जिला योजना की धीमी रफ्तार पर सीडीओ अशोक जोशी सख्त-अधिकारियों को समयबद्ध प्रगति के निर्देश


पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जिले में विकास योजनाओं को गति देने और स्वीकृत धनराशि का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने को लेकर प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाया है। जिला योजना के तहत स्वीकृत एवं अवमुक्त धनराशि के बावजूद अपेक्षित गति से विकास कार्य आगे न बढ़ने पर मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी विभाग निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप भौतिक एवं वित्तीय प्रगति सुनिश्चित करें। विकास भवन कार्यालय में आयोजित जिला योजना की समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने विभागवार योजनाओं,स्वीकृत धनराशि,अवमुक्त धनराशि तथा उसके सापेक्ष हुए व्यय की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान सामने आया कि जिला योजना के अंतर्गत अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष वर्तमान में कुल 41.32 प्रतिशत ही व्यय हो पाया है। अपेक्षित प्रगति की तुलना में यह स्थिति कम पाए जाने पर सीडीओ ने अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। धीमी प्रगति पर लोनिवि लैन्सडौन को फटकार गत दिवस देर सायं हुई बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने विशेष रूप से लोनिवि लैन्सडौन की जिला योजना के तहत अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष धीमी वित्तीय एवं भौतिक प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा स्वीकृत योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला योजना के माध्यम से स्वीकृत विकास कार्यों का उद्देश्य आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे में धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद कार्यों की धीमी गति उचित नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से कार्यस्थलों का निरीक्षण करने,लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करने तथा कार्यों की गुणवत्ता के साथ-साथ समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्माण खण्ड पौड़ी की भी धीमी प्रगति पर आवश्यक सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी विभागीय स्तर पर लंबित कार्यों की प्राथमिकता तय करते हुए उन्हें तेजी से पूरा कराएं,ताकि जिला योजना के निर्धारित लक्ष्यों को समय से हासिल किया जा सके। सीडीओ अशोक जोशी ने जल संस्थान यांत्रिक शाखा कोटद्वार,उरेडा,सिंचाई खण्ड दुगड्डा,स्वास्थ्य विभाग,होम्योपैथिक चिकित्सा,प्राथमिक शिक्षा एवं कृषि विभाग सहित संबंधित विभागों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस माह के अंत तक कम से कम 60 प्रतिशत भौतिक एवं वित्तीय प्रगति हासिल करना सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल धनराशि व्यय करना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए,बल्कि योजनाओं का वास्तविक लाभ आमजन तक पहुंचना भी सुनिश्चित किया जाए। विकास कार्यों की नियमित निगरानी,गुणवत्ता की जांच और कार्यों की समयबद्ध पूर्णता पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सभी विभाग अपनी-अपनी योजनाओं एवं विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करें और जिन कार्यों में किसी प्रकार की बाधा या विलंब है,उनका विभागीय स्तर पर तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की निरंतर निगरानी करने तथा प्रगति में सुधार नहीं होने की स्थिति मे आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जिला योजना जिले के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। इसके माध्यम से सड़क,पेयजल,शिक्षा,स्वास्थ्य,कृषि,उद्यान,सिंचाई,ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्य किए जाते हैं। इसलिए स्वीकृत धनराशि का समय पर और नियमानुसार उपयोग करते हुए योजनाओं को धरातल पर उतारना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बैठक में जिला विकास अधिकारी रमेश चंद,जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने,मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.विशाल शर्मा,जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ.शैलेन्द्र पांडे,अधिशासी अभियंता लोनिवि प्रांतीय खण्ड विवेक सेमवाल,अधिशासी अभियंता जल संस्थान त्रेपन रावत,जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भण्डारी,जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल,जिला मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।