श्रीनगर गढ़वाल। अपनी सांस्कृतिक विरासत,धार्मिक आस्था और सामाजिक दायित्वों को साथ लेकर चलने वाली भागीरथी कला संगम एवं अवकाश प्राप्त कर्मचारी विकास संगठन के सदस्यों ने बुधवार को खिर्सू विकासखंड के मूल गांव सुमाड़ी पहुंचकर स्वच्छता,पर्यावरण संरक्षण और श्रमदान का प्रेरणादायी संदेश दिया। संस्था के सक्रिय सदस्य यमुना प्रसाद काला के अनुरोध एवं निमंत्रण पर आयोजित इस विशेष अभियान में सदस्यों ने गांव के धार्मिक स्थलों,रामलीला मैदान तथा आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाकर सामाजिक सहभागिता की अनूठी मिसाल पेश की। कार्यक्रम की शुरुआत आध्यात्मिक एवं धार्मिक वातावरण में हुई। सभी सदस्यों ने सर्वप्रथम मां भगवती गौरा देवी मंदिर पहुंचकर विधिवत दर्शन-पूजन किया और माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके उपरांत दादा पंथ्या राम काला के श्री चरणों का स्पर्श कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की गई। आस्था और श्रद्धा से ओत-प्रोत इस वातावरण के बाद सदस्यों ने स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ श्रमदान अभियान प्रारंभ किया। स्वच्छता अभियान के दौरान लक्ष्मी नारायण मंदिर,गौरा देवी मंदिर,नगरसैणी मंदिर परिसर सहित आसपास के धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई की गई। वहीं गांव के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाले रामलीला मैदान में लंबे समय से उगी झाड़ियों और अनावश्यक वनस्पतियों को काटकर मैदान को व्यवस्थित किया गया। सदस्यों ने स्वयं हाथों में औजार लेकर विभिन्न स्थानों पर श्रमदान किया। झाड़ियों की कटाई,कूड़ा-कचरा हटाने और सार्वजनिक स्थलों की सफाई के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की भावना से वृक्षारोपण भी किया गया। अभियान के दौरान सदस्यों ने यह संदेश दिया कि स्वच्छ गांव,हरित गांव और सुरक्षित पर्यावरण केवल सरकारी योजनाओं से नहीं,बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही संभव है। इस अवसर पर भागीरथी कला संगम के सदस्यों ने कहा कि गांव के मंदिर केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं,बल्कि हमारी संस्कृति,परंपरा और सामाजिक एकता के महत्वपूर्ण आधार हैं। इसी प्रकार रामलीला मैदान हमारी लोक-सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है। ऐसे स्थलों की स्वच्छता और संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। अभियान में धार्मिक आस्था,सांस्कृतिक चेतना,पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा का सुंदर संगम देखने को मिला। सदस्यों ने ग्रामीणों से भी अपने गांव के प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक संसाधनों को संरक्षित रखने तथा नियमित रूप से स्वच्छता अभियान चलाने का आह्वान किया। स्वच्छता एवं वृक्षारोपण अभियान में राजेंद्र प्रसाद बड़थ्वाल,रघुवीर सिंह रावत,सुरजीत सिंह,दीनबंधु सिंह चौहान,किशोरी लाल नौटियाल,हरि प्रसाद उनियाल,पी.सी.नौडियाल,राजेंद्र सिंह रावत,यमुना प्रसाद काला सहित भागीरथी कला संगम के अन्य सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वहीं अवकाश प्राप्त कर्मचारी विकास संगठन के उपाध्यक्ष जगदंबा प्रसाद काला भी अभियान में मौजूद रहे और उन्होंने श्रमदान में सक्रिय सहभागिता की। सभी सदस्यों ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता कार्य किया। अभियान के दौरान किसी ने झाड़ियां काटीं तो किसी ने सफाई व्यवस्था संभाली। सामूहिक श्रमदान के कारण देखते ही देखते मंदिर परिसर और रामलीला मैदान का स्वरूप निखर उठा। कार्यक्रम की सफलता में यमुना प्रसाद काला का विशेष योगदान रहा। उन्होंने अपने गांव में संस्था के सदस्यों के स्वागत के साथ ही भोजन एवं खान-पान की समुचित व्यवस्था भी की। व्यवस्था में हरि प्रसाद उनियाल,प्रणोद नौटियाल और राजेंद्र बड़थ्वाल ने भी सहयोग प्रदान किया। सदस्यों ने यमुना प्रसाद काला का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके आत्मीय निमंत्रण,आतिथ्य और बेहतर आयोजन के कारण स्वच्छता अभियान के साथ-साथ सभी सदस्यों को आपसी प्रेम,भाईचारे और आत्मीयता के साथ समय बिताने का अवसर मिला। श्रमदान के बाद सामूहिक भोजन ने कार्यक्रम को और भी यादगार बना दिया। श्रीनगर से सुमाड़ी पहुंचे भागीरथी कला संगम एवं अवकाश प्राप्त कर्मचारी विकास संगठन के सदस्यों का स्थानीय ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया। गांव के गणमान्य लोगों ने संस्था द्वारा किए गए स्वच्छता,पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज को सकारात्मक दिशा देने के साथ ही नई पीढ़ी को भी अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जब सामाजिक संगठन स्वयं आगे आकर मंदिरों,सार्वजनिक स्थलों और गांव के सांस्कृतिक केंद्रों की स्वच्छता के लिए श्रमदान करते हैं तो इससे आम लोगों में भी जागरूकता पैदा होती है। संस्था के सदस्यों का यह प्रयास निश्चित रूप से अनुकरणीय है और अन्य गांवों एवं सामाजिक संगठनों को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। भागीरथी कला संगम एवं अवकाश प्राप्त कर्मचारी विकास संगठन के सदस्यों ने कहा कि जहां स्वच्छता होती है,वहां स्वास्थ्य रहता है,जहां वृक्ष होते हैं,वहां जीवन सुरक्षित रहता है और जहां संस्कृति एवं संस्कार जीवित रहते हैं,वहां समाज की आत्मा जीवित रहती है। सुमाड़ी में आयोजित यह श्रमदान अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं रहा,बल्कि इसने धर्म,संस्कृति,पर्यावरण,सेवा और सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया। मंदिर में आशीर्वाद से शुरू हुआ अभियान रामलीला मैदान की स्वच्छता और वृक्षारोपण के साथ सामाजिक संकल्प में परिवर्तित हुआ। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर भागीरथी कला संगम के सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने यमुना प्रसाद काला सहित सभी सहयोगियों और सुमाड़ी के ग्रामीणों का हृदय से आभार व्यक्त किया।







