दिसंबर तक विद्यालयों बदलेगी विद्यालयों की तस्वीर,हाईस्कूल-इंटर के विद्यार्थियों को टैबलेट और हर इंटर कॉलेज में जिम की सौगात देंगे–डॉ.धन सिंह रावत

 

श्रीनगर गढ़वाल। प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़,आधुनिक एवं गुणवत्तापरक बनाने के उद्देश्य से शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने श्रीनगर स्थित सीओ कार्यालय के सभागार में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने क्षेत्र के विद्यालयों में शैक्षिक व्यवस्थाओं,आधारभूत सुविधाओं,शिक्षकों की उपलब्धता तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तारपूर्वक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिक्षा मंत्री डॉ.रावत ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की शत-प्रतिशत उपलब्धता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। किसी भी विद्यार्थी को विद्यालय में आवश्यक सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई के दौरान परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में शौचालय,स्वच्छ पेयजल,विद्युत व्यवस्था,भवन,चारदीवारी,खेल मैदान,खेल सामग्री और ओपन जिम सहित सभी आवश्यक सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का विस्तृत आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों से संबंधित निर्धारित 12 प्रकार के कार्यों को आगामी दिसंबर माह तक शत-प्रतिशत पूर्ण किया जाए। इसके लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी तय करते हुए नियमित निगरानी करने तथा निर्माण एवं सुधार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों और अन्य शैक्षिक आवश्यकताओं की जानकारी लेकर उनके समाधान के लिए भी आवश्यक कदम उठाने को कहा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना बेहद आवश्यक है। इसी दिशा में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को टैबलेट वितरित किए जाएंगे,जिससे उन्हें डिजिटल शिक्षा एवं आधुनिक अध्ययन संसाधनों का लाभ मिल सकेगा। इसके अतिरिक्त प्रदेश के प्रत्येक इंटर कॉलेज में जिम तथा आवश्यक खेल सामग्री उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए,बल्कि विद्यार्थियों का शारीरिक,मानसिक,बौद्धिक एवं रचनात्मक विकास भी समान रूप से आवश्यक है। विद्यालयों में वार्षिकोत्सव आयोजित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा,ताकि छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा,कला और कौशल प्रदर्शित करने के लिए उचित मंच मिल सके। डॉ.धन सिंह रावत ने विद्यार्थियों को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से बचाने और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देना समय की आवश्यकता है।‌इसके लिए प्रत्येक विकासखंड में मैराथन आयोजित की जाएगी,ताकि विद्यार्थियों में खेल भावना,अनुशासन,शारीरिक स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि टैबलेट वितरण,खेल सामग्री,जिम की सुविधा और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ स्वस्थ एवं सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना है। युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखकर खेल,व्यायाम और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना सामूहिक जिम्मेदारी है। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों की आवश्यकताओं का धरातलीय निरीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना तैयार की जाए। योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से विद्यार्थियों तक पहुंचे,इसके लिए नियमित समीक्षा एवं प्रभावी निगरानी भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा,बेहतर शैक्षिक वातावरण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार कर शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देना सरकार का संकल्प है। बैठक में शिक्षा विभाग के अपर निदेशक परमेंद्र बिष्ट,मुख्य शिक्षा अधिकारी अत्रेश सयाना,जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) अंशुल बिष्ट सहित विभिन्न विकासखंडों के खंड शिक्षा अधिकारी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष कमल किशोर रावत,श्रीनगर मंडल अध्यक्ष विनय घिल्डियाल,जिला महामंत्री गणेश भट्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।