समीर अपने परिवार का एकमात्र बेटा और चार बहनों का इकलौता भाई था। वह परिवार की जिम्मेदारियां उठाने और बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर घर से दूर नौकरी करने गया था। परिजनों के मुताबिक उसका सपना अपनी मेहनत की कमाई से अपनी बहनों की शादी करवाने और परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का था। लेकिन एक कथित मजाक ने उसकी जिंदगी छीन ली। समीर की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक पल की लापरवाही ने चार बहनों के इकलौते भाई और परिवार के सहारे को हमेशा के लिए उनसे छीन लिया।








