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प्रदेश को खेलभूमि के रूप में विकसित कर रही धामी सरकारः विकास शर्मा

gvartanews by gvartanews
September 21, 2026
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प्रदेश को खेलभूमि के रूप में विकसित कर रही धामी सरकारः विकास शर्मा
  • महापौर ने किया विधानसभा स्तरीय खेल महाकुंभ का शुभारंभ, विजेता खिलाड़ियों को किया पुरस्कृत

रुद्रपुर। मुख्यमंत्री चैंपियन ट्रॉफी के अंतर्गत युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग की ओर से मनोज सरकार स्पोर्ट्स स्टेडियम में विधानसभा स्तरीय खेल महाकुंभ का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि महापौर विकास शर्मा ने किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

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के उप जिला चिकित्सालय में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम प्रधानों के लिए एक आवश्यक बैठक एवं संवेदीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों को क्षय रोग (टीबी) के प्रति जागरूक करते हुए इसके लक्षण, बचाव एवं उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं इस मौके पर उपस्थित चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि अस्पताल में ग्राम प्रधानों की आवश्यक बैठक आयोजित की गई, जिसमें उन्हें क्षय रोग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही प्रशिक्षण के माध्यम से बताया गया कि यदि किसी ग्राम सभा या आसपास के क्षेत्र में कोई व्यक्ति क्षय रोग से ग्रसित पाया जाता है, तो उसकी पहचान, जांच एवं उपचार के लिए किस प्रकार स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित किया जा सकता है उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत ग्राम प्रधानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में क्षय रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके कार्यक्रम में क्षेत्र के दर्जनों ग्राम प्रधानों सहित उप जिला चिकित्सालय का स्टाफ भी मौजूद रहा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में क्षय रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और टीबी उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाना रहा।

मसूरी में रेलवे की जमीन पर कब्जे को लेकर मसूरी झड़ीपानी में कार्रवाई, 31 मकानों पर नोटिस चस्पासंपदा अधिकारी के बेदखली आदेश के बाद उत्तर रेलवे की टीम पहुंची, भारी पुलिस बल रहा तैनात  झड़ीपानी क्षेत्र में रेलवे की जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर उत्तर रेलवे ने कार्रवाई तेज कर दी है। संपदा अधिकारी की अदालत से बेदखली आदेश जारी होने के बाद सोमवार को उत्तर रेलवे के अधिकारियों की टीम भारी पुलिस बल के साथ झड़ीपानी पहुंची। टीम ने रेलवे की भूमि पर बने 31 मकानों पर नोटिस चस्पा किए। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा और किसी भी तरह के विरोध की स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।उत्तर रेलवे की ओर से जारी संपदा अधिकारी के आदेश के अनुसार झड़ीपानी स्थित ओक ग्रोव स्कूल के समीप रेलवे की करीब 100 वर्ग मीटर भूमि पर जगमोहन उर्फ सांझ कैफे पुत्र दर्शन लाल द्वारा अनधिकृत कब्जा किए जाने का मामला सामने आया था। इस मामले में लोक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम, 1971 के तहत कार्रवाई शुरू की गई थी।रेलवे अधिकारियों के अनुसार संपदा अधिकारी की अदालत ने पूरे मामले में रेलवे की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों और पक्ष को देखने के बाद कब्जे को अनधिकृत माना है। आदेश में प्रतिवादी को 15 दिन के भीतर रेलवे की भूमि से कब्जा हटाकर रेलवे को भूमि सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का पालन नहीं होने की स्थिति में रेलवे प्रशासन को नियमानुसार बलपूर्वक बेदखली की कार्रवाई करने तथा कार्रवाई में आने वाला खर्च वसूल करने का अधिकार भी दिया गया है।रेलवे ने तीन पुराने विक्रय अभिलेखों का दिया हवालारेलवे की ओर से संपदा अधिकारी की अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा गया कि संबंधित भूमि रेलवे की है और इसके समर्थन में रेलवे के पास पुराने विक्रय अभिलेख मौजूद हैं। रेलवे ने अपने जवाब में 21 अप्रैल 1886, 28 दिसंबर 1895 तथा वर्ष 1920-21 के अभिलेखों का हवाला देते हुए भूमि पर रेलवे का अधिकार बताया है। रेलवे का कहना है कि इन दस्तावेजों से संबंधित प्रतियां भी वाद पत्रावली में प्रस्तुत की गई हैं।रेलवे अधिकारियों ने प्रतिवादी के उस दावे को भी स्वीकार नहीं किया, जिसमें भूमि को निजी संपत्ति बताया गया था। रेलवे के अनुसार प्रतिवादी की ओर से भूमि के स्वामित्व को प्रमाणित करने वाला ऐसा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे संबंधित 100 वर्ग मीटर भूमि पर उसका मालिकाना हक साबित हो सके।हाई कोर्ट के आदेश का भी दिया हवालामामले में प्रतिवादी की ओर से वर्ष 1940 के सीमांकन, राजस्व विभाग की रिपोर्ट और उत्तराखंड हाई कोर्ट में दाखिल रिट याचिकाओं का हवाला दिया गया था। प्रतिवादी ने दावा किया था कि राजस्व विभाग की सीमांकन कार्रवाई में संबंधित भूमि रेलवे की नहीं पाई गई। वहीं रेलवे ने संपदा अधिकारी की कार्यवाही में कहा कि हाई कोर्ट ने पूर्व में रेलवे की नोटिस संबंधी कार्यवाही को प्रक्रिया संबंधी आधार पर निरस्त किया था, लेकिन रेलवे को कानून के अनुसार कार्रवाई करने से नहीं रोका गया था। इसी आधार पर रेलवे ने संपदा अधिकारी के समक्ष नए सिरे से कार्रवाई की।पुलिस बल की मौजूदगी में चस्पा हुए नोटिससोमवार को उत्तर रेलवे के अधिकारियों और रेलवे पुलिस की टीम झड़ीपानी पहुंची। कार्रवाई को देखते हुए मसूरी पुलिस की ओर से भी भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। मसूरी कोतवाल नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाली।आषु षर्मा सिनियर सेक्षन इंजीनियर रेलवे देहरादून ने बताया कि नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई संपदा अधिकारी के आदेश के अनुपालन में की गई है। अधिकारियों के मुताबिक आगे की कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी।इस कार्रवाई के बाद झड़ीपानी क्षेत्र में रेलवे और स्थानीय लोगों के बीच जमीन के स्वामित्व और सीमांकन को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। वही स्थानीय लोगों ने कहा वह कई दशकों से यहां पर रह रह है और उनके द्वारा भूमि को खरीद कर मकान बनाया है वह नगर पालिका परिषद में भी दाखिल खारिज हो रखा हे ऐसे में रेलवे के अधिकारी आये दिन रेलवे की संपत्ति बताकर उनके मकानों में नोटिस लगा रहे है जिससे उनका मानसिक उत्पीड़न भी हा रहा है उन्होंने कहा कि उनके द्वारा रेलवे बोर्ड से उनकी सम्पति के कागजात दिखाने को कहा गया वह रेलवे के अधिकारी कागज नहीं दिखा रहे है। उन्होंने कहा वह सक्षम न्यायालय में पूरे मामले को लेकर जायेगे। इस मौके पर मसूरी कोतवाल नरेन्द्र सिंह, एसएसआई सतेन्द्र भाटी सहित भारी पुलिस फोर्स मौजूद था।

इस अवसर पर महापौर विकास शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और खेल मंत्री रेखा आर्या के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए न केवल खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, बल्कि खेल अवस्थापना सुविधाओं को भी बड़े स्तर पर मजबूत किया गया है।

महापौर ने कहा कि हाल ही में उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों के माध्यम से प्रदेश को वेलोड्रोम, इंडोर स्टेडियम, आधुनिक एथलेटिक्स ट्रैक सहित कई स्थायी खेल सुविधाएं मिली हैं, जिनका लाभ आने वाले वर्षों तक प्रदेश के खिलाड़ियों को मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रभावी खेल नीति लागू की है। इसके तहत प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है, वहीं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में अवसर भी प्रदान किए जा रहे हैं।

विकास शर्मा ने कहा कि खेल महाकुंभ जैसी प्रतियोगिताएं ग्रामीण और स्थानीय स्तर की प्रतिभाओं को आगे आने का बड़ा मंच उपलब्ध करा रही हैं। आज विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा रहे खिलाड़ी आने वाले समय में जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेलों के लिए बन रहा सकारात्मक माहौल युवाओं को खेलों को करियर के रूप में अपनाने के लिए भी प्रेरित कर रहा है।

महापौर ने रुद्रपुर विधानसभा स्तरीय खेल महाकुंभ के बेहतर आयोजन के लिए युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग तथा खेल विभाग से जुड़े अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है और उनका उत्साह यह बताता है कि उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए आयोजन में जुटे अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी।

प्रतियोगिता के अंतर्गत बालिका वर्ग अंडर-14 लंबी कूद में बिगवाड़ा की तृप्ति आनंद ने प्रथम स्थान हासिल किया। अंडर-19 की 100 मीटर दौड़ में नारायणपुर की निशा ने स्वर्ण पदक जीता। वहीं बालिका वर्ग की अंडर-14 एवं अंडर-19 वॉलीबॉल प्रतियोगिताओं में आरएएन स्कूल की टीम विजेता रही।

इस अवसर पर क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी हिमांशु कुमार, खेल प्रशिक्षक अखिलेश मण्डल, ब्लॉक खेल समन्वयक कमल किशोर सक्सेना, उद्घोषक हरीश दनाई, धीरज पाण्डे सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं खेल प्रेमी मौजूद रहे।

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मसूरी शरदोत्सव का न्योता लेकर सीएम धामी से मिले गणेश जोशी और मीरा सकलानीलंबे अंतराल बाद लौट रहा मसूरी का ऐतिहासिक शरदोत्सव, मुख्यमंत्री नेहै आयोजन में पहुंचने का दिया भरोसा पहाड़ों की रानी मसूरी में लंबे समय बाद होने जा रहे ऐतिहासिक शरदोत्सव 2026 को लेकर शहर में उत्साह बढ़ने लगा है। शरदोत्सव को भव्य रूप देने की तैयारियों के बीच कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और नगर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर उन्हें शरदोत्सव में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए आयोजन में पहुंचने का भरोसा दिया। शरदोत्सव को मसूरी की पुरानी सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है। लंबे समय से बंद पड़े इस आयोजन की दोबारा शुरुआत से स्थानीय कलाकारों, युवाओं, व्यापारियों और नागरिकों में उत्साह है। आयोजन के माध्यम से मसूरी की सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय कला और प्रतिभाओं को मंच देने की तैयारी की जा रही है।मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान भाजपा मसूरी मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने मसूरी क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और विकास कार्यों से भी उन्हें अवगत कराया। उन्होंने सड़क, पेयजल, पर्यटन विकास, रोजगार और युवाओं से जुड़े विषय मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। हालांकि मुलाकात का प्रमुख केंद्र शरदोत्सव रहा और मुख्यमंत्री को आयोजन में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया। शरदोत्सव के आयोजन को लेकर शहर में विभिन्न समितियों के गठन और कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ स्थानीय कलाकारों और अन्य प्रतिभाओं को अवसर देने की तैयारी है। इससे मसूरी के पर्यटन सीजन में भी नई गतिविधियां जुड़ने की उम्मीद है। मुलाकात में सभासद कुशाल सिंह राणा, जसबीर कौर, प्रदेश संस्कृति प्रकोष्ठ संयोजक राजेंद्र रावत, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

September 21, 2026
मसूरी में खबर का असर, दिल में छेद और लकवे से पीड़ित महिला को मिलेगा इलाज  पहाड़ों की रानी मसूरी में एक जरूरतमंद परिवार की मदद के लिए प्रकाषित खबर का असर देखने को मिला है। मसूरी पंप हाउस के पास बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रहे ओंकार और उनकी पत्नी की मदद के लिए युवाओं और सामाजिक संगठनों ने हाथ बढ़ाया। दिल में छेद और लकवे से पीड़ित ओंकार की पत्नी को बेहतर उपचार के लिए जॉलीग्रांट स्थित हिमालयन इंस्टीट्यूट भेजा गया है, जहां उनका इलाज कराया जा रहा है।ओंकार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण पत्नी के इलाज का खर्च उठाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। वही ओंकार के पास आधार कार्ड हे ना ही आयुषमान कार्ड व बीमारी के साथ आर्थिक तंगी ने परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दी थीं। ऐसे में इस परिवार की परेशानी को प्रमुखता से सामने लाया गया। खबर सामने आने के बाद मसूरी के युवा साथियों और सामाजिक कार्यो से जुड़े लोगों ने परिवार की मदद के लिए आगे बढ़कर सहयोग किया।युवाओं ने दिखाई मानवतामदद की इस मुहिम में युवा साथी अनिल सिंह अन्नू, दीपक बंसवाल, नितिन भंडारी, मोहन षाही, मनन षाही, आषीश राणा, अखिलेष रावत और आदर्श भंडारी समेत अन्य लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। युवाओं ने दोनो बिमार लोगो को कुर्सियों के सहारे से एम्बुलेंस तक पहुचाया ओर कहा कि आज के दौर में भी मानवता को सबसे ऊपर रखते हुए जरूरतमंद परिवारों की मदद करना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ओंकार की पत्नी की हालत को देखते हुए तत्काल उपचार की जरूरत थी। ऐसे में सभी के छोटे-छोटे सहयोग ने परिवार के लिए बड़ी उम्मीद पैदा की है। महिला को उपचार के लिए जौलीग्रांट स्थित हिमालयन इंस्टीट्यूट पहुंचाया गया, जहां संस्थान की ओर से इलाज किए जाने में विशेष सहयोग मिला।परिवार की मदद में हिमालयन इंस्टीट्यूट की ओर से विशेष सहयोग बताया गया है। उनकी पहल और सहयोग से ओंकार की पत्नी का इलाज शुरू हो सका। इससे लंबे समय से बीमारी और आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवार को बड़ी राहत मिली है। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने के बाद ओंकार और उनके परिवार में अब उम्मीद जगी है। ओंकार ने कहा कि जिस समय उन्हें सबसे ज्यादा मदद की जरूरत थी, उस समय समाज के लोग उनके साथ खड़े हुए। उन्होंने विशेष आभार जताते हुए कहा कि खबर के माध्यम से उनकी परेशानी सामने आई और इसके बाद मदद के लिए कई हाथ आगे आए।अब परिवार को बचाने की उम्मीद जगीओंकार और उनकी पत्नी ने सभी मददगारों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और हिमालयन इंस्टीट्यूट का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि बीमारी और आर्थिक परेशानी के बीच उन्हें लगने लगा था कि शायद इलाज संभव नहीं हो पाएगा, लेकिन लोगों के सहयोग से अब परिवार को नई उम्मीद मिली है।युवाओं ने कहा कि किसी जरूरतमंद के घर के सामने खड़े होकर उसकी परेशानी को तमाशे की तरह देखना समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि आसपास कोई गरीब या जरूरतमंद परिवार संकट में है तो उसकी मदद के लिए आगे आएं।पड़ोसियों से भी मदद की अपीलमदद की मुहिम में शामिल युवाओं ने कहा कि समाज में रहने वाले लोगों की जिम्मेदारी केवल अपने घर तक सीमित नहीं होनी चाहिए। आसपास कोई परिवार गंभीर संकट में है तो पड़ोसियों को भी उसकी मदद करनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि ओंकार के परिवार की मदद के लिए जो भी संभव हो, सहयोग करें, ताकि उपचार के दौरान परिवार को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। युवाओं ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे जरूरतमंद और पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल चुनाव के समय जनता के बीच पहुंचने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जब कोई परिवार संकट में हो, तब भी उसके साथ खड़ा होना जरूरी है। उनका कहना था कि मीडिया के माध्यम से जब किसी जरूरतमंद की आवाज सामने आती है तो समाज के साथ-साथ शासन-प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं का भी ध्यान उस परिवार की ओर जाता है। ओंकार के परिवार के लिए शुरू हुई यह मुहिम अब उपचार की उम्मीद में बदल चुकी है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए समाज के लोगों का सहयोग और हिमालयन इंस्टीट्यूट की ओर से निशुल्क इलाज की पहल मानवता की मिसाल बनकर सामने आई है। अब परिवार की उम्मीदें महिला के बेहतर स्वास्थ्य और जल्द घर लौटने पर टिकी हैं।
उत्तराखण्ड

मसूरी में खबर का असर, दिल में छेद और लकवे से पीड़ित महिला को मिलेगा इलाज  पहाड़ों की रानी मसूरी में एक जरूरतमंद परिवार की मदद के लिए प्रकाषित खबर का असर देखने को मिला है। मसूरी पंप हाउस के पास बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रहे ओंकार और उनकी पत्नी की मदद के लिए युवाओं और सामाजिक संगठनों ने हाथ बढ़ाया। दिल में छेद और लकवे से पीड़ित ओंकार की पत्नी को बेहतर उपचार के लिए जॉलीग्रांट स्थित हिमालयन इंस्टीट्यूट भेजा गया है, जहां उनका इलाज कराया जा रहा है।ओंकार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण पत्नी के इलाज का खर्च उठाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। वही ओंकार के पास आधार कार्ड हे ना ही आयुषमान कार्ड व बीमारी के साथ आर्थिक तंगी ने परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दी थीं। ऐसे में इस परिवार की परेशानी को प्रमुखता से सामने लाया गया। खबर सामने आने के बाद मसूरी के युवा साथियों और सामाजिक कार्यो से जुड़े लोगों ने परिवार की मदद के लिए आगे बढ़कर सहयोग किया।युवाओं ने दिखाई मानवतामदद की इस मुहिम में युवा साथी अनिल सिंह अन्नू, दीपक बंसवाल, नितिन भंडारी, मोहन षाही, मनन षाही, आषीश राणा, अखिलेष रावत और आदर्श भंडारी समेत अन्य लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। युवाओं ने दोनो बिमार लोगो को कुर्सियों के सहारे से एम्बुलेंस तक पहुचाया ओर कहा कि आज के दौर में भी मानवता को सबसे ऊपर रखते हुए जरूरतमंद परिवारों की मदद करना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ओंकार की पत्नी की हालत को देखते हुए तत्काल उपचार की जरूरत थी। ऐसे में सभी के छोटे-छोटे सहयोग ने परिवार के लिए बड़ी उम्मीद पैदा की है। महिला को उपचार के लिए जौलीग्रांट स्थित हिमालयन इंस्टीट्यूट पहुंचाया गया, जहां संस्थान की ओर से इलाज किए जाने में विशेष सहयोग मिला।परिवार की मदद में हिमालयन इंस्टीट्यूट की ओर से विशेष सहयोग बताया गया है। उनकी पहल और सहयोग से ओंकार की पत्नी का इलाज शुरू हो सका। इससे लंबे समय से बीमारी और आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवार को बड़ी राहत मिली है। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने के बाद ओंकार और उनके परिवार में अब उम्मीद जगी है। ओंकार ने कहा कि जिस समय उन्हें सबसे ज्यादा मदद की जरूरत थी, उस समय समाज के लोग उनके साथ खड़े हुए। उन्होंने विशेष आभार जताते हुए कहा कि खबर के माध्यम से उनकी परेशानी सामने आई और इसके बाद मदद के लिए कई हाथ आगे आए।अब परिवार को बचाने की उम्मीद जगीओंकार और उनकी पत्नी ने सभी मददगारों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और हिमालयन इंस्टीट्यूट का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि बीमारी और आर्थिक परेशानी के बीच उन्हें लगने लगा था कि शायद इलाज संभव नहीं हो पाएगा, लेकिन लोगों के सहयोग से अब परिवार को नई उम्मीद मिली है।युवाओं ने कहा कि किसी जरूरतमंद के घर के सामने खड़े होकर उसकी परेशानी को तमाशे की तरह देखना समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि आसपास कोई गरीब या जरूरतमंद परिवार संकट में है तो उसकी मदद के लिए आगे आएं।पड़ोसियों से भी मदद की अपीलमदद की मुहिम में शामिल युवाओं ने कहा कि समाज में रहने वाले लोगों की जिम्मेदारी केवल अपने घर तक सीमित नहीं होनी चाहिए। आसपास कोई परिवार गंभीर संकट में है तो पड़ोसियों को भी उसकी मदद करनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि ओंकार के परिवार की मदद के लिए जो भी संभव हो, सहयोग करें, ताकि उपचार के दौरान परिवार को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। युवाओं ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे जरूरतमंद और पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल चुनाव के समय जनता के बीच पहुंचने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जब कोई परिवार संकट में हो, तब भी उसके साथ खड़ा होना जरूरी है। उनका कहना था कि मीडिया के माध्यम से जब किसी जरूरतमंद की आवाज सामने आती है तो समाज के साथ-साथ शासन-प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं का भी ध्यान उस परिवार की ओर जाता है। ओंकार के परिवार के लिए शुरू हुई यह मुहिम अब उपचार की उम्मीद में बदल चुकी है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए समाज के लोगों का सहयोग और हिमालयन इंस्टीट्यूट की ओर से निशुल्क इलाज की पहल मानवता की मिसाल बनकर सामने आई है। अब परिवार की उम्मीदें महिला के बेहतर स्वास्थ्य और जल्द घर लौटने पर टिकी हैं।

September 21, 2026
सितारगंज राधा अष्टमी पर सनातन धर्म मंदिर में गूंजे कृष्ण भजन, भक्ति में झूमे श्रद्धालु
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September 20, 2026

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