48 कर्मचारी संगठनों की एकजुट हुंकार से तेज हुआ पुरानी पेंशन आंदोलन-2 नवंबर को देहरादून में महारैली और मुख्यमंत्री आवास घेराव की तैयारी

 

 

 

देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर उत्तराखंड में कर्मचारी आंदोलन एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (एनओपीआरयूएफ) उत्तराखंड ने आगामी 2 नवंबर 2026 को देहरादून में प्रस्तावित पेंशन आर-पार महारैली एवं मुख्यमंत्री आवास घेराव को सफल बनाने के लिए प्रदेशव्यापी जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। प्रदेश के 48 कर्मचारी संघों एवं महासंघों का समर्थन मिलने से आंदोलन को व्यापक मजबूती मिली है। मोर्चे ने इसे कर्मचारी एकजुटता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए प्रदेशभर के कार्मिकों से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। इसी क्रम में शनिवार को मोर्चे की ओर से जिला चिकित्सालय देहरादून कोरोनेशन चिकित्सालय सहित जनपद के विभिन्न अस्पतालों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया। इस दौरान चिकित्सकों,नर्सिंग अधिकारियों,स्वास्थ्यकर्मियों तथा अन्य विभागों के कार्मिकों से संवाद कर पुरानी पेंशन बहाली की आवश्यकता,नई पेंशन योजना (एनपीएस) से जुड़ी समस्याओं और आगामी महारैली के उद्देश्यों की विस्तार से जानकारी दी गई। पदाधिकारियों ने अधिकाधिक संख्या में देहरादून पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया। जनसंपर्क अभियान का नेतृत्व नर्सिंग एसोसिएशन उत्तराखंड की प्रदेश अध्यक्ष एवं एनओपीआरयूएफ महिला मोर्चा की प्रदेश संगठन मंत्री भारती जुयाल ने किया। उन्होंने महिला कार्मिकों की आंदोलन में सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की लड़ाई केवल वर्तमान सेवा संबंधी मांग नहीं,बल्कि कर्मचारियों के भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि महिलाएं स्वास्थ्य,शिक्षा,नर्सिंग सहित विभिन्न सरकारी विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। ऐसे में सेवा निवृत्ति के बाद उनके सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन की चिंता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने प्रदेश की समस्त महिला कर्मचारियों एवं अधिकारियों से 2 नवंबर की महारैली में बढ़-चढ़कर भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। मोर्चे के प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली का आंदोलन अब प्रदेशभर के कर्मचारियों की सामूहिक आवाज बन चुका है। 48 कर्मचारी संघों एवं महासंघों का समर्थन इस बात का प्रमाण है कि यह मांग किसी एक विभाग अथवा संगठन तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि महारैली को व्यापक स्वरूप देने के लिए लगातार जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है और कर्मचारियों में इसे लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है। प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने कहा कि एनओपीआरयूएफ का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक विभाग और प्रत्येक कार्मिक तक पुरानी पेंशन बहाली की आवाज पहुंचाना है। इसके लिए संगठन निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपने भविष्य की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा के लिए एकजुट होकर इस आंदोलन में भागीदारी करनी चाहिए। प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग समस्त कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। 48 संगठनों का समर्थन कर्मचारी एकता की बड़ी शक्ति है। उन्होंने सभी कार्मिकों से एकजुट होकर 2 नवंबर के आंदोलन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने का आह्वान किया। गढ़वाल मंडल मंत्री राजीव उनियाल ने कहा कि 2 नवंबर को देहरादून में प्रस्तावित महारैली के लिए गढ़वाल मंडल पूरी तरह तैयार है। मंडल के शिक्षक,अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के कर्मचारी बड़ी संख्या में देहरादून पहुंचकर पुरानी पेंशन बहाली की मांग को बुलंद करेंगे। जनसंपर्क अभियान में प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत,प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी,प्रांतीय समन्वयक लक्ष्मण सिंह सजवाण,प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल,प्रदेश सचिव माखनलाल शाह,प्रदेश उपाध्यक्ष केदार फर्स्वाण,गढ़वाल मंडल मंत्री राजीव उनियाल,जिला मंत्री देहरादून अभिषेक नवानी सहित भारती जुयाल ने सक्रिय सहभागिता की। मोर्चे ने प्रदेश के समस्त अधिकारियों,कर्मचारियों,शिक्षकों,स्वास्थ्यकर्मियों एवं महिला कार्मिकों से अपील की है कि वे 2 नवंबर 2026 को देहरादून पहुंचकर पेंशन आर-पार महारैली एवं मुख्यमंत्री आवास घेराव में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। मोर्चे का आह्वान चलो देहरादून 2 नवंबर 2026 अबकी बार आर-पार,पुरानी पेंशन बहाली हमारा अधिकार। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड ने स्पष्ट किया कि पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर संघर्ष तब तक जारी रहेगा,जब तक कर्मचारियों की इस मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता।