पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल में आगामी निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिला कार्यालय सभागार में उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक,पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना रहा। बैठक के दौरान भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखण्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी साझा की गई। खास तौर पर मृत,अनुपस्थित एवं अन्यत्र स्थानांतरित (एएसडी) मतदाताओं की पहचान और उनके नामों के सत्यापन व अपमार्जन की प्रक्रिया को लेकर गंभीरता दिखाई गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विधानसभावार और मतदेय स्थलवार एएसडी सूचियां तैयार कर संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई हैं,जिन पर नियमानुसार कार्रवाई जारी है। सहायक निर्वाचन अधिकारी एस.एल.शाह ने जानकारी देते हुए बताया कि निर्वाचक नामावली को शुद्ध और अद्यतन बनाने के लिए ईआरओ नेट से प्राप्त डाटा तथा घर-घर सत्यापन को आधार बनाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आयोग के निर्देशानुसार सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को प्रारूप-9,10,11,11-क एवं 11-ख उपलब्ध कराए जा रहे हैं,जिससे वे सूची की गहन जांच कर सकें। बैठक में राजनीतिक दलों की भागीदारी और जिम्मेदारी पर भी जोर दिया गया। जानकारी दी गई कि भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा जनपद के सभी मतदेय स्थलों पर बीएलए-2 की नियुक्ति कर दी गई है,जबकि कुछ अन्य दल अभी इस प्रक्रिया में पीछे हैं। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी दलों से शीघ्र बीएलए-1 और बीएलए-2 की नियुक्ति सुनिश्चित करने की अपेक्षा जताई। अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का शुद्ध और अद्यतन होना बेहद आवश्यक है। इसके लिए सभी राजनीतिक दलों और उनके प्रतिनिधियों को सक्रिय सहयोग करना होगा। सहायक निर्वाचन अधिकारी ने सभी दलों से अपील की कि उपलब्ध कराई गई एएसडी सूची को अपने-अपने बीएलए-2 के साथ साझा कर पुनरीक्षण कार्य को सफल बनाने में योगदान दें। बैठक में भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह राणा,कांग्रेस से मनमोहन सिंह सहित विभिन्न दलों के प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। यह बैठक न केवल प्रशासनिक तैयारी का संकेत है,बल्कि यह भी दर्शाती है कि आगामी चुनावों को निष्पक्ष,पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है।








