श्रीनगर गढ़वाल। भागीरथी कला सामाजिक संस्था के सदस्यों की मासिक बैठक कल्याणेश्वर धर्मशाला में आयोजित की गई। बैठक में स्वच्छता,सामाजिक सरोकारों तथा उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाजों के संरक्षण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान संस्था ने निर्णय लिया कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी इगास-बूढ़ी दीपावली का पर्व श्रीनगर के रामलीला मैदान में हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जाएगा। संस्था के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद बड़थ्वाल ने कहा कि इगास-बूढ़ी दीपावली उत्तराखंड की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और लोकपरंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल त्योहार मनाना नहीं,बल्कि अपनी जड़ों,सांस्कृतिक विरासत और पूर्वजों से मिली परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता के बढ़ते प्रभाव के बीच पारंपरिक रीति-रिवाजों को जीवंत बनाए रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आज की नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति,लोकपरंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने की आवश्यकता है। यदि समय रहते युवाओं को अपनी विरासत के महत्व से परिचित नहीं कराया गया,तो आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक पहचान से दूर हो सकती हैं। इसी उद्देश्य को लेकर संस्था लगातार सामाजिक गतिविधियों और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से जन-जागरूकता बढ़ाने का प्रयास कर रही है। सांस्कृतिक विरासत को बचाने में जुटी संस्था अध्यक्ष बड़थ्वाल ने कहा कि सामाजिक कार्य करना आसान नहीं है। संस्था के सदस्य अपने व्यक्तिगत कार्यों और व्यस्तताओं के बीच समय निकालकर समाजहित में योगदान देते हैं। उनका प्रयास रहता है कि युवाओं को सकारात्मक दिशा मिले,उनमें सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हो और वे अपनी संस्कृति तथा परंपराओं के प्रति सम्मान का भाव बनाए रखें। उन्होंने कहा कि इगास पर्व जैसे आयोजनों से लोगों को एक-दूसरे के करीब आने,सामूहिक सहभागिता बढ़ाने और उत्तराखंड की लोक-संस्कृति को पहचान दिलाने का अवसर मिलता है। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सामाजिक कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया। इस अवसर पर संस्था के संरक्षक रमेश चंद्र थपलियाल सहित भगत सिंह बिष्ट,प्रणोद नौड़ियाल,दीनबंधु सिंह चौहान,रघुवीर रावत,हरेंद्र तोमर,राजेंद्र प्रसाद बड़थ्वाल और संजय कोठारी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।