श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर एवं बेस अस्पताल में लगातार बढ़ती चिकित्सा सुविधाओं और विकास कार्यों से मरीजों का भरोसा मजबूत हो रहा है। अस्पताल में उपचार की सुविधाओं के विस्तार के साथ जहां मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है,वहीं मेडिकल कॉलेज चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी नए आयाम स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में यहां चार नए पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू होने जा रहे हैं,जिससे क्षेत्र के युवाओं को चिकित्सा क्षेत्र में रोजगार एवं शिक्षा के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। इन्हीं उपलब्धियों,वर्तमान व्यवस्थाओं और भविष्य की योजनाओं को लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में पत्रकार संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.सीएमएस रावत ने पत्रकारों से खुलकर संवाद करते हुए बेस अस्पताल में मरीजों को मिल रही सुविधाओं,चिकित्सा शिक्षा,निर्माण कार्यों,पार्किंग व्यवस्था,पैरामेडिकल शिक्षा तथा आगामी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। प्राचार्य डॉ.रावत ने कहा कि पत्रकार और चिकित्सा संस्थान के बीच नियमित संवाद बेहद जरूरी है। पत्रकारों के माध्यम से मिलने वाला सकारात्मक फीडबैक अस्पताल की कमियों को चिन्हित करने और व्यवस्थाओं को मरीजों के हित में और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन भविष्य में भी पत्रकारों के साथ नियमित संवाद बनाए रखेगा। प्राचार्य डॉ.सीएमएस रावत ने कहा कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के लिए यह गौरव की बात है कि वर्तमान चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ.आशुतोष सयाना पूर्व में यहां प्राचार्य के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। इसलिए उन्हें मेडिकल कॉलेज,बेस अस्पताल की व्यवस्थाओं,संस्थान की आवश्यकताओं और यहां की चुनौतियों की पूरी जानकारी है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की ओर से निदेशालय एवं शासन को भेजे जाने वाले प्रस्तावों पर अब तेजी से कार्रवाई होने की उम्मीद है। डॉ.रावत ने कहा कि डॉ.सयाना के कार्यकाल में बेस अस्पताल में कई महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधाओं का विकास हुआ,जिसका प्रत्यक्ष लाभ आज भी मरीजों को मिल रहा है। प्राचार्य ने बताया कि मरीजों एवं तीमारदारों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए बेस अस्पताल में मरीज सहायता एवं जनसंपर्क कार्यालय स्थापित किया गया है। यहां आने वाले मरीजों की समस्याओं को सुना जा रहा है और उनके समाधान के लिए संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार होने के साथ मरीजों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। यह इस बात का संकेत है कि लोगों का बेस अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है। डॉ.रावत ने बताया कि राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से अब तक 165 छात्र पीजी की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं,जबकि वर्तमान में 114 विद्यार्थी विभिन्न पीजी पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है और आने वाले समय में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में कार्य जारी रहेगा। मेडिकल कॉलेज की गतिविधियों एवं उपलब्धियों को आम जनता तक व्यवस्थित ढंग से पहुंचाने के लिए अब हर माह न्यूज लेटर जारी किया जाएगा। प्राचार्य ने बताया कि अस्पताल का मासिक डेटा भी व्यवस्थित रूप से संकलित कर प्रस्तुत किया जाएगा। न्यूज लेटर में मेडिकल कॉलेज एवं बेस अस्पताल की प्रमुख उपलब्धियों,नई चिकित्सा सुविधाओं,मरीजों को उपलब्ध सेवाओं,शैक्षणिक गतिविधियों और विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी। इससे आम जनता को संस्थान की प्रगति की नियमित जानकारी मिल सकेगी। बेस अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों के सामने लंबे समय से बनी पार्किंग समस्या को लेकर भी प्राचार्य ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर में पार्किंग का निर्माण कार्य जारी है। इसके पूरा होने के बाद मरीजों और तीमारदारों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी के लिए ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। प्राचार्य ने बताया कि मेडिकल कॉलेज को जीवीके की ओर से उपलब्ध कराई गई भूमि पर भविष्य में पैरामेडिकल कॉलेज,विभिन्न आवासीय परिसरों और स्टेडियम का निर्माण प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज और बेस अस्पताल में अब तक 170 से अधिक विकास कार्य किए जा चुके हैं। इन कार्यों का उद्देश्य चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ संस्थान की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना है। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में जल्द ही नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशन्स के तहत चार नए पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इनमें रेस्पिरेटरी टेक्नोलॉजिस्ट ऑप्टोमेट्री डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट डायलिसिस थेरेपी टेक्नोलॉजी शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों के शुरू होने से गढ़वाल क्षेत्र के युवाओं को चिकित्सा क्षेत्र में अपने भविष्य को संवारने के लिए स्थानीय स्तर पर नए शैक्षणिक अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही अस्पतालों को प्रशिक्षित पैरामेडिकल मानव संसाधन मिलने से चिकित्सा सेवाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। बेस अस्पताल की डायलिसिस सेवा को लेकर भी प्राचार्य ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर बेस अस्पताल की डायलिसिस यूनिट का संचालन हंस फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा। इसके लिए हंस फाउंडेशन की टीम बुधवार को बेस अस्पताल पहुंचेगी। इसके बाद संस्था के साथ एमओयू किया जाएगा और औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद डायलिसिस यूनिट के संचालन की जिम्मेदारी संस्था को सौंप दी जाएगी। डायलिसिस सेवा के संचालन में व्यवस्था मजबूत होने से किडनी रोगियों और उनके परिजनों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है। प्राचार्य डॉ.सीएमएस रावत ने कहा कि मेडिकल कॉलेज और बेस अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में पत्रकारों की भूमिका महत्वपूर्ण है। पत्रकार समाज और संस्थान के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर पत्रकारों के माध्यम से मिलने वाले सुझाव और फीडबैक प्रशासन के लिए उपयोगी हैं। इससे कमियों को दूर करने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। उन्होंने विश्वास जताया कि मेडिकल कॉलेज,बेस अस्पताल और पत्रकारों के बीच निरंतर संवाद से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक जनोपयोगी बनाया जा सकेगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ वित्त नियंत्रक प्रशांत कुमार शर्मा,चिकित्सा अधीक्षक डॉ.ए.एन.पांडेय सहित मेडिकल कॉलेज के अधिकारी,चिकित्सक एवं पत्रकार मौजूद रहे।








