काशीपुर -ओवरलोड ट्रक, डम्पर, सड़को पर बखौफ दौड़ते है, सड़क पर चलते मुसाफिर अपने वाहनों से और पैदल चलते राहिगीर कब यह भूखे शेर की तरह इन्हे मौत की मुँह मे धकेल देते है! ओवरलोड डम्पर, ट्रेक इन वाहनों की मालिकों पर आर टी ओ की मेहरबानी होती है या राजनेताओं की क्योंकि पुलिस प्रशासन को भी मालूम होता और आर टी ओ को भी जबकि बिना इनकी मर्जी के सड़को पर एक मोटरसाईकिल नहीं चल सकती!भारी वाहनो के ओवरलोड ना जाने कितने घरो के चिराग बुझा चुके है, ना जाने कितनी माँ अपने लाल खो चुकी है ना जाने कितनी बहने अपने भाई खो चुके है, ना जाने कितने घर बेघर हो चुके है आखिर इन हादसों के होने के बावजूद सड़को पर बेकाबू मौत के सौदागर दौड़ते नजर आते है और इनकी तीसरी आँख जोकि इन पर शिकज़ा कसने का कार्य करती है वह मुकदर्शक बने है!सूत्रों की माने तो आर टी ओ या पुलिस जिनके साथ साँठगाँठ कर यह मौत के सौदागर जो किसी भी समय सड़क पर दौड़ते हुए कब किसका घर मौत का तांडव बना दे फिर सड़को पर दौड़ने लगते है!आर टी ओ व पुलिस इन मौत के सौदागरो से रूपये लेने का खेल ख़त्म कर दे तो मौत का खेल जो यह डम्पर, ट्रक खेलते है तो कई घरो के लाल इनकी वजह से मौत के तांडव से बच जाएंगे!इन मौत के सौदागरो का जो जिम्मेदार है वह है आर टी ओ जोकि अपने कार्यलय के आसपास इनके खुले घूम रहे एजेंट जो रूपये का खेल कर अनुभवहिन्, नोसीखिए ड्राइवर का लाइसेंस बनवा देते है! आर टी ओ तक हिस्सा जाता है! जबकि आरटीओ के संज्ञान मे आँख मिचोली का यह भरस्टाचार का ताबूत होता है और बिना इनकी मर्जी नहीं चल सकता!उधमसिंहनगर, काशीपुर आरटीओ कार्यालय तो बिना ऐजेटो के चल ही नहीं रहे








