इमरजेंसी वार्ड में मरीज हित में सभी डॉक्टर आपस में बेहतर समन्वय बनाये–डॉ.सयाना

श्रीनगर गढ़वाल। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा निदेशक एवं प्राचार्य मेडिकल कॉलेज श्रीनगर डॉ.आशुतोष सयाना ने शुक्रवार को बेस चिकित्सालय के इमरजेंसी वार्ड के साथ ही सभी ओपीडी कक्षों का निरीक्षण किया। इमरजेंसी वार्ड के निरीक्षण दौरान उन्होंने डॉक्टरों से मरीजों के बेहतर से बेहतर इलाज दिलाने के लिए सभी डॉक्टरों को आपसी समन्वय बनाने तथा चारधाम यात्रा को देखते हुए विशेष चिकित्सकी प्रबन्धन रखे जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के प्रयासों से श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में तमाम सुविधाएं दी जा रही है,सुविधाओं के जरिए मरीजों को बेहतर इलाज मिले इस पर सभी को प्रयास करना होगा। ताकि हम जिस अस्पताल से आगे बढ़े है वह अस्पताल भी पूरे प्रदेश में चिकित्सा सेवा में नंबर वन बने। निरीक्षण के दौरान डॉ.सयाना ने विभिन्न ओपीडी का निरीक्षण किया,तो निरीक्षण में पाया कि ओपीडी रजिस्ट्रर वार्ड ब्वॉय द्वारा भरे जा रहे है,जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए इंटर्नशिप करने वालों से ओपीडी रजिस्ट्रर भरवाने के निर्देश दिये। तथा ओपीडी रजिस्ट्रर इंटर्न द्वारा ना भरे जाने पर संबंधी जेआर से स्पष्टीकरण मांगे जाने के निर्देश चिकित्सा अधीक्षक को दिये। तथा जिन ओपीडी में इंटर्न द्वारा ओपीडी रजिस्ट्रर में इंट्री की जा रही थी,उनके द्वारा मरीज के नाम और उम्र ही भरे जाने फटकार लगायी। कहा कि ओपीडी रजिस्ट्रर में मरीज के नाम,उम्र के साथ ही बीमारी और इलाज की डिटेल्स भी भरे,ताकि अस्पताल में किस-किस बीमारी के मरीज पहुंचे रहे है,इसका सांख्यिकी आंकड़ा प्राप्त हो सके और संबंधी बीमारियों के इलाज व दवा संबंधी तमाम सुविधाओं को बढ़ाने पर कार्य किया जा सके। उन्होंने कहा कि ओपीडी में वार्ड ब्वॉय का कार्य केवल मरीजों को लाइन लाकर नंबर से भेजने का रहेगा। इसके साथ ही सभी ओपीडी में बेहतर ढ़ग से नेम प्लेट लगाने तथा इंटर्न व जूनियर डॉक्टरों को एप्रेन के साथ ओपीडी में रहने के निर्देश दिये। कहा कि हर विभाग को इंटरकॉम की सुविधा रहेगी। जिससे इस विभाग से दूसरे विभाग में मरीज के संदर्भ में जानकारी लेने में सुविधा हो। वहीं जिन विभाग की माइनर ओटी है वहां नर्सिंग अधिकारी देने के निर्देश दिये। निरीक्षण के बाद उन्होंने सभी विभागाध्यक्षकों के साथ बैठक लेते हुए कहा कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का बेस चिकित्सालय गढ़वाल भर के मरीजों के साथ ही चारधाम यात्रा के दौरान देशभर के विभिन्न हिस्सों से आने वाले तीर्थ यात्रियों के स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य केन्द्र है। इसके मद्देनजर सभी को आपसी समन्वय बनाकर मरीजों के हित में बेहतर कार्य करना होगा। यहीं नहीं हर फैकल्टी मेम्बर को इमरजेंसी वार्ड का समय-समय पर राउंड लेकर तमाम व्यवस्थाएं भी देखनी होगी। कहा कि इमरजेंसी के पास लगी लिफ्ट एक हफ्ते के भीतर ठीक हो जायेगी। जिससे गायनी विभाग में प्रसव के आने वाले महिलाओं को दिक्कतें नहीं होगी। इसी तरह सभी जगह की धीरे-धीरे सभी लिफ्ट चालू करने का प्रयास होगा। घर बैठे अपना ओपीडी पंजीकरण करा पायेगे मरीज-चिकित्सा निदेशक डॉ.आशुतोष सयाना ने बताया कि डिजिटलीकरण के तहत मरीज अब घर बैठे ही ऑनलाइन अपना पंजीकरण करा पायेंगे। इसके लिए हर ओपीडी में एक कंप्यूटर लगा होगा और मरीज अपना टोकन नंबर बताकर ओपीडी में आ सकता है। जिससे मरीजों को लाभ मिलेगा। यहीं नहीं वार्डो में भी मरीजों के ब्लड़ सैंपल जांच रिपोर्ट लाने की झंझट भी जल्द समाप्त होगी। इसके लिए वार्डो में कंप्यूटर लगा दिये गये है,जिससे लैब से मरीज की रिपोर्ट सीधे वार्ड में चली जायेगी,जिससे मरीज व उसके तीमारदार को अपनी रिपोर्ट लाने के लिए लैब या ब्लड़ कलेक्शन सेंटर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


404 Not Found

404 Not Found



nginx



Welcome Back!

Login to your account below

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

error: Content is protected !!