सार्वजनिक शौचालयों और सफाई व्यवस्था पर उठे सवालमसूरी नगर पालिका की सार्वजनिक सुविधाओं और सफाई व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। करोड़ों रुपये खर्च कर आधुनिक स्वरूप में तैयार किए गए सार्वजनिक शौचालय आज भी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। वहीं शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। आम नागरिकों का कहना है कि टैक्स देने के बावजूद उन्हें मूलभूत सुविधाएं तक बेहतर तरीके से नहीं मिल पा रही हैं।
नगर पालिका परिषद मसूरी द्वारा नए स्वरूप में विकसित किए गए सार्वजनिक शौचालय शुरुआत से ही विवादों में रहे हैं। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी लंबे समय तक कई शौचालय जनता के लिए नहीं खोले गए। संचालन शुरू होने के बाद कहीं पानी की कमी, कहीं नियमित सफाई का अभाव तो कहीं रखरखाव में लापरवाही जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद इन सुविधाओं का अपेक्षित लाभ आम जनता और पर्यटकों को नहीं मिल पा रहा है।
दूसरी ओर शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर भी लोगों में असंतोष है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जब से लॉर्ड शिवा कंपनी को सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है, तब से कूड़ा उठान और सफाई व्यवस्था में सुधार के बजाय कई स्थानों पर समस्याएं बनी हुई हैं। लोगों का कहना है कि कई इलाकों में कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठाया जाता, जिससे गंदगी फैल रही है।
इस मुद्दे पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल और स्थानीय निवासी अनुज गुप्ता भी लगातार सवाल उठाते रहे हैं उनका आरोप है कि सफाई व्यवस्था में अपेक्षित पारदर्शिता और जवाबदेही दिखाई नहीं दे रही है इससे पहले भी सफाई व्यवस्था से जुड़ी पर्चियों में अधिक शुल्क वसूले जाने के आरोप सामने आए थे, जिस पर भी काफी विवाद हुआ था
इन सभी मुद्दों पर नगर पालिका परिषद मसूरी से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने इस विषय पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया
फिलहाल शहर के स्थानीय निवासी और टैक्सदाता यही उम्मीद लगाए बैठे हैं कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी इन समस्याओं का संज्ञान लेते हुए सार्वजनिक शौचालयों की बदहाल स्थिति और सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाएंगे।
स्थानीय निवासी प्रकाश राणा ने बताया कि पूर्व में कीन संस्था को मसूरी की सफाई का जिम्मा दिया गया था और मात्र 12 लाख रुपए में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन और सफाई व्यवस्था का काम किया जाता था लेकिन अब एक नई कंपनी को 25 लाख रुपए में इसकी जिम्मेदारी दी गई है लेकिन शहर में गंदगी का आलम है और पर्यटन नगरी की छवि धूमिल हो रही है उन्होंने कहा कि नगर पालिका द्वारा अपने चाहे तो को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बाहर की कंपनी को मसूरी की सफाई व्यवस्था का जिम्मा दिया गया है लेकिन शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं वहीं घरों से कूड़ा उठान भी नहीं हो रहा है उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की जांच होनी चाहिए और इसकी जानकारी जनता के सामने आनी चाहियें
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने कहा कि शहर में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है और उसके साथ ही करोड़ों रुपए की लागत से बनाए गए शौचालयों मे गंदगी पसरी पड़ी है जहां पर दुर्गंध के कारण पर्यटकों स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है उन्होंने कहा कि नगर पालिका द्वारा शौचालय तो बना दिए जाते हैं लेकिन उसका रखरखाव और पानी बिजली की व्यवस्था नहीं हो पाती है








