श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के अवसर पर हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के बिरला परिसर एवं चौरास परिसर में खेल गतिविधियों की धूम रही। विश्वविद्यालय खेल बोर्ड एवं शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग बिरला परिसर के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कर विद्यार्थियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया गया। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साह और खेल भावना के साथ प्रतिभाग करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित छात्रावास बैडमिंटन पुरुष एवं महिला प्रतियोगिता का शुभारंभ बिरला परिसर के निदेशक प्रो.हरिभजन सिंह चौहान ने किया। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता को विकसित करने का माध्यम नहीं है,बल्कि यह अनुशासन,नेतृत्व क्षमता,आत्मविश्वास और टीम भावना को भी मजबूत करता है। वहीं छात्रावास पुरुष एवं महिला रस्साकसी प्रतियोगिता का आयोजन खेल परिसर चौरास में किया गया। प्रतियोगिता में वरिष्ठ प्रोफेसर एवं विश्वविद्यालय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र यूसिक से जुड़े प्रो.नारायण सिंह पंवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए खेलों को विद्यार्थी जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। इसके अलावा आयोजित शतरंज प्रतियोगिता में प्रो.मोहन सिंह पंवार ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक एकाग्रता,रणनीतिक सोच और धैर्य विकसित करने के लिए शतरंज जैसे खेलों को अपनाने की प्रेरणा दी। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर सभी मुख्य अतिथियों,शिक्षकों और खिलाड़ियों ने महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि मेजर ध्यानचंद का जीवन और खेल के प्रति समर्पण देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों से खेल को केवल प्रतियोगिता के रूप में न देखते हुए इसे स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। साथ ही युवाओं को केंद्र सरकार के फिट इंडिया अभियान से जुड़कर नियमित व्यायाम एवं खेल गतिविधियों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। चौरास परिसर के खेल परिसर में आयोजित रस्साकसी प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ मुकाबला किया। पुरुष वर्ग में शारीरिक शिक्षा विभाग की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया,जबकि आर्यभट्ट छात्रावास की टीम उपविजेता रही। महिला वर्ग में भी शारीरिक शिक्षा विभाग की टीम ने प्रथम स्थान हासिल कर विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया,जबकि अलकनंदा छात्रावास की टीम उपविजेता रही। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला और उपस्थित विद्यार्थियों ने तालियों के साथ खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। शतरंज प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने अपनी बौद्धिक क्षमता,एकाग्रता और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया। प्रतियोगिता में विशाल सिंह ने प्रथम स्थान,अभिषेक भारती ने द्वितीय स्थान तथा हर्षित सैनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के बीच प्रत्येक चाल को लेकर गहन रणनीतिक मुकाबला देखने को मिला। शतरंज प्रतियोगिता ने यह संदेश दिया कि खेल केवल मैदान तक सीमित नहीं हैं,बल्कि मानसिक क्षमता और निर्णय लेने की दक्षता को विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय खेल दिवस पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं ने विद्यार्थियों को खेलों से जोड़ने के साथ-साथ उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को भी मजबूत किया। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ खेलों में भी आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रोत्साहित किए जाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं आयोजन शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग द्वारा किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक,छात्रावास अधीक्षक,छात्र-छात्राएं एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। राष्ट्रीय खेल दिवस पर आयोजित इन प्रतियोगिताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में यह संदेश मजबूत किया कि शिक्षा और खेल एक-दूसरे के पूरक हैं तथा स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास संभव है। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने परिसर में खेल संस्कृति को और मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक वातावरण तैयार किया।







