देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों के अधिकारी एवं कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों एवं समस्याओं को लेकर स्वास्थ्य महानिदेशालय देहरादून में चिकित्सा विभाग से जुड़े संगठनों के प्रांतीय पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न संवर्गों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर अपने सामूहिक हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया तथा शासन एवं विभागीय स्तर पर लंबित प्रकरणों के शीघ्र समाधान की मांग की। बैठक में प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ पीएमएचएस,चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य संघ,स्वास्थ्य विभागीय लिपिकीय कर्मचारी संघ,डिप्लोमा फार्मेसी संघ,नर्सिंग संघ,प्रयोगशाला प्राविधिक संवर्ग सहित अन्य विभागीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न संवर्गों की समान एवं सामूहिक समस्याओं को एक मंच पर लाकर उनके समाधान के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना रहा। बैठक में कतिपय जनपदों में पूर्व से संचालित जिला चिकित्सालयों को निकटवर्ती चिकित्सा महाविद्यालयों के दृष्टिगत अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि जिला चिकित्सालय पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण रीढ़ हैं। ऐसे में इनके अस्तित्व एवं संचालन को प्रभावित करने वाले किसी भी निर्णय से आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। संगठनों ने मांग की कि वर्तमान में संचालित जिला चिकित्सालयों को यथावत रखा जाए तथा स्थानीय जनता को उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं को किसी भी स्थिति में कमजोर न किया जाए। बैठक में सुगम एवं दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण तथा तैनाती की व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने कहा कि स्थानांतरण एवं तैनाती में पारदर्शिता,समानता और न्यायसंगत व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। निर्धारित नियमों एवं स्थानांतरण अधिनियम का पूर्ण अनुपालन किए जाने पर विशेष जोर दिया गया। विभिन्न संवर्गों में लंबे समय से लंबित संवर्ग पुनर्गठन,पदों के पुनर्निर्धारण एवं पदोन्नति से जुड़े प्रकरणों को भी बैठक में प्रमुखता से उठाया गया। संगठनों ने कहा कि लंबित मामलों के कारण अधिकारी एवं कर्मचारियों को लंबे समय से अपने सेवा लाभों का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसलिए इन प्रकरणों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाना आवश्यक है। स्वास्थ्य संस्थानों में भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों आईपीएचएस के अनुसार आवश्यक मानव संसाधन एवं पदों का निर्धारण करने की मांग भी उठी। पदाधिकारियों ने कहा कि स्वीकृत पदों के अनुरूप अधिकारी एवं कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित होने से ही स्वास्थ्य सेवाओं को अपेक्षित मजबूती मिल सकती है। पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में चिकित्सकीय एवं स्वास्थ्यकर्मी उपलब्धता को विशेष प्राथमिकता दिए जाने की आवश्यकता बताई गई। डिप्लोमा फार्मेसी संवर्ग के पूर्व निर्धारित पदों का पुनः निर्धारण किए जाने की मांग बैठक में प्रमुखता से रखी गई। पदाधिकारियों ने कहा कि पदों के उचित पुनर्निर्धारण से संवर्ग के अधिकारी एवं कर्मचारियों को पदोन्नति तथा अन्य सेवा संबंधी अवसरों का समुचित लाभ मिल सकेगा। अधिकारी एवं कर्मचारियों के स्वर्णिम स्वास्थ्य कार्ड से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर भी चर्चा हुई। संगठनों ने स्वास्थ्य कार्ड व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं सुगम बनाने तथा बिना नकद भुगतान के चिकित्सा सुविधा का लाभ लेने में आ रही दिक्कतों का शीघ्र समाधान किए जाने की मांग की। बैठक में पुरानी पेंशन योजना ओपीएस की बहाली का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कर्मचारी संगठनों ने कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली अधिकारी एवं कर्मचारियों के भविष्य की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। संगठनों ने शासन स्तर पर इस मांग पर सकारात्मक एवं शीघ्र कार्रवाई किए जाने की मांग की। बैठक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू विभिन्न विभागीय संगठनों को एकजुट कर जल्द ही एक महासंगठन बनाए जाने को लेकर हुआ विचार-विमर्श रहा। पदाधिकारियों का मानना था कि अलग-अलग संवर्गों की समान मांगों को एक मजबूत एवं साझा मंच से शासन के समक्ष रखने पर समस्याओं के समाधान की दिशा में अधिक प्रभावी ढंग से आवाज उठाई जा सकेगी। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि अधिकारी एवं कर्मचारियों के हितों से जुड़े सामूहिक विषयों को प्राथमिकता के साथ चिन्हित कर शासन एवं विभागीय अधिकारियों के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा। साथ ही सभी संगठनों के बीच आपसी समन्वय एवं संवाद को और अधिक मजबूत किया जाएगा। बैठक में प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.रमेश कुंवर एवं महामंत्री डॉ.यशपाल तोमर,चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय नेगी एवं प्रदेश महामंत्री गिरीश तिवारी,डिप्लोमा फार्मेसी संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुधा कुकरेती,नर्सिंग संघ की प्रदेश अध्यक्ष भारती जुयाल,प्रयोगशाला प्राविधिक संवर्ग से राकेश बड़वाल सहित अन्य विभागीय संगठनों के पदाधिकारियों ने अपने विचार एवं सुझाव रखे। सभी पदाधिकारियों ने कर्मचारी हितों से जुड़े विषयों पर आपसी समन्वय एवं एकजुटता के साथ आगे बढ़ने पर सहमति जताई। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि विभिन्न संवर्गों की जायज एवं लंबे समय से लंबित मांगों को अब सामूहिक शक्ति के साथ शासन के समक्ष रखा जाएगा तथा उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। जिला चिकित्सालयों के अस्तित्व की रक्षा,पारदर्शी स्थानांतरण व्यवस्था,संवर्ग पुनर्गठन,पदोन्नति,स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप मानव संसाधन,स्वास्थ्य कार्ड की समस्याओं का समाधान और पुरानी पेंशन बहाली जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों की एकजुट होती आवाज का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।







