देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर उत्तराखंड में कर्मचारी और शिक्षक संगठनों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड के आह्वान पर आगामी 2 नवंबर 2026 को देहरादून में प्रस्तावित पेंशन आर-पार महारैली एवं मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम को प्रदेशभर के कर्मचारी और शिक्षक संगठनों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। अब तक 26 कर्मचारी एवं शिक्षक संगठनों ने समर्थन पत्र जारी कर आंदोलन के साथ खड़े होने का ऐलान किया है। संगठनों की इस एकजुटता ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को नई ताकत प्रदान कर दी है। महारैली को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए प्रदेश के सभी जनपदों में व्यापक जनसंपर्क,प्रचार-प्रसार और जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। संगठन के पदाधिकारी विभिन्न विभागों,सरकारी कार्यालयों,कर्मचारी संगठनों और जनपदीय इकाइयों से लगातार संपर्क कर अधिक से अधिक कर्मचारियों एवं शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने में जुटे हैं। संगठन का लक्ष्य 2 नवंबर को देहरादून में कर्मचारियों की बड़ी एकजुटता प्रदर्शित कर सरकार तक अपनी मांग प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर प्रदेश के कर्मचारी और शिक्षक निरंतर एकजुट हो रहे हैं। विभिन्न संगठनों का मिल रहा समर्थन इस बात का प्रमाण है कि पुरानी पेंशन का मुद्दा महज आर्थिक विषय नहीं,बल्कि कर्मचारियों के भविष्य,सम्मान,पारिवारिक सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण से जुड़ा महत्वपूर्ण सवाल है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की वर्षों की सेवा के बाद सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रदेश के समस्त कर्मचारियों एवं शिक्षकों से 2 नवंबर को अधिक से अधिक संख्या में देहरादून पहुंचकर आंदोलन को मजबूती प्रदान करने की अपील की। प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने आंदोलन को समर्थन देने वाले सभी कर्मचारी एवं शिक्षक संगठनों,उनके प्रदेश एवं जनपदीय पदाधिकारियों तथा सहयोगी कार्मिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की लड़ाई किसी एक संगठन तक सीमित नहीं है,बल्कि यह प्रदेश के लाखों कर्मचारियों एवं शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा साझा संघर्ष है। सभी संगठनों की एकजुटता ही इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अबकी बार आर-पार की लड़ाई है। अपने भविष्य की सुरक्षा और सम्मान के लिए सभी कार्मिकों को व्यक्तिगत एवं विभागीय सीमाओं से ऊपर उठकर एक मंच पर आना होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि 2 नवंबर को देहरादून में कर्मचारियों की अभूतपूर्व भागीदारी आंदोलन को नई दिशा देगी। प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा कि 2 नवंबर का कार्यक्रम पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम साबित होगा। प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी एवं शिक्षक संगठनों का समर्थन आंदोलन को नई ऊर्जा और मजबूती प्रदान कर रहा है। उन्होंने प्रदेशभर के कर्मचारियों एवं शिक्षकों से अपील की कि वे व्यक्तिगत हितों और विभागीय सीमाओं से ऊपर उठकर अधिक से अधिक संख्या में परेड ग्राउंड देहरादून पहुंचें तथा पेंशन आर-पार महारैली एवं मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करें। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा को समर्थन देने वाले संगठनों में शामिल हैं-उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी एवं शिक्षक संगठन उत्तराखंड,अनुसूचित जाति-जनजाति शिक्षक संघ उत्तराखंड,उत्तरांचल वन विभाग लिपिकीय कर्मचारी संघ,आयुक्त ग्रामीण विकास सेवा संगठन उत्तराखंड,राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ,उत्तरांचल अभियंता महासंघ,नगर विकास कर्मचारी महासंघ उत्तराखंड,उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग संयुक्त महासंघ,उत्तराखंड चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य लिपिकीय कर्मचारी संघ,राष्ट्रीय कैडेट कोर लिपिकीय अधिकारी एवं कर्मचारी सेवा संघ,प्रदेश जूनियर हाईस्कूल पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ,उत्तराखंड चिकित्सा प्रयोगशाला तकनीशियन संघ,प्रमुख अभियंता संवर्ग,लोक निर्माण विभाग लिपिकीय संघ,उत्तरांचल लोक निर्माण विभाग लिपिकीय संघ,राजकीय शिक्षक संघ गढ़वाल मंडल,राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी फार्मासिस्ट संघ पौड़ी गढ़वाल,उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी एवं शिक्षक संगठन देहरादून,उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी एवं शिक्षक संगठन पौड़ी गढ़वाल,राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी फार्मासिस्ट संघ नैनीताल,उत्तराखंड कलेक्ट्रेट लिपिकीय कर्मचारी महासंघ देहरादून,राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी फार्मासिस्ट संघ उत्तरकाशी,राजकीय शिक्षक संघ टिहरी गढ़वाल,उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी एवं शिक्षक संगठन हरिद्वार,राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी फार्मासिस्ट संघ हरिद्वार,राजकीय शिक्षक संघ उत्तरकाशी,उत्तरांचल राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ उत्तराखंड। महारैली की तैयारियों को गति देने में प्रदेश महिला अध्यक्ष रनीता विश्वकर्मा,प्रदेश उपाध्यक्ष केदार सिंह फर्स्वाण,प्रांतीय संयोजक लक्ष्मण सिंह सजवाण,माखन लाल साह,जिला देहरादून के मंत्री अभिषेक नवानी एवं कीर्ति भट्ट सहित संगठन के विभिन्न पदाधिकारी और सहयोगी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इनके द्वारा प्रदेशभर में कर्मचारियों एवं शिक्षकों से संपर्क कर महारैली में भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा ने दोहराया कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। संगठन ने प्रदेश के सभी कर्मचारी एवं शिक्षक संगठनों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने और 2 नवंबर को देहरादून में अपनी ताकत दिखाने का आह्वान किया है। महारैली का कार्यक्रम दिनांक 2 नवंबर 2026 सोमवार स्थान परेड ग्राउंड देहरादून कार्यक्रम पेंशन आर-पार महारैली एवं मुख्यमंत्री आवास घेराव,आयोजक-राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड। अब देखना होगा कि 26 संगठनों के समर्थन और प्रदेशभर के कर्मचारियों एवं शिक्षकों की लामबंदी के बीच 2 नवंबर की यह महारैली पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर सरकार पर कितना प्रभावी दबाव बना पाती है। इतना तय है कि इस आंदोलन ने प्रदेश में कर्मचारी एकजुटता के मुद्दे को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।