पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अगरोड़ा में पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन को समर्पित एक सराहनीय पहल की गई। विद्यालय ने सामाजिक संस्था समलौण के सहयोग से विद्यालय परिसर में समलौण वाटिका की स्थापना कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में विभिन्न औषधीय,फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधरोपण तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों को प्रकृति,पर्यावरण और पारंपरिक औषधीय ज्ञान से जोड़ना रहा। समलौण वाटिका में नींबू,जामुन और आंवला सहित विभिन्न उपयोगी पौधे लगाए गए। विद्यालय परिवार ने इन पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पौड़ी जिला संयोजक पवन पटवाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकताओं में से एक है। पौधरोपण तभी सार्थक होगा,जब लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें वृक्ष के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती के अवसर पर स्थापित की गई यह समलौण वाटिका विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराने के साथ ही आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण का संदेश देगी। उन्होंने कहा कि औषधीय एवं फलदार पौधों के माध्यम से बच्चों को पेड़-पौधों के पर्यावरणीय महत्व के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य एवं पारंपरिक उपयोग की जानकारी भी मिलेगी। विद्यालय परिसर में विकसित की गई यह वाटिका आने वाले समय में विद्यार्थियों के लिए प्रकृति एवं पर्यावरण शिक्षा का जीवंत माध्यम बन सकती है। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य मान सिंह कोहली ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में विद्यालय एवं समलौण संस्था की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को किताबों के ज्ञान के साथ प्रकृति से जोड़ना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल की जिम्मेदारी विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार द्वारा मिलकर निभाई जाएगी। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक पौधरोपण अभियान में भाग लिया। समलौण संस्था की राज्य संयोजिका सावित्री ममगांई तथा पौड़ी जिला संयोजक पवन पटवाल की मौजूदगी में विद्यार्थियों ने पौधों के संरक्षण और उन्हें नियमित रूप से पानी देने तथा उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वच्छता,सादगी और प्रकृति के साथ संतुलित जीवन का संदेश दिया था। गांधी जयंती के अवसर पर विद्यालय परिसर में समलौण वाटिका की स्थापना उसी भावना को आगे बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। स्थानीय स्तर पर इस प्रकार की पहल से बच्चों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित होने के साथ समाज में भी प्रकृति संरक्षण का संदेश पहुंचेगा। विद्यालय परिसर में स्थापित यह समलौण वाटिका आने वाले वर्षों में हरियाली,पर्यावरण जागरूकता और विद्यार्थियों की सहभागिता का केंद्र बनेगी। गांधी जयंती पर आयोजित इस पहल ने यह संदेश दिया कि एक पौधा लगाना शुरुआत है,उसकी देखभाल करना ही वास्तविक पर्यावरण संरक्षण है।