श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के बिरला परिसर श्रीनगर में छात्रसंघ चुनाव 2026-27 के परिणाम घोषित होते ही परिसर का राजनीतिक माहौल जीत के जश्न और छात्र उत्साह से सराबोर हो उठा। विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक चुनाव परिणाम के अनुसार अध्यक्ष पद पर हिमांशु भण्डारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भुवन चमोली को बड़े अंतर से पराजित कर जीत का परचम लहराया। अध्यक्ष पद पर हिमांशु भण्डारी को 3301 मत प्राप्त हुए,जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी भुवन चमोली को 1796 मत मिले। इस प्रकार हिमांशु भण्डारी ने 1505 मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज की। अध्यक्ष पद पर 85 मत नोटा तथा 26 मत अवैध रहे। कुल मतदान 5208 मतों का रहा। उपाध्यक्ष पद पर पुलकित अग्रवाल ने 2991 मत प्राप्त कर जीत हासिल की। उनकी प्रतिद्वंद्वी प्रीति वर्मा को 2046 मत मिले। इस पद पर 140 मत नोटा तथा 31 मत अवैध रहे। वहीं सचिव पद पर मयंक बहुगुणा ने बाजी मारी। मयंक बहुगुणा को 2708 मत मिले,जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी पंकज को 2375 मत प्राप्त हुए। इस पद पर 92 मत नोटा तथा 33 मत अवैध घोषित हुए। संयुक्त सचिव पद पर मुकाबला बहुकोणीय रहा,जिसमें अमन कुणियाल ने 1694 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी निशा को 1652 मत मिले। इसके अलावा सुरेश कुमार को 1208 तथा प्रदीप कुमार को 354 मत प्राप्त हुए। इस पद पर 248 मत नोटा तथा 52 मत अवैध रहे। अमन कुणियाल और निशा के बीच जीत का अंतर महज 42 मत रहा,जिससे यह मुकाबला बेहद करीबी रहा। छात्रा कार्यकारिणी प्रतिनिधि पद पर सुनीधि सिंह ने 2105 मत प्राप्त कर विजय हासिल की। उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी गौतमी भट्ट को 2014 मत मिले। वहीं निर्दोषा गर्ग को 690 मत प्राप्त हुए। इस पद पर 358 मत नोटा और 41 मत अवैध रहे। सुनीधि सिंह ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 91 मतों के अंतर से पराजित किया। विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद पर भी चुनावी मुकाबला देखने को मिला। यहां युवराज सिंह ने 2979 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की,जबकि अंशुमान कुमार श्रीवास्तव को 1826 मत मिले। इस पद पर 372 मत नोटा और 31 मत अवैध घोषित किए गए। युवराज सिंह ने 1153 मतों के बड़े अंतर से जीत अपने नाम की। छात्रसंघ चुनाव के इन परिणामों ने बिरला परिसर श्रीनगर में नई छात्र नेतृत्व टीम को सामने ला दिया है। अध्यक्ष पद पर हिमांशु भण्डारी की बड़े अंतर से जीत विशेष रूप से चर्चा का विषय बनी हुई है। वहीं विभिन्न पदों पर निर्वाचित छात्र नेताओं के सामने अब छात्रों की समस्याओं,शैक्षणिक सुविधाओं,परिसर व्यवस्था,छात्र हितों और विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने की जिम्मेदारी होगी। कुल 5208 मतों के आंकड़े ने बिरला परिसर की छात्र राजनीति में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी को भी रेखांकित किया है। परिणाम सामने आने के बाद विजयी प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। अब सभी की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नई छात्रसंघ टीम अपने चुनावी वादों को किस तरह धरातल पर उतारती है और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष किस प्रभावी तरीके से रखती है।








