पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। शौक जब जुनून बन जाए और उस पर सही मार्गदर्शन का अभाव हो,तो वही रास्ता अपराध की ओर मुड़ जाता है। जनपद पौड़ी में सामने आया एक ऐसा ही मामला समाज और अभिभावकों के लिए चेतावनी बनकर उभरा है,जहां बुलेट मोटरसाइकिल चलाने की चाहत ने तीन नाबालिग बालकों को चोरी जैसे गंभीर अपराध की राह पर धकेल दिया। दिनांक 03.04.2026 को वादी संजय रावत निवासी पाबों (पौड़ी) द्वारा कोतवाली पौड़ी में एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया,जिसमें उन्होंने बताया कि दिनांक 31.03.2026 की रात्रि को उनकी बुलेट मोटरसाइकिल संख्या UK12F-1802 को अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर लिया गया है। प्राप्त तहरीर के आधार पर कोतवाली पौड़ी में तत्काल मुकदमा पंजीकृत किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार द्वारा मामले के शीघ्र अनावरण हेतु प्रभारी निरीक्षक कोतवाली पौड़ी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। निर्देशों के क्रम में प्रभारी निरीक्षक जयपाल सिंह नेगी के नेतृत्व में 4 पुलिस टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जांच-पड़ताल की गई। साथ ही पौड़ी,श्रीनगर एवं निकटवर्ती क्षेत्रों में लगे लगभग 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसके अतिरिक्त लगातार चेकिंग अभियान चलाकर चोरी गए वाहन के संबंध में सूचनाएं एकत्रित की जाती रहीं। पुलिस टीमों के सतत प्रयास,तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण और सघन सुरागरसी-पतारसी के परिणामस्वरूप इस चोरी की घटना का सफल खुलासा करते हुए श्रीनगर क्षेत्र के 3 नाबालिग बालकों को संरक्षण में लिया गया। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि उन्हें बुलेट मोटरसाइकिल चलाने का शौक था, जिसके चलते उन्होंने यह चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों के कब्जे से चोरी गई बुलेट मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। प्रकरण में विधिक कार्यवाही करते हुए तीनों विधि-विवादित किशोरों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। यह घटना स्पष्ट संकेत देती है कि किशोर अवस्था में उचित मार्गदर्शन और निगरानी का अभाव बच्चों को गलत दिशा में ले जा सकता है। पुलिस ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की दिनचर्या,मित्र मंडली और गतिविधियों पर विशेष नजर रखें। बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव,अनावश्यक खर्च,देर रात तक घर से बाहर रहना या संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देने पर तुरंत सतर्क रहें। नैतिक मूल्यों,कानून के प्रति सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना का विकास ही बच्चों को अपराध की राह से दूर रख सकता है।








