श्रीनगर गढ़वाल। जनसामान्य को त्वरित,सुलभ एवं सस्ता न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आज दिनांक 14 मार्च 2026 को बाह्य न्यायालय श्रीनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशानुसार तथा जिला जज/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी गढ़वाल के आदेशानुसार संपन्न हुआ। बाह्य न्यायालय श्रीनगर में आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत की पीठ की अध्यक्षता सिविल जज/न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) कु.अलका द्वारा की गई,जबकि पीठ के सदस्य के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप मैठाणी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति और समझौते के आधार पर मामलों का निस्तारण कर न्यायिक प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया। लोक अदालत के दौरान विभिन्न श्रेणियों के कुल 208 मामलों का सफल निस्तारण किया गया। इनमें 197 फौजदारी वाद,7 एनआई एक्ट से संबंधित मामले,2 सिविल वाद,1 अंतिम रिपोर्ट तथा 1 डीबी एक्ट से संबंधित मामला शामिल रहा। इन मामलों का आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से निस्तारण होने से वादकारियों को त्वरित न्याय मिला तथा न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम हुआ। इस अवसर पर बार एसोसिएशन श्रीनगर के अध्यक्ष प्रमेश चन्द्र जोशी,संरक्षक अनूप पांथरी,सहायक अभियोजन अधिकारी अपर्णा अवस्थी,सचिव ब्रह्मानंद भट्ट,विकास पंत,देवी प्रसाद खरे,महेंद्र पाल सिंह रावत,भूपेंद्र पुंडीर,सुरेंद्र सिंह रौथाण,सुधीर उनियाल,बलवीर सिंह रौतेला,सुनीता भण्डारी,अधिवक्ता नितेश भारती,गौरव उपाध्याय,आनंद सिंह बुटोला सहित अनेक अधिवक्ताओं एवं विधिक सेवा से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों की सक्रिय सहभागिता रही। इसके अतिरिक्त पीएलबी सदस्य पूनम हटवाल,प्रियंका रॉय, प्रीति बिष्ट,मानव बिष्ट,रोशनी देवी सहित न्यायालय के कर्मचारी निर्मल सिंह (रीडर),ज्योतिष घिल्डियाल,सोहन सिंह,आनन्द प्रसाद भारती तथा अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति भी रही। राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से न केवल लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण संभव हुआ,बल्कि वादकारियों को आपसी सहमति से विवादों के समाधान का अवसर भी मिला। इस पहल को न्याय तक आमजन की सहज पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक प्रभावी कदम माना जा रहा है।








