प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर करनपुर में जलाए हजारों दीप, हलवा प्रसाद का हुआ वितरण

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर करनपुर मंडल की ओर से विशेष कार्यक्रम…

मसूरी में रेलवे की जमीन पर कब्जे को लेकर मसूरी झड़ीपानी में कार्रवाई, 31 मकानों पर नोटिस चस्पासंपदा अधिकारी के बेदखली आदेश के बाद उत्तर रेलवे की टीम पहुंची, भारी पुलिस बल रहा तैनात  झड़ीपानी क्षेत्र में रेलवे की जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर उत्तर रेलवे ने कार्रवाई तेज कर दी है। संपदा अधिकारी की अदालत से बेदखली आदेश जारी होने के बाद सोमवार को उत्तर रेलवे के अधिकारियों की टीम भारी पुलिस बल के साथ झड़ीपानी पहुंची। टीम ने रेलवे की भूमि पर बने 31 मकानों पर नोटिस चस्पा किए। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा और किसी भी तरह के विरोध की स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।उत्तर रेलवे की ओर से जारी संपदा अधिकारी के आदेश के अनुसार झड़ीपानी स्थित ओक ग्रोव स्कूल के समीप रेलवे की करीब 100 वर्ग मीटर भूमि पर जगमोहन उर्फ सांझ कैफे पुत्र दर्शन लाल द्वारा अनधिकृत कब्जा किए जाने का मामला सामने आया था। इस मामले में लोक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम, 1971 के तहत कार्रवाई शुरू की गई थी।रेलवे अधिकारियों के अनुसार संपदा अधिकारी की अदालत ने पूरे मामले में रेलवे की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों और पक्ष को देखने के बाद कब्जे को अनधिकृत माना है। आदेश में प्रतिवादी को 15 दिन के भीतर रेलवे की भूमि से कब्जा हटाकर रेलवे को भूमि सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का पालन नहीं होने की स्थिति में रेलवे प्रशासन को नियमानुसार बलपूर्वक बेदखली की कार्रवाई करने तथा कार्रवाई में आने वाला खर्च वसूल करने का अधिकार भी दिया गया है।रेलवे ने तीन पुराने विक्रय अभिलेखों का दिया हवालारेलवे की ओर से संपदा अधिकारी की अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा गया कि संबंधित भूमि रेलवे की है और इसके समर्थन में रेलवे के पास पुराने विक्रय अभिलेख मौजूद हैं। रेलवे ने अपने जवाब में 21 अप्रैल 1886, 28 दिसंबर 1895 तथा वर्ष 1920-21 के अभिलेखों का हवाला देते हुए भूमि पर रेलवे का अधिकार बताया है। रेलवे का कहना है कि इन दस्तावेजों से संबंधित प्रतियां भी वाद पत्रावली में प्रस्तुत की गई हैं।रेलवे अधिकारियों ने प्रतिवादी के उस दावे को भी स्वीकार नहीं किया, जिसमें भूमि को निजी संपत्ति बताया गया था। रेलवे के अनुसार प्रतिवादी की ओर से भूमि के स्वामित्व को प्रमाणित करने वाला ऐसा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे संबंधित 100 वर्ग मीटर भूमि पर उसका मालिकाना हक साबित हो सके।हाई कोर्ट के आदेश का भी दिया हवालामामले में प्रतिवादी की ओर से वर्ष 1940 के सीमांकन, राजस्व विभाग की रिपोर्ट और उत्तराखंड हाई कोर्ट में दाखिल रिट याचिकाओं का हवाला दिया गया था। प्रतिवादी ने दावा किया था कि राजस्व विभाग की सीमांकन कार्रवाई में संबंधित भूमि रेलवे की नहीं पाई गई। वहीं रेलवे ने संपदा अधिकारी की कार्यवाही में कहा कि हाई कोर्ट ने पूर्व में रेलवे की नोटिस संबंधी कार्यवाही को प्रक्रिया संबंधी आधार पर निरस्त किया था, लेकिन रेलवे को कानून के अनुसार कार्रवाई करने से नहीं रोका गया था। इसी आधार पर रेलवे ने संपदा अधिकारी के समक्ष नए सिरे से कार्रवाई की।पुलिस बल की मौजूदगी में चस्पा हुए नोटिससोमवार को उत्तर रेलवे के अधिकारियों और रेलवे पुलिस की टीम झड़ीपानी पहुंची। कार्रवाई को देखते हुए मसूरी पुलिस की ओर से भी भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। मसूरी कोतवाल नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाली।आषु षर्मा सिनियर सेक्षन इंजीनियर रेलवे देहरादून ने बताया कि नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई संपदा अधिकारी के आदेश के अनुपालन में की गई है। अधिकारियों के मुताबिक आगे की कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी।इस कार्रवाई के बाद झड़ीपानी क्षेत्र में रेलवे और स्थानीय लोगों के बीच जमीन के स्वामित्व और सीमांकन को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। वही स्थानीय लोगों ने कहा वह कई दशकों से यहां पर रह रह है और उनके द्वारा भूमि को खरीद कर मकान बनाया है वह नगर पालिका परिषद में भी दाखिल खारिज हो रखा हे ऐसे में रेलवे के अधिकारी आये दिन रेलवे की संपत्ति बताकर उनके मकानों में नोटिस लगा रहे है जिससे उनका मानसिक उत्पीड़न भी हा रहा है उन्होंने कहा कि उनके द्वारा रेलवे बोर्ड से उनकी सम्पति के कागजात दिखाने को कहा गया वह रेलवे के अधिकारी कागज नहीं दिखा रहे है। उन्होंने कहा वह सक्षम न्यायालय में पूरे मामले को लेकर जायेगे। इस मौके पर मसूरी कोतवाल नरेन्द्र सिंह, एसएसआई सतेन्द्र भाटी सहित भारी पुलिस फोर्स मौजूद था।

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर करनपुर में जलाए हजारों दीप, हलवा प्रसाद का हुआ वितरण देहरादून।…

मसूरी शरदोत्सव का न्योता लेकर सीएम धामी से मिले गणेश जोशी और मीरा सकलानीलंबे अंतराल बाद लौट रहा मसूरी का ऐतिहासिक शरदोत्सव, मुख्यमंत्री नेहै आयोजन में पहुंचने का दिया भरोसा पहाड़ों की रानी मसूरी में लंबे समय बाद होने जा रहे ऐतिहासिक शरदोत्सव 2026 को लेकर शहर में उत्साह बढ़ने लगा है। शरदोत्सव को भव्य रूप देने की तैयारियों के बीच कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और नगर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर उन्हें शरदोत्सव में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए आयोजन में पहुंचने का भरोसा दिया। शरदोत्सव को मसूरी की पुरानी सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है। लंबे समय से बंद पड़े इस आयोजन की दोबारा शुरुआत से स्थानीय कलाकारों, युवाओं, व्यापारियों और नागरिकों में उत्साह है। आयोजन के माध्यम से मसूरी की सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय कला और प्रतिभाओं को मंच देने की तैयारी की जा रही है।मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान भाजपा मसूरी मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने मसूरी क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और विकास कार्यों से भी उन्हें अवगत कराया। उन्होंने सड़क, पेयजल, पर्यटन विकास, रोजगार और युवाओं से जुड़े विषय मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। हालांकि मुलाकात का प्रमुख केंद्र शरदोत्सव रहा और मुख्यमंत्री को आयोजन में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया। शरदोत्सव के आयोजन को लेकर शहर में विभिन्न समितियों के गठन और कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ स्थानीय कलाकारों और अन्य प्रतिभाओं को अवसर देने की तैयारी है। इससे मसूरी के पर्यटन सीजन में भी नई गतिविधियां जुड़ने की उम्मीद है। मुलाकात में सभासद कुशाल सिंह राणा, जसबीर कौर, प्रदेश संस्कृति प्रकोष्ठ संयोजक राजेंद्र रावत, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

मसूरी में खबर का असर, दिल में छेद और लकवे से पीड़ित महिला को मिलेगा इलाज  पहाड़ों की रानी मसूरी में एक जरूरतमंद परिवार की मदद के लिए प्रकाषित खबर का असर देखने को मिला है। मसूरी पंप हाउस के पास बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रहे ओंकार और उनकी पत्नी की मदद के लिए युवाओं और सामाजिक संगठनों ने हाथ बढ़ाया। दिल में छेद और लकवे से पीड़ित ओंकार की पत्नी को बेहतर उपचार के लिए जॉलीग्रांट स्थित हिमालयन इंस्टीट्यूट भेजा गया है, जहां उनका इलाज कराया जा रहा है।ओंकार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण पत्नी के इलाज का खर्च उठाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। वही ओंकार के पास आधार कार्ड हे ना ही आयुषमान कार्ड व बीमारी के साथ आर्थिक तंगी ने परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दी थीं। ऐसे में इस परिवार की परेशानी को प्रमुखता से सामने लाया गया। खबर सामने आने के बाद मसूरी के युवा साथियों और सामाजिक कार्यो से जुड़े लोगों ने परिवार की मदद के लिए आगे बढ़कर सहयोग किया।युवाओं ने दिखाई मानवतामदद की इस मुहिम में युवा साथी अनिल सिंह अन्नू, दीपक बंसवाल, नितिन भंडारी, मोहन षाही, मनन षाही, आषीश राणा, अखिलेष रावत और आदर्श भंडारी समेत अन्य लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। युवाओं ने दोनो बिमार लोगो को कुर्सियों के सहारे से एम्बुलेंस तक पहुचाया ओर कहा कि आज के दौर में भी मानवता को सबसे ऊपर रखते हुए जरूरतमंद परिवारों की मदद करना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ओंकार की पत्नी की हालत को देखते हुए तत्काल उपचार की जरूरत थी। ऐसे में सभी के छोटे-छोटे सहयोग ने परिवार के लिए बड़ी उम्मीद पैदा की है। महिला को उपचार के लिए जौलीग्रांट स्थित हिमालयन इंस्टीट्यूट पहुंचाया गया, जहां संस्थान की ओर से इलाज किए जाने में विशेष सहयोग मिला।परिवार की मदद में हिमालयन इंस्टीट्यूट की ओर से विशेष सहयोग बताया गया है। उनकी पहल और सहयोग से ओंकार की पत्नी का इलाज शुरू हो सका। इससे लंबे समय से बीमारी और आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवार को बड़ी राहत मिली है। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने के बाद ओंकार और उनके परिवार में अब उम्मीद जगी है। ओंकार ने कहा कि जिस समय उन्हें सबसे ज्यादा मदद की जरूरत थी, उस समय समाज के लोग उनके साथ खड़े हुए। उन्होंने विशेष आभार जताते हुए कहा कि खबर के माध्यम से उनकी परेशानी सामने आई और इसके बाद मदद के लिए कई हाथ आगे आए।अब परिवार को बचाने की उम्मीद जगीओंकार और उनकी पत्नी ने सभी मददगारों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और हिमालयन इंस्टीट्यूट का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि बीमारी और आर्थिक परेशानी के बीच उन्हें लगने लगा था कि शायद इलाज संभव नहीं हो पाएगा, लेकिन लोगों के सहयोग से अब परिवार को नई उम्मीद मिली है।युवाओं ने कहा कि किसी जरूरतमंद के घर के सामने खड़े होकर उसकी परेशानी को तमाशे की तरह देखना समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि आसपास कोई गरीब या जरूरतमंद परिवार संकट में है तो उसकी मदद के लिए आगे आएं।पड़ोसियों से भी मदद की अपीलमदद की मुहिम में शामिल युवाओं ने कहा कि समाज में रहने वाले लोगों की जिम्मेदारी केवल अपने घर तक सीमित नहीं होनी चाहिए। आसपास कोई परिवार गंभीर संकट में है तो पड़ोसियों को भी उसकी मदद करनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि ओंकार के परिवार की मदद के लिए जो भी संभव हो, सहयोग करें, ताकि उपचार के दौरान परिवार को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। युवाओं ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे जरूरतमंद और पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल चुनाव के समय जनता के बीच पहुंचने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जब कोई परिवार संकट में हो, तब भी उसके साथ खड़ा होना जरूरी है। उनका कहना था कि मीडिया के माध्यम से जब किसी जरूरतमंद की आवाज सामने आती है तो समाज के साथ-साथ शासन-प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं का भी ध्यान उस परिवार की ओर जाता है। ओंकार के परिवार के लिए शुरू हुई यह मुहिम अब उपचार की उम्मीद में बदल चुकी है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए समाज के लोगों का सहयोग और हिमालयन इंस्टीट्यूट की ओर से निशुल्क इलाज की पहल मानवता की मिसाल बनकर सामने आई है। अब परिवार की उम्मीदें महिला के बेहतर स्वास्थ्य और जल्द घर लौटने पर टिकी हैं।

शिक्षक भविष्य निर्माता होता है – डॉ स्वामी चंद्रा

देहरादून। आज राजपुर रोड़ स्थित वेगा ज्वेलर्स देहरादून में शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षा के…

सितारगंज राधा अष्टमी पर सनातन धर्म मंदिर में गूंजे कृष्ण भजन, भक्ति में झूमे श्रद्धालु

सितारगंज। राधाअष्टमी के पावन अवसर पर सितारगंज स्थित सनातन धर्म मंदिर में भव्य भजन संध्या का…

मरणोपरांत भी दुनियां देखेंगी दर्शनलाल जी की आंखें, जाते-जाते दिया समाज को संदेश।

वसुधैब कुटुम्बकम् काशीपुर के तत्वधान में 59वां नेत्रदान संपन्न। समाज में जागरूकता अभियान भी जारी.. ब्रह्मलीन…

आम आदमी पार्टी और भाकपा(माले) द्वारा अंकिता भंडारी हत्याकांड की चौथी बरसी तक भी वीआईपी भाजपा नेता की गिरफ्तारी ना होने पर अंकिता को श्रद्धांजलि देते हुए अंबेडकर पार्क में कल देर शाम भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।

इस दौरान आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष विजय सिंह ने कहा कि 4 साल बाद भी…

निठारी कांड में आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

हरिद्वार। देशभर में चर्चित निठारी कांड में आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों…