श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार केंद्र की ओर से इंडस्ट्री मीट्स एकेडेमिया गेस्ट लेक्चर सीरीज के तहत द चेंजिंग मीडिया लैंडस्केप : चैलेंजेस एंड अपॉर्चुनिटीज विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। एनडीटीवी के आउटपुट एडिटर एवं वरिष्ठ समाचार निर्माता मनीष कपूर ने विद्यार्थियों को बदलते मीडिया परिदृश्य,मोबाइल जर्नलिज्म,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फेक न्यूज जैसी चुनौतियों और अवसरों की जानकारी दी। मनीष कपूर ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने 21 वर्षों से अधिक के अनुभव को विद्यार्थियों के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में इंटरनेट और तकनीक के विस्तार ने मीडिया के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने कहा कि पहले किसी बड़ी घटना की रिपोर्टिंग के लिए ओबी वैन और न्यूजरूम पर काफी निर्भरता रहती थी,लेकिन मोबाइल जर्नलिज्म (MoJo) और हाई-स्पीड इंटरनेट ने रिपोर्टिंग को अधिक तेज और आसान बना दिया है। अब रिपोर्टर घटना स्थल से ही खबर,वीडियो और अन्य सामग्री तत्काल भेज सकते हैं। एआई से डरने के बजाय तकनीक सीखें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव पर उन्होंने कहा कि एआई एंकर की अपनी सीमाएं हैं और वह मानवीय पत्रकारिता का पूरी तरह विकल्प नहीं बन सकता। वर्तमान में एआई का प्रभावी उपयोग विजुअल जनरेशन और ग्राफिक्स जैसे क्षेत्रों में किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि एआई से नौकरियां खत्म होने के बजाय पत्रकारिता में काम करने के तरीके बदलेंगे। एआई टूल्स को सही दिशा देने और प्रभावी प्रॉम्प्ट तैयार करने वाले कुशल पत्रकारों की मांग आने वाले समय में बढ़ेगी। मनीष कपूर ने फेक न्यूज को वर्तमान मीडिया के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में किसी भी सूचना को प्रसारित करने से पहले उसकी तथ्यात्मक जांच जरूरी है। मीडिया में तकनीकी दक्षता के साथ तथ्यपरकता,विश्वसनीयता और पत्रकारिता के मूल्यों को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने टीआरपी प्रणाली में आए बदलाव,मीडिया में बढ़ते कॉर्पोरेट स्वामित्व और युवाओं के समाचार देखने की बदलती आदतों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा अब टीवी और प्रिंट मीडिया की तुलना में डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से समाचार और सूचनाएं प्राप्त कर रहे हैं। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक,शोधार्थी और पत्रकारिता एवं जनसंचार केंद्र के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। इस मौके पर केंद्र की निदेशक प्रो.रश्मि ढोडी,कार्यक्रम संयोजक डॉ.साकेत भारद्वाज,डॉ.दिनेश भट्ट,राजेंद्र सिंह,डॉ.श्रीकृष्ण उनियाल,शोधार्थी नीतू,मनीषा व शोभित आदि मौजूद रहे।