गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा और गोवंश संरक्षण के लिए उठी बुलंद आवाज

 

श्रीनगर गढ़वाल। गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने,गोवंश के संरक्षण तथा गौ माता के साथ होने वाले अन्याय एवं अत्याचार के विरुद्ध प्रभावी कानून बनाए जाने की मांग को लेकर भारतीय गो क्रांति के सदस्यों की बैठक कल्याणेश्वर धर्मशाला में आयोजित की गई। बैठक में गो संरक्षण को केवल धार्मिक आस्था का विषय न मानकर सामाजिक,सांस्कृतिक और मानवीय जिम्मेदारी के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय गो क्रांति के महासचिव राजेंद्र प्रसाद बड़थ्वाल ने कहा कि गो क्रांति के प्रणेता गो गंगा कृपाकांक्षी गोपाल मणि महाराज ने अपना जीवन गौ माता और गोवंश की सेवा एवं संरक्षण के लिए समर्पित किया है। उनका निरंतर प्रयास रहा है कि गौ माता को राष्ट्र माता का सम्मान मिले तथा गोवंश के संरक्षण के लिए प्रभावी एवं कठोर कानून बनाया जाए। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में बड़ी संख्या में गोवंश आज सड़कों पर भटकने के लिए मजबूर हैं। कई स्थानों पर गोवंश कूड़े के ढेर और प्लास्टिक खाने को विवश दिखाई देते हैं,जो चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से मांग की कि गो संरक्षण के लिए स्पष्ट एवं प्रभावी नीति बनाई जाए तथा गोचर भूमि को सुरक्षित कर उसे गोसेवा और गोवंश संरक्षण के लिए उपलब्ध कराया जाए। बड़थ्वाल ने कहा कि गौ माता भारतीय समाज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण आधार रही हैं। भारतीय सनातन परंपरा में जन्म से लेकर जीवन के विभिन्न संस्कारों और धार्मिक अनुष्ठानों तक गौ माता का विशेष महत्व माना गया है। मुंडन संस्कार,विवाह,तर्पण,पितृ कार्य,भागवत कथा सहित अनेक धार्मिक आयोजनों में गौ सेवा और गौ से जुड़े धार्मिक प्रतीकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि गौ माता के संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ ही सरकार,स्थानीय निकायों और आम नागरिकों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। सड़कों पर खुले में घूमते गोवंश को सुरक्षित आश्रय,चारा और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ठोस व्यवस्था की आवश्यकता है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि गोवंश संरक्षण के लिए केवल भावनात्मक अपील पर्याप्त नहीं है,बल्कि इसके लिए धरातल पर प्रभावी कार्ययोजना,पर्याप्त संसाधन और जिम्मेदार व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने गोचर भूमि पर अतिक्रमण रोकने,गोवंश को सड़कों पर भटकने से बचाने तथा गोसेवा से जुड़े लोगों एवं संस्थाओं को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। बैठक के दौरान उपस्थित सदस्यों ने गौ माता के संरक्षण और गोवंश के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का संकल्प लिया। साथ ही इस विषय को गांव-गांव तक पहुंचाकर जन-जागरूकता अभियान चलाने पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर मंजू मैठाणी,रामेश्वरी नैथानी,बसंती पंवार,सुंदरी देवी,उमा देवी भण्डारी,कलम सिंह,विक्रम सिंह रावत,राजेंद्र प्रसाद बड़थ्वाल सहित भारतीय गो क्रांति से जुड़े अनेक सदस्य मौजूद रहे।