श्रीनगर के युवाओं सहित पौड़ी में नवाचार और उद्यमिता को मिला मंच-कोटद्वार में सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज में 20 स्टार्टअप विचारों का प्रस्तुतीकरण

 

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। युवाओं के रचनात्मक विचारों को स्वरोजगार और सफल उद्यमों में बदलने की दिशा में जिला उद्योग केंद्र कोटद्वार में सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज का आयोजन किया गया। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में जनपद के युवाओं तथा विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपने नवाचारपूर्ण स्टार्टअप विचार और व्यावसायिक प्रस्ताव प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में कुल 55 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया,जबकि 20 समूहों ने अपने स्टार्टअप विचारों का प्रस्तुतीकरण कर अपनी रचनात्मक सोच,उद्यमशीलता और भविष्य की व्यावसायिक संभावनाओं को सामने रखा। कार्यक्रम में श्रीनगर सहित जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े युवाओं और शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि पर्वतीय क्षेत्रों में प्रतिभा और नए विचारों की कमी नहीं है। जरूरत है तो इन विचारों को सही मार्गदर्शन,तकनीकी सहयोग,प्रशिक्षण और संसाधनों से जोड़कर धरातल पर उतारने की। इस प्रकार के आयोजन युवाओं को पारंपरिक रोजगार के विकल्पों से आगे बढ़कर स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापना की संभावनाओं को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। नवाचार आधारित इस कार्यक्रम में जी.बी.पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय,घुड़दौड़ी,आईएचएमएस कोटद्वार और एनआईटी श्रीनगर के छात्र-छात्राओं सहित जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे युवाओं ने अपने विचार साझा किए। प्रतिभागियों ने अपने स्टार्टअप प्रस्तावों के माध्यम से नई व्यावसायिक संभावनाओं और रचनात्मक सोच का परिचय दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल नए विचारों का प्रस्तुतीकरण कराना नहीं,बल्कि युवाओं को यह समझने में मदद करना भी रहा कि किसी विचार को व्यावहारिक व्यवसाय में बदलने के लिए किन पहलुओं पर ध्यान देना आवश्यक है। किसी भी स्टार्टअप की सफलता के लिए उपयोगी विचार के साथ उसकी व्यवहार्यता,बाजार की मांग,संसाधनों की उपलब्धता,वित्तीय प्रबंधन और प्रभावी कार्ययोजना का महत्वपूर्ण योगदान होता है। कार्यक्रम में प्रस्तुत किए गए सभी 20 स्टार्टअप विचारों का निर्णायक दल ने मूल्यांकन किया। इस दौरान प्रतिभागियों को अपने विचारों की खूबियों और उनमें सुधार की संभावनाओं के संबंध में आवश्यक सुझाव दिए गए। साथ ही उन्हें अपने प्रस्तावों को अधिक व्यावहारिक,प्रभावी और सफल व्यावसायिक मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। युवाओं को स्टार्टअप की संभावनाओं,इनक्यूबेशन प्रक्रिया तथा उद्यम स्थापित करने से जुड़े विभिन्न अवसरों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिला कि प्रारंभिक स्तर पर तैयार किए गए विचारों को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाकर रोजगार सृजन और आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाया जा सकता है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस चुनौती का प्रमुख उद्देश्य युवाओं में नवाचार,उद्यमशीलता और स्वरोजगार की भावना को प्रोत्साहित करना रहा। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ विशेषज्ञों से संवाद करने,अपने विचारों का मूल्यांकन कराने और उद्यम स्थापना की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देते हैं। विशेष रूप से पौड़ी गढ़वाल जैसे पर्वतीय जनपद में युवाओं के नए व्यावसायिक विचारों को प्रोत्साहित करना महत्वपूर्ण है। स्थानीय संसाधनों,उपलब्ध कौशल और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप उद्यम विकसित करने की संभावनाएं युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर तलाशने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। नवाचार को उचित सहयोग मिलने पर युवा न केवल अपनी आजीविका का साधन विकसित कर सकते हैं,बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित करने में योगदान दे सकते हैं। कार्यक्रम के निर्णायक दल में जिला उद्योग केंद्र की प्रबंधक उपासना सिंह,एएलसी कोटद्वार के सिरताज सिंह रांगड़,आईआईएम काशीपुर के परियोजना प्रमुख कपिल कुमार मौर्य,मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना से तनुज पुंडीर एवं दर्शन उनियाल,डिजिटल विपणन विशेषज्ञ विवेक जदली तथा उद्यमी चमनलाल शर्मा और दीपक बनियाल शामिल रहे। विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और उद्यमियों की सहभागिता से प्रतिभागियों को अपने स्टार्टअप विचारों को व्यावसायिक दृष्टिकोण से समझने तथा उनमें आवश्यक सुधार करने के लिए उपयोगी मार्गदर्शन मिला। कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज के माध्यम से युवाओं को अपनी रचनात्मक क्षमता सामने लाने और उद्यमिता की दिशा में कदम बढ़ाने का अवसर मिला। अब इन विचारों को आगे बढ़ाने,उपयुक्त मार्गदर्शन से जोड़ने और व्यावहारिक उद्यमों में विकसित करने की दिशा में निरंतर सहयोग महत्वपूर्ण रहेगा।