देहरादून। संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज एवं नवाचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज की परम प्रभावक शिष्या आर्यिका रत्न 105 श्री पूर्णमति माताजी ससंघ का मंगल चातुर्मास देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अत्यंत हर्षोल्लास एवं धर्ममय वातावरण में संपन्न हो रहा है। माताजी के मुखारविंद से प्रतिदिन प्रवाहित हो रही धर्म, ज्ञान और अध्यात्म की अमृतधारा का लाभ लेकर बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालु अपने जीवन को धन्य बना रहे हैं।
इसी क्रम में परम पूज्य आर्यिका रत्न 105 श्री पूर्णमति माताजी ससंघ की मंगल प्रेरणा, सानिध्य में समवशरण महामंडल विधान का भव्य आयोजन श्री दिगंबर जैन पंचायती जैन मंदिर प्रांगण, गांधी रोड, देहरादून में किया जा रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान में भगवान के समवशरण के भव्य मंडलों की रचना कर विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की जा रही है। विधान के लिए बड़े एवं छोटे, दो प्रकार के मंडलों की व्यवस्था की गई है, जिनमें श्रद्धालु अपनी सहभागिता देकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।
बड़े मंडल के धर्मलाभार्थी
श्रीमती अर्चना जैन, दीपा जैन, पारस टॉवर।
सुखमाल चंद जैन एवं श्रीमती रचना जैन, नेहरू कॉलोनी।
श्री अमित जैन एवं श्रीमती दीपा जैन, सौरभ सागर छाया।
दिनेश जैन एवं श्रीमती बबीता जैन, रोचिपुरा।
आशीष जैन एवं श्रीमती सीमा जैन, सुनीता जैन, राजेंद्र नगर।
श्रीमती अलका जैन एवं श्रीमती ममता जैन, कर्जन रोड।
श्रीमती कमलेश जैन, धर्मपत्नी विनोद जैन, राजपुर।
छोटे मंडल के धर्मलाभार्थी
जनेश्वर दास एवं अंकित जैन, पार्श्वनाथ ज्वेलर्स।
श्रीमती प्रतिभा जैन एवं मुकुल जैन, रोचिपुरा।
श्रेयांस जैन, सहारनपुर।
मुदित जैन एवं श्री सिद्धार्थ जैन।
प्रभु समर्पण समिति।
गौरव जैन एवं श्रीमती रेशु जैन, कैनाल रोड।
श्रीमती रानी प्रवीण जैन, चमन विहार।
श्रीमती रूपा जैन, बल्लीवाला।
श्रीमती आभा जैन, देहराखास।
नरेश चंद जैन एवं श्रीमती ममलेश जैन, आनंद चौक।
देव जैन एवं श्रीमती प्रिया जैन, त्यागी रोड।
श्री सुधीर जैन, श्री विनय जैन एवं श्री पंकज जैन, नेशनल बुक डिपो।
श्री प्रदीप जैन एवं श्रीमती विनीता जैन तथा श्रीमती रंजना जैन, देहराखास।
जैन मिलन राजुल।
श्रीमती इंदु जैन एवं वैभव जैन, चमन विहार।
श्रीमती अचला जैन एवं आयुष जैन (एसीसी सीमेंट), तिलक रोड।
श्रीमती आशु जैन, मालवीय रोड।
महिला जैन मिलन ‘मनुवृति’।
झंडा जैन मंदिर।
णमोकार मंत्र।
श्रीमती मंजू जैन, नेताजी मोहल्ला।
जैन मिलन महावीर।
श्रीमती राकेश जैन, माजरा।
श्रीमती कमलेश जैन एवं श्रीमती संगीता जैन, नेहरू कॉलोनी।
श्रीमती डॉली जैन, राजेंद्र नगर।
श्रीमती रुचि जैन।
श्री सिद्धार्थ जैन एवं श्रीमती पारुल जैन, लक्की सीमेंट।
महिला मंडल, माजरा।
श्री संदीप जैन (बीकानेर वाले) एवं श्रीमती रजनी जैन, लक्ष्मण चौक।
श्रीमती वीना जैन एवं परिवार, जैन कॉलोनी।
श्रीमती वंदना जैन एवं परिवार, लक्ष्मण चौक।
श्रीमती संध्या जैन, चमन विहार।
उपरोक्त धर्मलाभार्थियों के साथ-साथ अनेक श्रद्धालु प्रतिदिन विधान में सम्मिलित होकर भगवान की आराधना कर पुण्यार्जन कर रहे हैं।
समवशरण महामंडल विधान का धार्मिक महत्व
समवशरण महामंडल विधान जैन धर्म का अत्यंत पावन एवं भव्य धार्मिक अनुष्ठान है। यह तीर्थंकर भगवान के केवलज्ञान प्राप्त होने के पश्चात स्थापित होने वाली दिव्य धर्मसभा, अर्थात् समवशरण, की प्रतीकात्मक रचना एवं पूजा-अर्चना पर आधारित है।
समवशरण वह दिव्य स्थल है, जहाँ तीर्थंकर भगवान की दिव्य देशना सुनने के लिए मनुष्य, देव एवं तिर्यंच जीव एकत्रित होते हैं। यहाँ सभी जीवों को बिना किसी भेदभाव के भगवान की वाणी सुनने का अवसर प्राप्त होता है।
इस विधान में समवशरण की विभिन्न भूमियों, मानस्तंभ, चैत्य प्रासाद, खातिका भूमि, लता भूमि, उपवन भूमि, ध्वज भूमि तथा बारह सभाओं की प्रतीकात्मक मंडल रचना की जाती है। विधि-विधानपूर्वक जिनेंद्र भगवान की पूजा-अर्चना, मानस्तंभ की पूजा एवं तीर्थंकर भगवान के गुणों का गुणगान किया जाता है।
जैन मान्यताओं के अनुसार, इस विधान की आराधना से कर्मों की निर्जरा, पुण्यार्जन तथा आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। यह अनुष्ठान श्रद्धालुओं को अहंकार त्यागने, समता भाव अपनाने और धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर परम पूज्य आर्यिका रत्न 105 श्री पूर्णमति माताजी के मंगल प्रवचनों एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन से श्रद्धालु धर्म के गूढ़ सिद्धांतों को समझकर आत्मकल्याण की दिशा में प्रेरित हो रहे हैं।
आयोजन की जानकारी
मीडिया समन्वयक मधु जैन ने बताया कि परम पूज्य आर्यिका रत्न 105 श्री पूर्णमति माताजी ससंघ की मंगल प्रेरणा, सानिध्य एवं आशीर्वाद से आयोजित समवशरण महामंडल विधान 11 अक्टूबर से 18 अक्टूबर 2026 तक प्रतिदिन श्री दिगंबर जैन पंचायती जैन मंदिर प्रांगण, गांधी रोड, देहरादून में संपन्न होगा। इस धार्मिक आयोजन में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ बाहर से आने वाले भक्तजन भी उत्साहपूर्वक सम्मिलित होकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।
इस अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज, देहरादून, श्री विद्या समय पूर्ण वर्षायोग समिति 2026, देहरादून के पदाधिकारीगण, जैन भवन कार्यकारिणी के सदस्य, विभिन्न जैन संस्थाओं के पदाधिकारी एवं सदस्य तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।