इस दौरान आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष विजय सिंह ने कहा कि 4 साल बाद भी अंकिता हत्याकांड की मुख्य वजह भाजपा के वी आई पी नेताओं की गिरफ्तारी न होने से साफ है कि भाजपा सरकार के रहते हुए अंकिता के परिजनों को न्याय नहीं मिल पाएगा। अंकिता भंडारी हत्याकांड की मुख्य वजह थी कि अंकिता ने भाजपा नेताओं को वीआईपी सर्विस देने से मना कर दिया था। जिसका खामियाजा अंकिता को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा। पूरे उत्तराखण्ड को गर्व है अंकिता की बहादुरी पर। लेकिन भाजपा की धामी सरकार कलंक है उत्तराखंड के लिए। यह सरकार अपराधियों को बचाने और संरक्षण देने का काम कर रही है। साथ ही भाजपा के नेता महिलाओं के ख़िलाफ़ यौन अपराधों में शामिल पाये जा रहे हैं। भाजपा ने महिलाओं को सम्मान देने की संस्कृति को तहस नहस करने का काम किया है।
आम आदमी पार्टी की नेता किरण पांडेय ने कहा कि 6 माह से अधिक हो गए है सीबीआई जांच शुरू हुए। लेकिन लगता है जैसे सीबीआई मोदी जी और अमित शाह के इशारे पर शांत बैठी हुई है। आज तक सीबीआई पता नहीं लगा सके कि वो कौन भाजपाई वी आई पी हैं जिनकी हवस पूरी करने के लिए अंकिता की जान ली गई। तभी भाजपा संगठन में उन लोगों को प्रोन्नत किया जा रहा है जिन पर वी आई पी होने का शक है।
भाकपा(माले) जिला सचिव ललित मटियाली ने कहा कि अंकिता हत्याकांड में शामिल जिन वी आई पी नेताओं को उत्तराखंड की जनता सजा देने की मांग पर सड़को पर है भाजपा उन्हें अपने संगठन में पदोन्नति दे रही है साथ ही भाजपा विधायकों से लेकर तमाम भाजपाई जन प्रतिनिधि उन आरोपी नेताओं को बधाई देने व उनके साथ फोटो खींचने का काम इतनी खुशी से कर रहे हैं जैसे उनके लिए महिलाओं के प्रति यौन अपराध करना गर्व का विषय हो।
ऐक्टू की जिला सचिव अनिता अन्ना ने कहा कि जब सरकार अपराधियों को बचाती है तब प्रशासन भी अपराधियों को संरक्षण देने का काम करता है। जैसा सितारगंज से अपहृत 13 वर्षीय बालिका के मामले में हुआ। 75 दिन बाद भी सितारगंज पुलिस आरोपी को नहीं ढूंढ पाई है। रोज छोटी बच्चियों व महिलाओं के प्रति यौन अपराधों की अनगिनत खबरें सामने आ रही हैं।
प्रीति मौर्य ने कहा पहले से ही महिलाएं पितृसत्ता की शिकार थीं। भाजपा की सांप्रदायिक व फासीवादी राजनीति ने पितृसत्ता को और मजबूत बनाकर महिलाओं के प्रति अपराधों में वृद्धि की है ।
इस दौरान आम आदमी पार्टी के जिला सचिव गुरनाम सिंह पन्नू, धर्मेंद्र सिंह ,प्रेम सिंह, दीपक विश्वास, विद्या रावत, राहुल गुप्ता व भाकपा(माले) के सुरेन सिंह ज्ञानी, प्रीति मौर्य, अभिषेक आदि शामिल थे।
ललित मटियाली






