देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग अब कर्मचारियों के आंदोलन से निकलकर सामाजिक सरोकार और भावनात्मक अभियान का रूप लेती दिखाई दे रही है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा जनपद देहरादून की ओर से सोमवार को आईएमए रक्त बैंक बल्लूपुर देहरादून में विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानवता की सेवा का संदेश दिया। इस आयोजन का सबसे अनूठा और भावनात्मक पक्ष मुख्यमंत्री तथा उत्तराखंड सरकार के नाम रक्त से लिखा गया पत्र रहा। कर्मचारियों ने अपने रक्त से पत्र लिखकर मुख्यमंत्री से पुरानी पेंशन योजना को तत्काल बहाल करने की मांग उठाई। रक्त से लिखे इस पत्र के माध्यम से कर्मचारियों ने सरकार को यह संदेश देने का प्रयास किया कि पुरानी पेंशन केवल सेवा संबंधी सुविधा नहीं,बल्कि कर्मचारियों और उनके परिवारों के सम्मानजनक,सुरक्षित एवं भविष्य की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। मुख्यमंत्री के समन्वयक दलवीर दानू के माध्यम से पुरानी पेंशन बहाली की मांग से संबंधित यह रक्त लिखित पत्र मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया। कर्मचारियों के इस अनूठे अभियान ने जहां रक्तदान जैसे पुनीत कार्य को नई सार्थकता दी,वहीं लंबे समय से चली आ रही पुरानी पेंशन बहाली की मांग को भी प्रभावी ढंग से सरकार के समक्ष रखा। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.पी.सिंह रावत ने कहा कि कर्मचारियों ने एक ही आयोजन में दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। एक ओर रक्तदान कर जरूरतमंदों का जीवन बचाने में योगदान दिया गया,वहीं दूसरी ओर रक्त से पत्र लिखकर अपने सुरक्षित भविष्य की आवाज सरकार तक पहुंचाई गई। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की यह भावना सरकार को गंभीरता से समझनी चाहिए और पुरानी पेंशन योजना की बहाली के संबंध में सकारात्मक पहल करनी चाहिए। मोर्चे के जनपद अध्यक्ष अवधेश सेमवाल ने कहा कि रक्तदान शिविर में कर्मचारियों की भारी भागीदारी यह स्पष्ट करती है कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कार्मिकों में गहरी एकजुटता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाई है। उम्मीद है कि सरकार कर्मचारियों की भावनाओं को समझते हुए इस दिशा में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।
जनपद महामंत्री अभिषेक नवानी ने कहा कि रक्तदान केवल सामाजिक दायित्व नहीं,बल्कि मानव सेवा का महान कार्य है। कर्मचारियों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई और साथ ही रक्त से पत्र लिखकर अपनी पुरानी पेंशन की मांग को भी प्रभावशाली ढंग से सरकार के सामने रखा। उन्होंने मुख्यमंत्री से कर्मचारियों के हित में शीघ्र ठोस पहल किए जाने की मांग की। शिविर में महिला कार्मिकों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। महिला उपाध्यक्ष प्रीति पंत ने कहा कि पुरानी पेंशन का विषय केवल कर्मचारी तक सीमित नहीं है,बल्कि इससे उसके पूरे परिवार का भविष्य जुड़ा हुआ है। सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन के लिए पुरानी पेंशन कर्मचारियों की महत्वपूर्ण मांग है। उन्होंने कहा कि महिला कार्मिक भी इस मांग के समर्थन में पूरी मजबूती के साथ खड़ी हैं। संयुक्त सचिव रीतू कोठारी ने कहा कि रक्तदान महादान है। कर्मचारियों ने रक्तदान कर समाज के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन किया और इसी रक्त से अपनी मांग को सरकार तक पहुंचाकर एक अनूठा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह अभियान कर्मचारियों की भावना और सामाजिक सेवा दोनों का प्रतीक है। प्रदेश संगठन मंत्री शुभम चौधरी ने कहा कि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण,अनुशासित और उद्देश्यपूर्ण रहा। रक्त लिखित पत्र के माध्यम से कर्मचारियों की भावनाओं को सरकार तक पहुंचाने का यह प्रयास अपने आप में अलग और प्रभावी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग पर गंभीरता से विचार करेगी। कार्यक्रम के समन्वयक आलोक जोशी ने कहा कि आयोजन कर्मचारी हित और सामाजिक सेवा का अनूठा संगम रहा। एक ओर कर्मचारियों ने रक्तदान कर जीवन बचाने का संदेश दिया,तो दूसरी ओर रक्त से पत्र लिखकर अपने भविष्य की सुरक्षा की मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाई गई। उन्होंने कहा कि यह अभियान कर्मचारियों की शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आवाज को मजबूती प्रदान करता है। मोर्चे ने मुख्यमंत्री से अपील की कि उत्तराखंड के कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही पुरानी पेंशन योजना बहाली की मांग पर संवेदनशीलता और गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक एवं न्यायपूर्ण निर्णय लिया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा केवल व्यक्तिगत आवश्यकता नहीं,बल्कि उनके परिवार के सम्मानजनक भविष्य का आधार भी है। रक्तदान शिविर में प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल,प्रभारी विक्रम रावत,मिनिस्ट्रियल फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश बहुगुणा,पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री संजय भास्कर,जिला अध्यक्ष आशीष जोशी,परीक्षित सागर,आलोक जोशी,प्रेम रावत,हिमांशु रावत,राजीव उनियाल,हरीश पांडे,केदार फर्स्वाण,प्रवीण पंवार,आलोक उनियाल,सुभाष रतूड़ी,लक्ष्मी कठैत,सीमा भंडारी,राजेश्वरी पंवार,मधु जोशी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। रक्तदान से मानवता की सेवा,रक्त पत्र से भविष्य की लड़ाई-दोनों संदेश एक साथ देहरादून में आयोजित यह शिविर इस मायने में भी खास रहा कि कर्मचारियों ने अपनी मांग को केवल नारों और ज्ञापनों तक सीमित नहीं रखा,बल्कि रक्तदान जैसे सामाजिक सरोकार से जोड़कर सरकार के सामने अपनी भावना रखी। रक्त की बूंदों से लिखा गया मुख्यमंत्री के नाम पत्र पुरानी पेंशन बहाली की मांग को भावनात्मक और प्रतीकात्मक रूप से नई धार देता नजर आया।






