श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वच्छता,अनुशासन और स्वस्थ समाज के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय मेडिकोज संगठन की वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान एवं बेस अस्पताल परिसर इकाई की ओर से महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान के साथ युवाओं को नशामुक्त जीवन के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वच्छता अभियान के दौरान मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा छात्रों ने पूरे उत्साह और जिम्मेदारी के साथ परिसर की साफ-सफाई की। छात्र जतिन,ओम,प्रत्यक्ष,उत्कर्ष,मानस,प्रखर सहित अन्य छात्रों ने श्रमदान करते हुए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण का संदेश दिया। छात्रों ने साफ-सफाई को केवल एक अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे दैनिक जीवन की आदत बनाने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम का दूसरा महत्वपूर्ण चरण चिकित्सा के प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए आयोजित नशामुक्त युवा-जागरूकता रोकथाम एवं स्वस्थ विकल्प विषयक जागरूकता संगोष्ठी रहा। संगोष्ठी में मनोचिकित्सा विभाग के सहायक आचार्य डॉ.पार्थ दत्ता ने युवाओं को नशे के शारीरिक,मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने नशे की शुरुआत से बचने,समय रहते इसके दुष्परिणामों को पहचानने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के विभिन्न उपायों पर भी प्रकाश डाला। डॉ.दत्ता ने कहा कि युवा पीढ़ी देश और समाज की महत्वपूर्ण शक्ति है। इसलिए युवाओं को नशे जैसी गंभीर सामाजिक समस्या से दूर रखते हुए उन्हें खेल,अध्ययन,रचनात्मक गतिविधियों और सकारात्मक सोच से जोड़ना आवश्यक है। राष्ट्रीय मेडिकोज संगठन द्वारा आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से चिकित्सा छात्रों को यह संदेश दिया गया कि स्वास्थ्य सेवा केवल उपचार तक सीमित नहीं है,बल्कि स्वच्छ वातावरण,स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक जागरूकता भी स्वस्थ समाज की आधारशिला हैं। कार्यक्रमों का आयोजन राष्ट्रीय मेडिकोज संगठन के मुख्य संरक्षक एवं वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान के प्रचार्य डॉ.सीएमएस.रावत के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में तथा डॉ.अमन भारद्वाज के समन्वय में किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय मेडिकोज संगठन ने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वच्छता को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं,नशे से स्वयं दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्त एवं स्वस्थ जीवन के लिए प्रेरित करें। स्वच्छ परिसर और नशामुक्त युवा-दोनों को स्वस्थ एवं सशक्त समाज की मजबूत नींव बताते हुए कार्यक्रम का समापन सामाजिक जिम्मेदारी के संकल्प के साथ किया गया।