा कि यदि अस्पताल में संसाधनों की कोई कमी है तो उसकी जानकारी सीधे शासन स्तर तक पहुंचाई जाए ताकि समय पर समाधान किया जा सके। मंत्री के निरीक्षण के दौरान अस्पताल की स्टाफ नर्सों और कर्मचारियों ने फोर्थ क्लास कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सफाई व्यवस्था और अन्य आवश्यक कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है। इस पर गणेश जोशी ने अधिकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वह जल्द स्वास्थ्य सचिव से वार्ता कर इस दिशा में आवश्यक कदम उठाएंगे, ताकि अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराया जा सके और मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में बने पांच बेड के आईसीयू को लेकर भी चर्चा हुई। अस्पताल प्रबंधन ने मंत्री को बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी के कारण आईसीयू का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। इस पर मंत्री ने कहा कि आईसीयू को जल्द संचालित कराने के लिए आवश्यक स्टाफ और विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति को लेकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों की सुविधा सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने यह भी बताया कि मसूरी में लंबे समय से लंबित पोस्टमार्टम हाउस निर्माण की दिशा में भी कार्रवाई चल रही है और संबंधित विभागों से लगातार समन्वय किया जा रहा है।मोतीलाल नेहरू मार्ग की बदहाल स्थिति पर जताई नाराजगीअस्पताल निरीक्षण के बाद कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी माल रोड और मोतीलाल नेहरू मार्ग का भी निरीक्षण किया। सड़क की खराब स्थिति और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी देखकर मंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि लापरवाह अधिकारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।मंत्री ने कहा कि लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से मोतीलाल नेहरू मार्ग का निर्माण कराया गया था, लेकिन सड़क की हालत देखकर साफ प्रतीत हो रहा है कि कार्य की गुणवत्ता में गंभीर कमी रही है। उन्होंने तत्काल सड़क की मरम्मत और सुधार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सड़क किनारे रेलिंग लगाने, ब्लॉक नालियों की मरम्मत और कल्वर्ट निर्माण कार्यों को भी बरसात से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए।गणेश जोशी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बरसात शुरू होने से पहले सभी जरूरी कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने भी सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं उनके सामने रखीं, जिस पर उन्होंने जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी, मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, कुषाल राणा, सभासद विषाल खरोला, पूर्व मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल, विजय रमोला, सतीश ढौंडियाल, अतुल अग्रवाल, रणवीर कंडारी, उज्जवल नेगी सहित कई लोग मौजूद थे।
मसूरी शहीद स्थल पहुंचे धीरेंद्र प्रताप, राज्य आंदोलनकारियों के मुद्दों पर सरकार को घेरा,बोले- भ्रष्टाचार, पेपर लीक और महिला अपराधों से राज्य की छवि हो रही धूमील कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी धीरेंद्र प्रताप ने शनिवार को मसूरी स्थित शहीद स्थल पहुंचकर उत्तराखंड आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। शहीद स्थल पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि जिन मूल मुद्दों और जनभावनाओं को लेकर उत्तराखंड राज्य निर्माण की लड़ाई लड़ी गई थी, आज सरकार उन्हें पूरी तरह भूल चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार, महिलाओं पर बढ़ते अपराध और लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों ने युवाओं और आम जनता का भरोसा तोड़ा है। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि उत्तराखंड राज्य महिलाओं और आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान से बना है, लेकिन आज सबसे अधिक अत्याचार महिलाओं पर ही हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि महिला अपराध के मामलों में उत्तराखंड देश के पर्वतीय राज्यों में सबसे ऊपर पहुंच गया है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन के दौरान “पानी और जवानी” बचाने की लड़ाई लड़ी गई थी, लेकिन आज युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं और प्रदेश भ्रष्टाचार की गिरफ्त में है। उन्होंने पेपर लीक मामलों को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि अन्य देशों में परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने के लिए सख्त व्यवस्थाएं हैं, जबकि उत्तराखंड में आए दिन पेपर लीक होने से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की लंबे समय से उपेक्षा की जा रही है और आज भी कई वास्तविक आंदोलनकारी चिन्हीकरण से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि जब वह पूर्व उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी परिषद के अध्यक्ष थे, तब उन्होंने चिन्हीकरण की प्रक्रिया शुरू करवाई थी, लेकिन आज भी कई पात्र आंदोलनकारियों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि आगामी छह माह के भीतर राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाए और जिलाधिकारियों को इस संबंध में विवेकाधीन अधिकार दिए जाएं। साथ ही आंदोलनकारियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान सुविधाएं और सम्मान दिया जाए। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों को राजनीति में भी उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए और सभी दलों को उन्हें चुनाव में टिकट देने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने प्रदेश में विधान परिषद गठन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इस दौरान उन्होंने अंकिता भंडारी प्रकरण का भी जिक्र करते हुए कहा कि न्याय की लड़ाई लगातार जारी है और सरकार को इस मामले में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। कार्यक्रम में शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता, महेश चंद, राजीव अग्रवाल, दर्शन रावत, कांग्रेस प्रदेश महासचिव हरिकृष्ण भट्ट, कमला पांडे, सावित्री नेगी तथा कांग्रेस प्रवक्ता महेश जोशी सहित कई राज्य आंदोलनकारी और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
स्वास्थ्य केंद्रों की हकीकत देख भड़का प्रशासन,औचक निरीक्षण में कई कर्मचारी ड्यूटी से गायब
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति उस समय उजागर हो गई जब…
अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में शीघ्र होगी शिक्षकों की तैनाती–डॉ.धन सिंह रावत
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। राज्य के सभी अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर एक सप्ताह…