श्रीनगर गढ़वाल। सिविल सेवा में अपना भविष्य संवारने का सपना देख रहे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के प्रतिभाशाली युवाओं के लिए एक बड़ा और सुनहरा अवसर सामने आया है। समाज कल्याण विभाग उत्तराखण्ड द्वारा अनुसूचित जाति के आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं के लिए निःशुल्क सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा कोचिंग की शुरुआत की गई है। यह कोचिंग हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर श्रीनगर (गढ़वाल) में संचालित होगी। इस विशेष पहल का उद्देश्य है-योग्य लेकिन आर्थिक तंगी के कारण पीछे रह जाने वाले युवाओं को उच्च स्तर की तैयारी और बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराना। अभ्यर्थी उत्तराखण्ड का मूल निवासी हो। परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपए से अधिक न हो। स्नातक उत्तीर्ण या स्नातक तृतीय वर्ष में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं आवेदन कर सकते हैं। कोचिंग कार्यक्रम की अवधि 3 माह निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी पोस्टर में दिए गए QR कोड को स्कैन कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त फॉर्म भरने के लिए लिंक भी उपलब्ध है। आवेदन की अंतिम तिथि-24 दिसंबर 2025 संपर्क सूत्र-कोचिंग से संबंधित विस्तृत जानकारी हेतु संपर्क करें-एम.एम.सेमवाल 9719831983 साथ ही अधिक विवरण समाज कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। उद्देश्य और अपेक्षित लाभ-यह कोचिंग कार्यक्रम प्रदेश के ग्रामीण और कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। विशेषज्ञ शिक्षकों,अनुभवी मेंटर्स तथा समर्पित शैक्षणिक वातावरण के माध्यम से अभ्यर्थियों को उच्च गुणवत्ता की तैयारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे युवाओं में प्रशासनिक सेवाओं में पहुंचने का विश्वास बढ़ेगा और समाज के हर वर्ग का प्रतिनिधित्व सुदृढ़ होगा। कार्यक्रम को लेकर छात्रों में उत्साह देखा जा रहा है और विभाग की इस पहल की सराहना की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजनाएं प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें राष्ट्र निर्माण की दिशा में अग्रसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।








