रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। एकल अभियान के स्वाभिमान पर्व को प्रभावी और सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रवास,जनसंपर्क और संगठनात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए एकल अभियान गढ़वाल मंडल भाग के अध्यक्ष कालिका प्रसाद सेमवाल ने कहा कि सभी एकल कार्यकर्ता जिस निष्ठा,समर्पण और ईमानदारी के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवास कर अभियान को गति दे रहे हैं,वह अपने आप में एक अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ग्राम समितियों के सक्रिय सहयोग से ग्राम विद्यालयों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा एवं संस्कार की अलख को मजबूत किया जा सकता है। यह बात उन्होंने अंचल रुद्रप्रयाग की मासिक बैठक को संबोधित करते हुए कही। बैठक में संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने अभियान की गतिविधियों,ग्राम समितियों की सक्रियता तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया। अंचल बैठक में संच प्रमुखों को संबोधित करते हुए कालिका प्रसाद सेमवाल ने कहा कि क्षेत्रफल की दृष्टि से जो संच बड़े हैं और जहां सभी आचार्यों की बैठक एक ही स्थान पर आयोजित करने में व्यावहारिक कठिनाई आती है,वहां संच प्रमुख परिस्थितियों एवं सुविधानुसार आचार्यों की बैठकें अलग-अलग स्थानों पर आयोजित कर सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि आवश्यकता पड़ने पर आचार्यों को दस-दस की संख्या में विभाजित कर संच की बैठक दो या तीन स्थानों पर आयोजित की जाए,ताकि प्रत्येक कार्यकर्ता की सहभागिता सुनिश्चित हो सके और संगठनात्मक कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने कहा कि बैठक का उद्देश्य केवल औपचारिकता पूरी करना नहीं,बल्कि कार्यकर्ताओं के बीच संवाद,मार्गदर्शन और कार्ययोजना को मजबूत करना होना चाहिए। सेमवाल ने संच प्रमुखों को ग्राम समिति और संच समिति के गठन को लेकर विशेष रूप से गंभीर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि समितियों में केवल संख्या पूरी करने के लिए लोगों को शामिल न किया जाए,बल्कि ऐसे समर्पित,सक्रिय और सशक्त व्यक्तियों को जिम्मेदारी दी जाए,जो अभियान के उद्देश्यों को समझते हों और संगठन के कार्यों के लिए समय देने की क्षमता रखते हों। उन्होंने कहा कि समिति जितनी अधिक सुदृढ़ और सक्रिय होगी,अभियान के कार्य उतनी ही आसानी और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ेंगे। उन्होंने समितियों में पूर्व सैनिकों,जनप्रतिनिधियों तथा समाज के प्रतिष्ठित और सक्रिय लोगों को भी जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के अनुभवी और जिम्मेदार लोगों की सहभागिता से ग्राम समितियों को मजबूती मिलेगी और एकल अभियान के ग्राम स्तर के कार्यों को व्यापक सामाजिक सहयोग प्राप्त होगा। एकल अभियान के गढ़वाल मंडल भाग अध्यक्ष कालिका प्रसाद सेमवाल ने रुद्रप्रयाग जिले में अंचल समिति के पदाधिकारियों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि यहां के पदाधिकारी संगठन के प्रति पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंचल समिति की तरह ही संच और ग्राम समितियों में भी समर्पित एवं सक्रिय कार्यकर्ताओं की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संगठन की वास्तविक मजबूती जमीनी स्तर पर कार्य करने वाली समितियों से होती है। इसलिए प्रत्येक संच प्रमुख को अपने क्षेत्र में ऐसी टीम तैयार करनी चाहिए, जो नियमित रूप से गांवों में संपर्क करे और अभियान की गतिविधियों को गति प्रदान करे। इस अवसर पर अंचल प्रमुख पूजा रावत ने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं के सामूहिक सहयोग और समर्पण से स्वाभिमान पर्व में बेहतर कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक प्रवास करें और ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान की गतिविधियों को मजबूती प्रदान करें। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का गांवों में नियमित प्रवास ही ग्रामीण समाज से सीधा संवाद स्थापित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इससे ग्राम समितियों के साथ समन्वय बढ़ेगा और एकल अभियान के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। बैठक में प्रशिक्षण प्रमुख आंचल ने भी संगठनात्मक गतिविधियों एवं प्रशिक्षण से संबंधित विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण के माध्यम से कार्यकुशलता बढ़ाने तथा अभियान की गतिविधियों को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। मासिक बैठक में विभिन्न संचों से जुड़े पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता की। इस दौरान संच घोलतीर की चन्द्रकला,रुद्रप्रयाग की आयुषी,अगस्त्यमुनि के उमेश पुरोहित,चोपता की आंचल,भीरी की रीना,गुप्तकाशी की मनीषा,सोनप्रयाग की सेमवाल सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक में स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा के साथ ही ग्राम समितियों को अधिक सक्रिय एवं सशक्त बनाने,कार्यकर्ताओं के प्रवास को बढ़ाने तथा आगामी गतिविधियों को बेहतर समन्वय के साथ संचालित करने पर व्यापक चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने अभियान के उद्देश्यों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए सामूहिक रूप से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प भी व्यक्त किया।








