पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। सरकारी कार्यालय केवल फाइलों और कागजों के निस्तारण का केंद्र नहीं,बल्कि आमजन को शासन की योजनाओं और सुविधाओं से सीधे जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने शुक्रवार को विकास भवन पहुंचकर विभिन्न विभागीय कार्यालयों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालयी व्यवस्थाओं,अभिलेखों के रख-रखाव,योजनाओं की प्रगति,स्वच्छता व्यवस्था तथा जनसमस्याओं के निस्तारण की स्थिति को बारीकी से परखा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन,स्वच्छता,पारदर्शिता और समयबद्ध कार्यप्रणाली सुनिश्चित की जाए,ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विकास भवन स्थित विभिन्न कार्यालयों में पहुंचकर संबंधित अधिकारियों से विभागीय कार्यों और योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली तथा मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यालयों में अभिलेख एवं पत्रावलियां व्यवस्थित और अद्यतन रहनी चाहिए तथा लंबित प्रकरणों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण किया जाना आवश्यक है। जिलाधिकारी ने विभिन्न कार्यालयों में पत्रावलियों,पंजिकाओं एवं अभिलेखों के संधारण की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महत्वपूर्ण अभिलेखों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप सुरक्षित एवं व्यवस्थित रखा जाए,ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध हो सके। उन्होंने टूर पंजिकाओं को नियमित रूप से अद्यतन रखने तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यालयी गतिविधियों का समुचित रिकॉर्ड बनाए रखने पर भी जोर दिया। विकास भवन परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने कार्यालय कक्षों,गलियारों,वेटिंग रूम तथा शौचालयों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने तथा पूरे कार्यालय परिसर में साफ-सफाई एवं बेहतर रख-रखाव के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास भवन में आने वाले आम नागरिकों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए। ग्रामोत्थान विभाग के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभागीय गतिविधियों एवं कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने टूर पंजिका का अवलोकन करते हुए इसे नियमित रूप से अद्यतन रखने के निर्देश दिए। वहीं स्वजल विभाग में संचालित योजनाओं एवं कार्यों की जानकारी लेते हुए उन्होंने विशेष रूप से कूड़ा संग्रहण केंद्रों की स्थिति और उनके उपयोग की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि कूड़ा संग्रहण केंद्रों का प्रभावी एवं नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा स्वच्छता संबंधी गतिविधियों की निरंतर निगरानी की जाए। मत्स्य विभाग के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मत्स्य पालन योजनाओं,क्लस्टर आधारित कार्यों और लाभार्थियों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म का अवलोकन किया तथा विभागीय गतिविधियों के डिजिटल रिकॉर्ड के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही जनपद में विकसित अमृत सरोवरों के उपयोग एवं उनमें मत्स्य पालन की संभावनाओं की भी जानकारी ली। पंचायतीराज विभाग के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायतों से प्राप्त शिकायतों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों से प्राप्त प्रत्येक शिकायत के लिए पृथक शिकायत पंजिका तैयार की जाए और शिकायत प्राप्त होने की तिथि,विषय तथा निस्तारण की स्थिति का शत-प्रतिशत अंकन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत की प्रगति की प्रभावी निगरानी होनी चाहिए और उसके निस्तारण में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। समाज कल्याण विभाग में जिलाधिकारी ने छात्रवृत्ति,विभिन्न पेंशन योजनाओं और लाभार्थियों से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सत्यापन रिपोर्टों का अवलोकन करते हुए पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। परिवीक्षा विभाग एवं उरेडा के निरीक्षण के दौरान भी जिलाधिकारी ने विभागीय गतिविधियों एवं प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने आवश्यक अभिलेखों को अद्यतन रखने तथा निर्धारित समयसीमा में कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निस्तारित एवं लंबित बीजकों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अनावश्यक रूप से कोई भी प्रकरण लंबित न रखा जाए तथा लंबित बीजकों का नियमानुसार शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने लंबित कार्यों से संबंधित माप पुस्तिकाएं आदि मंगवाने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय में आए आवेदकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं एवं सुझाव भी सुने। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिला विकास अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने लेखा अनुभाग के कार्यों की जानकारी लेने के साथ ही सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एमपीलैड),विधायक निधि तथा वीबी जीरामजी कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विधायक निधि की दूसरी किश्त से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही स्वीकृत कार्यों की प्रगति एवं लंबित प्रकरणों की जानकारी लेते हुए विकास कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने को कहा। जिलाधिकारी ने विकास भवन की आंतरिक व्यवस्थाओं में सुधार के लिए भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्मिकों के कार्यस्थलों पर स्पष्ट नाम पट्टिकाएं लगाने को कहा,ताकि कार्यालय में आने वाले लोगों को संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की पहचान और कक्ष की जानकारी आसानी से मिल सके। वेटिंग रूम के निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां रखे टूटे एवं अनुपयोगी फर्नीचर को हटाकर स्थान को व्यवस्थित एवं उपयोगी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन के बैठने के लिए उपलब्ध स्थान साफ-सुथरा और सुविधाजनक होना चाहिए। इसके अलावा विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों के गलियारों में आवश्यक रंग-रोगन एवं मरम्मत कार्य कराने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यालयी व्यवस्थाओं में सुधार केवल निरीक्षण तक सीमित न रहे,बल्कि इसे नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता,अभिलेखों का व्यवस्थित संधारण,लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण और आमजन की सुविधा प्रत्येक विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए नियमानुसार उसके समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता,अनुशासन और समयबद्धता से ही आमजन का विश्वास मजबूत होता है। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी,परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।








