– कॉर्बेट हेरिटेज सफारी जोन में वन्यजीव पर्यटन को सुरक्षित और बेहतर बनाने के उद्देश्य से कॉर्बेट ग्राम विकास समिति, वन विभाग एवं वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के तत्वावधान में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें नेचर गाइड, जिप्सी चालकों और वन विभाग के कर्मचारियों को हाथियों के व्यवहार तथा उनके नजदीक सुरक्षित रहने के तरीकों की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रभागीय वनाधिकारी ध्रुव मरतोलिया मौजूद रहे। वहीं, हाथी विशेषज्ञ संजय छिमवाल ने प्रतिभागियों को हाथियों के स्वभाव, उनके हाव-भाव और व्यवहार को समझने के महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि जंगल में हाथियों की मौजूदगी के समय उनके व्यवहार को समझना बेहद जरूरी है। हाथियों के संकेतों को पहचानकर, उचित दूरी बनाए रखकर और सावधानी बरतकर संभावित खतरे को कम किया जा सकता है। खासतौर पर सफारी के दौरान नेचर गाइड और जिप्सी चालकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि उन्हें पर्यटकों को वन्यजीवों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ सुरक्षा नियमों का भी पालन कराना होता है।
कार्यक्रम का उद्देश्य वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने, मानव-हाथी संघर्ष की आशंका को कम करने और कॉर्बेट हेरिटेज सफारी जोन में पर्यटकों के लिए सुरक्षित सफारी व्यवस्था को प्रोत्साहित करना रहा।
इस प्रशिक्षण से जुड़े प्रतिभागियों को हाथियों के व्यवहार की बेहतर समझ विकसित करने और जंगल में किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में सतर्कता बरतने के लिए जागरूक किया गया।