श्रीनगर गढ़वाल। आगामी चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित,सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से श्रीनगर में प्रशासन और स्थानीय व्यवस्था से जुड़े सभी पक्ष एक मंच पर नजर आए। कोतवाली श्रीनगर में आयोजित महत्वपूर्ण समन्वय बैठक में यात्रा सीजन के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर गंभीर मंथन हुआ। क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में खाद्य पूर्ति निरीक्षक,टैक्सी यूनियन,होटल एसोसिएशन,व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय कारोबारी शामिल हुए। बैठक का केंद्र बिंदु रहा-यात्री सुविधा सर्वोपरि। बैठक में साफ तौर पर निर्देश दिए गए कि यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु या पर्यटक को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में परेशानी नहीं होनी चाहिए। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने,पार्किंग प्रबंधन,भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। विशेष रूप से गैस आपूर्ति और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि किसी भी स्थिति में आपूर्ति बाधित न हो और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही होटल, ढाबा और परिवहन सेवाओं से जुड़े लोगों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि सेवा की गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं से अपील की कि वे समन्वय और सहयोग की भावना के साथ कार्य करें,ताकि चारधाम यात्रा की छवि और अनुभव दोनों सकारात्मक बने रहें। बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि श्रीनगर,यात्रा मार्ग का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होने के कारण यहां की व्यवस्थाएं पूरे क्षेत्र की छवि तय करती हैं। बैठक में श्रीनगर व्यापार सभा के अध्यक्ष दिनेश असवाल,पूर्व जिला पंचायत सदस्य लखपत सिंह भंडारी,जिला व्यापार मंडल अध्यक्ष वासुदेव कंडारी,खिलेन्द्र चौधरी,होटल एसोसिएशन,गुरुद्वारा कमेटी प्रबंधक लखविंद्र सिंह लक्की,टैक्सी यूनियन के पदाधिकारी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने प्रशासन और पुलिस को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिलाया। बैठक का समग्र संदेश स्पष्ट रहा-चारधाम यात्रा केवल आस्था का विषय नहीं,बल्कि उत्तराखंड की प्रतिष्ठा से जुड़ा बड़ा आयोजन है और इसे सफल बनाने के लिए प्रशासन,व्यापारी और समाज सभी को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी।








