पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने और समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग पौड़ी की ओर से राजकीय इंटर कॉलेज जामलाखाल में मानसिक स्वास्थ्य एवं नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य का महत्व,मानसिक रोगों की पहचान,नशे के दुष्परिणाम तथा बचाव एवं उपचार के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मनोचिकित्सकीय सामाजिक कार्यकर्ता आदित्य बर्त्वाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य भी स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने तनाव,चिंता,अवसाद,नशे की लत तथा अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के शुरुआती लक्षणों की जानकारी देते हुए समय रहते उचित परामर्श एवं उपचार लेने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने शराब,तंबाकू,धूम्रपान एवं अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक,मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। विद्यार्थियों को समझाया गया कि नशे की शुरुआत धीरे-धीरे गंभीर लत का रूप ले सकती है,जिसका दुष्प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य,शिक्षा,परिवार और सामाजिक जीवन पर पड़ता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। आदित्य बर्त्वाल ने मानसिक बीमारियों को लेकर समाज में प्रचलित भ्रांतियों और अंधविश्वासों को दूर करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मानसिक परेशानी किसी कमजोरी का परिचायक नहीं है,बल्कि ऐसी स्थिति में समय पर चिकित्सकीय सहायता और उचित उपचार लेना आवश्यक है। विद्यार्थियों को परीक्षा,पढ़ाई,भविष्य के करियर और पारिवारिक परिस्थितियों से उत्पन्न होने वाले तनाव के प्रति भी जागरूक किया गया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अपनी समस्याएं परिवारजनों एवं शिक्षकों के साथ खुलकर साझा करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से उबरने में परिवार और अध्यापकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। नियमित दिनचर्या,पर्याप्त नींद,संतुलित खानपान,सकारात्मक सोच तथा रचनात्मक गतिविधियों को मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी बताया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) तथा स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) के प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। इसके माध्यम से नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों,रोकथाम और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य दलवीर सिंह नेगी,अनुज कुमार,प्रदीप सिंह,अनुराधा सहित विद्यालय के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को मानसिक रूप से स्वस्थ रहने,नशे से दूर रहने और जागरूक नागरिक बनकर समाज में सकारात्मक संदेश प्रसारित करने की प्रेरणा दी गई।