देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के चिकित्सा,खेल,न्याय,कर्मचारी कल्याण,ऊर्जा,कारागार तथा जनसरोकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट के फैसलों में राजकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में उल्लेखनीय बढ़ोतरी,राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति का अवसर तथा प्रदेशभर में सेवा संकल्प अभियान चलाने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं। कैबिनेट ने प्रदेश के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड को बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया है। इससे पहले इंटर्न डॉक्टरों को 17 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा था। सरकार के इस निर्णय से मेडिकल इंटर्न डॉक्टरों को प्रतिमाह आठ हजार रुपये की अतिरिक्त राहत मिलेगी। हालांकि इंटर्न डॉक्टर लंबे समय से 30 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड की मांग कर रहे हैं। खेल क्षेत्र में प्रदेश के लिए गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। खेल नीति-2021 के तहत राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए 245 पदों पर नियुक्ति का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। इन खिलाड़ियों को युवा कल्याण,परिवहन,शिक्षा समेत विभिन्न विभागों में नियुक्ति का अवसर मिल सकेगा। इसके साथ ही माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक व्यायाम शिक्षक के 35 पद सृजित किए गए हैं। इन पदों को पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए आरक्षित किए जाने का निर्णय लिया गया है। सरकार के इस फैसले को प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कैबिनेट ने शासकीय अधिवक्ताओं के शुल्क की दरों के पुनर्निर्धारण को भी मंजूरी दी है। इसके तहत उच्चतम न्यायालय,उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालयों में पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी की जाएगी। ऊर्जा विभाग एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी भी कैबिनेट ने प्रदान की है। उत्तराखंड कारागार विभाग की सेवा नियमावली के तहत अपर महानिदेशक कारागार के एक पद को संवर्गीय ढांचे में शामिल करने को कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इससे विभागीय ढांचे को और व्यवस्थित करने की दिशा में कदम उठाया गया है। खाद्य विभाग के अंतर्गत विधिक माप विज्ञान से संबंधित सेवा नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की है। कैबिनेट ने जीएमवीएन की पार्किंग में स्थित 972 गज भूमि गढ़वाल सभा को दिए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इस निर्णय को क्षेत्रीय सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम निदेशालय हरिद्वार के लिए जमीन उपलब्ध कराने के संबंध में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। ईएसआई अस्पताल के लिए निकट क्षेत्र में 15 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई है। कैबिनेट बैठक में प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। अभियान के तहत प्रदेशभर में विभिन्न जनसरोकारों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और सभी मंत्री अभियान के प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे। सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को धार्मिक स्थलों पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ किए जाने की योजना है। इसके बाद आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यक्रम,वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान सहित विभिन्न गतिविधियां जनसहभागिता के साथ आयोजित की जाएंगी। अभियान में सामाजिक एवं विभिन्न संगठनों को भी जोड़ा जाएगा। बच्चों के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी,जबकि नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। सेवा संकल्प अभियान के दौरान नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विशेष मंच तैयार किए जाने की योजना है। विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक प्रमुख चौराहे पर विकसित भारत का कलश स्थापित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य अभियान के माध्यम से जनभागीदारी बढ़ाने के साथ विकास,स्वच्छता,पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सरोकारों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना है। कुल मिलाकर धामी कैबिनेट के इन फैसलों में एक ओर चिकित्सा एवं खेल क्षेत्र से जुड़े युवाओं को राहत देने का प्रयास किया गया है,वहीं दूसरी ओर न्यायिक व्यवस्था,कर्मचारी हित,स्वास्थ्य सुविधाओं,सामाजिक सहभागिता और प्रदेश के विकास से जुड़े कई प्रस्तावों को आगे बढ़ाया गया है।








