श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड की देवभूमि सांस्कृतिक,धार्मिक एवं शैक्षणिक नगरी श्रीनगर गढ़वाल स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर एक भारत,श्रेष्ठ भारत की थीम पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्र की एकता,अखंडता,सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय चेतना के महत्व को रेखांकित करते हुए सरदार पटेल के अतुलनीय योगदान का स्मरण किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सरदार वल्लभभाई पटेल की ऐतिहासिक भूमिका से परिचित कराना तथा देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो.ओ.पी.गोसाईं ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता ही उसकी विशिष्ट पहचान है और इस विविधता को एक सूत्र में पिरोकर रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता निभाने तथा देश की एकता, सामाजिक सद्भाव और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया। राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.एम.एम.सेमवाल ने सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन से जुड़े प्रेरणादायी प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उनके अदम्य साहस,दृढ़ इच्छाशक्ति,कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार व्यक्तिगत दुख की घड़ी में भी सरदार पटेल ने अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखा। पत्नी के निधन का समाचार मिलने के बावजूद न्यायालय में अपने दायित्वों का निर्वहन जारी रखने का प्रसंग उनकी असाधारण कर्तव्यपरायणता का परिचायक है। उन्होंने स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देशी रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल की ऐतिहासिक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने आधुनिक भारत की एकता को सुदृढ़ आधार प्रदान किया। कार्यक्रम के संयोजक एवं राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ.राकेश नेगी ने एक भारत,श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को भारत की सांस्कृतिक विविधता,सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकजुटता का प्रतीक बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से देश की साझा विरासत,लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर डॉ.नरेश ने भी राष्ट्रीय एकीकरण के महत्व और राष्ट्र निर्माण में सरदार पटेल के योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता की भावना को अपने व्यवहार और जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने राष्ट्र की एकता,अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने की सामूहिक शपथ ली। इसके उपरांत विद्यार्थियों ने राष्ट्र निर्माण,राष्ट्रीय एकीकरण,सामाजिक समरसता तथा सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। विभिन्न शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया। कार्यक्रम में अतिथि शिक्षक डॉ.गिरीश,डॉ.सुभाष एवं डॉ.हेमलता सहित विभाग के अन्य शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों की ओर से पीएचडी शोधार्थी साक्षी एवं करिश्मा तथा बी.ए.के विद्यार्थी जसमीत,अभिषु लखेड़ा एवं भूमिका जोशी ने अपने विचार रखे। अन्य विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए राष्ट्रीय एकता और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए। कार्यक्रम का समापन एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को आत्मसात करने,देश की सांस्कृतिक विविधता का सम्मान करने तथा राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता को बनाए रखने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि राष्ट्र की मजबूती केवल उसकी सीमाओं से नहीं,बल्कि नागरिकों के बीच एकता,विश्वास,समरसता और साझा जिम्मेदारी की भावना से सुनिश्चित होती है।