श्रीनगर गढ़वाल। विश्व ऑर्गन डोनेशन डे के अवसर पर राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में सोमवार को मानवता,सेवा और जीवनदान के संदेश के साथ एक प्रेरणादायी जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कम्युनिटी मेडिसिन विभाग एवं नेत्र रोग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के अंतर्गत जागरूकता रैली और पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों,चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने समाज को अंगदान के महत्व का सशक्त संदेश दिया। पूरे परिसर में अंगदान महादान की गूंज सुनाई दी और उपस्थित सभी लोगों ने इस पुनीत कार्य के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को रवाना करते हुए किया। रैली में एमबीबीएस के छात्र-छात्राएं,चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी हाथों में आकर्षक तख्तियां,बैनर और जागरूकता संदेश लिए परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों से होकर निकले। प्रतिभागियों ने लोगों को बताया कि अंगदान किसी व्यक्ति के जीवन का अंतिम नहीं,बल्कि कई अन्य लोगों के जीवन का नया आरंभ बन सकता है। उन्होंने समाज में अंगदान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने तथा अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
रैली के उपरांत आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में मेडिकल छात्रों ने अपनी रचनात्मक सोच और सामाजिक संवेदनशीलता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। रंगों और संदेशों से सजे पोस्टरों के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह प्रभावी संदेश दिया कि मृत्यु के बाद भी किसी व्यक्ति के अंग कई गंभीर रोगियों को नया जीवन दे सकते हैं। प्रतियोगिता ने न केवल छात्रों की प्रतिभा को मंच प्रदान किया,बल्कि अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने कहा कि अंगदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है। एक व्यक्ति का लिया गया यह संकल्प कई परिवारों की खुशियां लौटा सकता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान की प्रगति के इस दौर में अंगदान हजारों गंभीर मरीजों के लिए जीवन की नई किरण बन चुका है। इसलिए समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक को इस दिशा में आगे आना चाहिए। नवनियुक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ.ए.एन.पाण्डेय ने कहा कि अंगदान केवल एक चिकित्सीय प्रक्रिया नहीं,बल्कि करुणा,संवेदनशीलता और मानवता का सर्वोच्च उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यदि समाज में अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो जाए तो अनेक जरूरतमंद मरीजों को समय पर नया जीवन मिल सकता है। उन्होंने युवाओं से इस अभियान के ब्रांड एंबेसडर बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने छात्रों को अंगदान से जुड़े कानूनी प्रावधानों,नैतिक मूल्यों,चिकित्सीय प्रक्रियाओं तथा इसके सामाजिक महत्व की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जागरूकता ही अंगदान को जनआंदोलन का रूप दे सकती है और मेडिकल छात्र इस परिवर्तन के सबसे प्रभावी वाहक बन सकते हैं। इस अवसर पर डॉ.विनिता रावत,डॉ.दीपा हटवाल,डॉ.धनंजय डोभाल,डॉ.सुभाष,डॉ.मोहित,डॉ.जानकी बर्तवाल,डॉ.सुरेंद्र सिंह,डॉ.लक्ष्मण यादव,चीफ फार्मासिस्ट राजेंद्र चौहान,एस.के.भट्ट सहित मेडिकल कॉलेज के अनेक चिकित्सक,स्वास्थ्यकर्मी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन अंगदान के प्रति जनजागरूकता फैलाने और मानवता की इस महान सेवा को जन-जन तक पहुंचाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।







