शिवनगर में सजेगा बाबा श्याम का भव्य दरबार, दो मई को होगा संकीर्तन महोत्सवएक मई को फुटबॉल ग्राउंड से निकलेगी भव्य निशान यात्रा

रुद्रपुर । श्री खाटू श्याम सेवा समिति शिवनगर के तत्वावधान में आगामी दो मई को इंडियन…

खानपुर न.1 मे आयोजित अखण्ड नाम सकीर्तन मे शामिल हुऐ विधायक शिव अरोरा

रुद्रपुर। खानपुर न. 1 क्षेत्र मे आयोजित अखण्ड नाम सकीर्तन मे शामिल हुऐ विधायक शिव अरोरा…

सितारगंज में मानसिक गणना का महाकुंभ: 500+ प्रतिभागियों के बीच मुदित राठी बने “चैंपियन ऑफ चैंपियंस”।

सितारगंज मोमी गार्डन, सितारगंज में आयोजित 17वीं यूसीमास उत्तराखंड अबेकस एवं मेंटल अरिथमेटिक राज्य स्तरीय प्रतियोगिता-2026…

होटल बन चुके होमस्टे पर डीएम का डंडा, 17 पंजीकरण निरस्तपर्यटन वेबसाइट से हटाने की प्रक्रिया शुरू, अवैध संचालन पर सख्त कार्रवाई जारीदेहरादून, 29 अप्रैल। जनपद में कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने होमस्टे संचालन पर बड़ा एक्शन लिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर हुई गहन जांच में मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रथम चरण में 17 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए गए हैं। साथ ही इन्हें पर्यटन विभाग की वेबसाइट से विलोपित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।जिला प्रशासन ने “ऑपरेशन सफाई” चलाते हुए महज सात दिनों में मजिस्ट्रेट स्तर की पांच टीमें गठित कर जांच अभियान चलाया। जांच में सामने आया कि कई होमस्टे होटल की तरह संचालित किए जा रहे थे, जहां नियम विरुद्ध बार संचालन, तेज आवाज में डीजे और देर रात तक पार्टियां आयोजित हो रही थीं। इन स्थानों पर नशे और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के अड्डे बनने की शिकायतें भी मिलीं, जिससे आमजन की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो रहा था।जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और आमजन की जान से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि होमस्टे योजना का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देना और लोगों की आय में वृद्धि करना है, न कि इसे व्यावसायिक होटल में बदलना।जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कई होमस्टे में रसोई की व्यवस्था नहीं थी, अग्निशमन उपकरण या तो उपलब्ध नहीं थे या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। कई स्थानों पर फूड लाइसेंस नहीं पाया गया। निर्धारित क्षमता से अधिक कमरे संचालित किए जा रहे थे और कुछ इकाइयां लीज या किराये पर चलाई जा रही थीं, जो नियमों के विपरीत है। विदेशी नागरिकों के ठहराव की अनिवार्य सूचना भी कई जगह उपलब्ध नहीं कराई गई।प्रशासन ने पाया कि कुछ होमस्टे बारात घर और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयोग किए जा रहे थे, जबकि कई स्थानों पर स्वामी का निवास ही नहीं था। मसूरी और शहरी क्षेत्रों में स्वामित्व परिवर्तन और नवीनीकरण न कराने के मामले भी सामने आए हैं।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सभी होमस्टे संचालक नियमावली का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। भविष्य में भी यह अभियान जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।————————————++++▢ सवालों के घेरे में रुद्रपुर की व्यवस्थाएंदेहरादून में कार्रवाई के बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि रुद्रपुर में बिना मानकों के संचालित पेइंग गेस्ट हाउस, गेस्ट हाउस और होटल पर कब कार्रवाई होगी। शहर में लंबे समय से बिना पंजीकरण, बिना अग्निशमन व्यवस्था और बिना आवश्यक लाइसेंस के कई प्रतिष्ठान संचालित होने की शिकायतें मिलती रही हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर नियमों को ताक पर रखकर बाहरी व्यक्तियों को ठहराया जा रहा है, जिससे कानून व्यवस्था और सुरक्षा दोनों पर खतरा बढ़ रहा है।अब देखना यह होगा कि क्या जिला प्रशासन रुद्रपुर में भी देहरादून जैसी सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध संचालन पर लगाम लगाता है या फिर ये व्यवस्थाएं यूं ही चलती रहेंगी।

जेसीज पब्लिक स्कूल में हिंदुस्तान ओलंपियाड 2025 का डीएम ने किया शुभारंभ

रूद्रपुर हिंदुस्तान ओलंपियाड -2025 जेसीज विद्यालय के सभागार में आयोजित हुआ।ओलंपियाड का मुख्य अतिथि जिलाधिकारी नितिन…

रूद्रपुर में पैथोलॉजी कलेक्शन सेंटरों की बढ़ती संख्या पर सवाल, जांच व्यवस्था मजबूत करने की मांगरुद्रपुर शहर में तेजी से बढ़ते पैथोलॉजी लैब और कलेक्शन सेंटर अब जनस्वास्थ्य के दृष्टिकोण से चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। हाल के दिनों में सामने आए एक मामले ने जांच की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार आवास विकास क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने पास के एक कलेक्शन सेंटर से ब्लड सैंपल की जांच कराई। रिपोर्ट मिलने के बाद जब उन्होंने डॉक्टर को दिखाया तो रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर संदेह जताया गया और पुनः जांच कराने की सलाह दी गई। इसके बाद व्यक्ति ने दूसरे मान्यता प्राप्त लैब, Dr. Lal PathLabs में परीक्षण कराया, जहां दोनों रिपोर्टों में स्पष्ट अंतर सामने आया।इस अनुभव ने न केवल संबंधित व्यक्ति को मानसिक रूप से परेशान किया बल्कि यह भी संकेत दिया कि जांच की गुणवत्ता और मानकों का पालन हर जगह समान रूप से नहीं हो रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि पैथोलॉजी जांच उपचार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, ऐसे में रिपोर्ट की शुद्धता अत्यंत आवश्यक है।शहर में बड़ी संख्या में कलेक्शन सेंटर खुलने से सुविधा तो बढ़ी है, लेकिन साथ ही प्रशिक्षित स्टाफ, मानक उपकरण और गुणवत्ता नियंत्रण जैसे पहलुओं पर भी बराबर ध्यान देना जरूरी हो गया है। स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है, इसलिए नियामक संस्थाओं द्वारा समय-समय पर निरीक्षण और सत्यापन अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है।इस प्रकार की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि आमजन को भी जांच करवाते समय सावधानी बरतनी चाहिए और केवल प्रमाणित तथा विश्वसनीय संस्थानों का ही चयन करना चाहिए। साथ ही संबंधित विभागों से अपेक्षा की जा रही है कि वे मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें, ताकि लोगों का विश्वास और सुरक्षा दोनों कायम रह सकेजागरूकता ही सुरक्षा है सही जांच सही उपचार की पहली शर्त हैसस्ती सुविधा के बजाय प्रमाणित गुणवत्ता को प्राथमिकता दें।रिपोर्ट पर संदेह हो तो दोबारा जांच कराने में संकोच न करेंस्वास्थ्य के मामले में लापरवाही नहीं सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

रुद्रपुर में स्पा सेंटर पर छापा, देह व्यापार का भंडाफोड़ ‘खबर पड़ताल’ के नाम पर चल रहे फर्जी फेसबुक पेज पर भी उठे सवाल

रुद्रपुर/उधम सिंह नगर। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) उधम सिंह नगर ने शहर में बड़ी कार्रवाई…

उत्सव में बदला महापौर विकास शर्मा का जन्मदिन

रुद्रपुर। नगर के प्रथम नागरिक महापौर विकास शर्मा का जन्मदिन बुधवार को उत्सव के रूप में…

विधायक बेहड़ ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से की मुलाकात, पंतनगर की कॉलोनियों के उजाड़े जाने…

मेहनत का मिला मान-पौड़ी के 21 मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान,जिलाधिकारी ने दिया सफलता का मंत्र

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड परिषदीय परीक्षा वर्ष 2026 में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की श्रेष्ठता सूची में स्थान…