श्रीनगर गढ़वाल। कमलेश्वर मोहल्ले में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में भक्ति,श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का सुंदर संगम देखने को मिला। संकट मोचन सेवा दल के सदस्यों की ओर से नियमित सुंदरकांड पाठ की श्रृंखला के तहत 118 वां सुंदरकांड पाठ एवं दूसरी माला के दसवें पाठ का आयोजन श्रद्धापूर्वक किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर पवनपुत्र हनुमान के जयकारों और सुंदरकांड की चौपाइयों से भक्तिमय हो उठा। सुंदरकांड पाठ के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम और संकटमोचन हनुमान का स्मरण करते हुए क्षेत्र,समाज और समस्त मानवता के सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। भक्तों ने प्रार्थना की कि पवनपुत्र हनुमान की कृपा सभी भक्तों और परिवारों पर सदैव बनी रहे तथा समाज में प्रेम,सद्भाव,सेवा और संस्कारों की भावना मजबूत हो। सनातन संस्कृति और धार्मिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प संकट मोचन सेवा दल के सदस्यों ने बताया कि सेवा दल की ओर से मंगलवार और शनिवार को मंदिरों,शिवालयों अन्य धार्मिक स्थलों के साथ ही लोगों के प्रतिष्ठानों और घरों में भी सुंदरकांड पाठ किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है,बल्कि समाज में सनातन संस्कृति,आध्यात्मिक चेतना और धार्मिक संस्कारों के प्रति जागरूकता पैदा करना भी है। सेवा दल का मानना है कि सुंदरकांड केवल पाठ नहीं,बल्कि साहस,संयम,समर्पण,सेवा और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देने वाला आध्यात्मिक ग्रंथ है। भगवान हनुमान के चरित्र से प्रेरणा लेकर व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रख सकता है और सद्मार्ग पर चलते हुए समाज एवं मानवता की सेवा कर सकता है। सेवा दल के सदस्यों ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ना बेहद जरूरी है। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति,संस्कारों तथा सामाजिक जिम्मेदारियों से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है। सुंदरकांड पाठ के माध्यम से सेवा दल ने समाज को यह संदेश भी दिया कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं,बल्कि अच्छे विचार,अच्छे कर्म,सेवा,परोपकार और मानवता के प्रति संवेदना का नाम है। जब धार्मिक चेतना के साथ सामाजिक जिम्मेदारी जुड़ती है,तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव तैयार होती है। आयोजन में भगवती सिंह कठैत,हरि कृष्ण नौटियाल,रमेश चंद्र चमोली,राजेंद्र प्रसाद बड़थ्वाल,जयप्रकाश डिमरी,राजेंद्र प्रसाद सहित सेवा दल के सदस्य एवं श्रद्धालु मौजूद रहे। पाठ के समापन पर श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवान हनुमान से क्षेत्र की सुख-शांति,खुशहाली और सभी के मंगल की प्रार्थना की। जय श्रीराम,जय बजरंगबली।








