पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। मानसून की बारिश से पर्वतीय जनपद पौड़ी गढ़वाल में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को अब राहत की नई राह मिल रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जनपद में सड़कों को गड्ढामुक्त एवं सुरक्षित बनाने का अभियान तेज कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग,प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित संबंधित विभागों के सभी खंडों की टीमें मैदान में उतरकर क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत में जुट गई हैं। सड़क सुधार कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाते हुए कई स्थानों पर पैचवर्क सहित आवश्यक मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया के निर्देशन में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और मार्गों पर बने गड्ढों को चिह्नित किया जा रहा है। इसके बाद आवागमन की स्थिति,सड़क की क्षति और क्षेत्र की आवश्यकता के आधार पर मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। विभागीय टीमें मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का निरीक्षण करने के साथ ही आवश्यकतानुसार मरम्मत एवं सुधार कार्य कर रही हैं। जिन सड़कों पर छोटे-बड़े गड्ढों अथवा सतह क्षतिग्रस्त होने के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है,वहां प्राथमिकता के आधार पर पैचवर्क कराया जा रहा है। वहीं अधिक क्षतिग्रस्त हिस्सों में आवश्यकता के अनुरूप व्यापक मरम्मत कार्य किए जा रहे हैं। संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा फील्ड स्तर पर कार्यों की निगरानी की जा रही है,ताकि सड़क सुधार अभियान को निर्धारित समय में आगे बढ़ाया जा सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सड़क मरम्मत कार्यों में समयबद्धता के साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। निर्माण एवं मरम्मत कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप किए जाएं तथा जिन स्थानों पर तत्काल सुधार की आवश्यकता है,वहां अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं। पौड़ी जैसे पर्वतीय जनपद में सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं,बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक जीवन की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। दूरस्थ गांवों से लेकर कस्बों और जिला मुख्यालय तक लोगों की आवाजाही इन्हीं मार्गों पर निर्भर रहती है। विद्यार्थियों का विद्यालय पहुंचना हो,मरीजों को अस्पताल ले जाना हो,किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचानी हो अथवा ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों के लिए बाजार तक जाना हो-सड़कें हर स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मानसून के दौरान अतिवृष्टि,भूस्खलन एवं जलभराव के कारण पर्वतीय मार्गों को होने वाली क्षति से आमजन को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सड़क मरम्मत अभियान को गति मिलने से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का फोकस क्षतिग्रस्त मार्गों को शीघ्र दुरुस्त करने के साथ ही आमजन के लिए सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करने पर है। लोक निर्माण विभाग,प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा अन्य संबंधित विभागों के सभी खंडों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों द्वारा फील्ड में चल रहे कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है और आवश्यकतानुसार कार्यों की गति बढ़ाई जा रही है। आने वाले दिनों में सड़क सुधार अभियान को और व्यापक रूप देने के साथ ही मानसून से प्रभावित मार्गों को चरणबद्ध ढंग से दुरुस्त किए जाने की तैयारी है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सड़क मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो और निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य कराया जाए। इससे जहां सड़कों की स्थिति में सुधार होगा,वहीं जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में आवागमन को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने में भी मदद मिलेगी।








