श्रीनगर गढ़वाल। प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण रतूड़ा बैंड खिर्सू-बुघाणी रोड की खूबसूरत वादियों में रविवार सुबह स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश गूंज उठा। सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था भागीरथी कला संगम के सदस्यों ने सुबह छह बजे से विशेष सफाई अभियान चलाकर क्षेत्र में फैले कूड़े-कचरे को एकत्रित कर साफ-सफाई की। अभियान में संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। खिर्सू-बुघाणी मार्ग पर स्थित रतूड़ा बैंड क्षेत्र अपनी मनमोहक प्राकृतिक छटा और विहंगम दृश्यावलियों के लिए जाना जाता है। यहां से श्रीनगर,चौरास,श्रीकोट तथा डैम साइड का मनोरम दृश्य दिखाई देता है। यह स्थान स्थानीय नागरिकों और यहां पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि इतनी सुंदर और रमणीक जगह पर लोगों की लापरवाही के चलते चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ था। शराब-बीयर की खाली बोतलें,प्लास्टिक की बोतलें और अन्य कूड़ा-कचरा प्राकृतिक सुंदरता को बदरंग कर रहे थे। इस स्थिति को देखते हुए भागीरथी कला संगम के सदस्यों ने स्वयं आगे आकर स्वच्छता की जिम्मेदारी निभाई और पूरे क्षेत्र में सफाई अभियान चलाकर कूड़े-कचरे को हटाया। संस्था के इस प्रयास ने न केवल स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया,बल्कि आमजन को अपने प्राकृतिक परिवेश के संरक्षण के लिए आगे आने की प्रेरणा भी दी। इस अवसर पर संस्था के निर्देशक मदन गडोई ने कहा कि रतूड़ा बैंड जैसी खूबसूरत जगह पर बैठने की अच्छी व्यवस्था होने के बावजूद लोग अपने आसपास गंदगी फैलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। शराब और बीयर की बोतलें तथा प्लास्टिक कचरा खुले में फेंकना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखना केवल सरकार या नगर निकायों की जिम्मेदारी नहीं,बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। प्रकृति ने हमें सुंदर पर्यावरण दिया है,इसे स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने आमजन एवं यहां आने वाले पर्यटकों से अपील की कि वे इस रमणीक स्थल की सुंदरता और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें तथा कूड़ा निर्धारित स्थान पर ही डालें। सफाई अभियान में संस्था के अध्यक्ष राजेंद्र बड़थ्वाल,उपाध्यक्ष मुकेश नौटियाल,मुख्य संरक्षक रमेश चंद्र थपलियाल,कोषाध्यक्ष हरेंद्र तोमर,प्रमोद चंद्र नौडियाल,भगत सिंह बिष्ट,रघुबीर सिंह रावत,किशोरी लाल नौटियाल सहित संस्था के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। संस्था का यह प्रयास समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश देता है कि स्वच्छता केवल अभियान नहीं,बल्कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी और संस्कार है। यदि प्रत्येक नागरिक अपने आसपास के सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने का संकल्प ले,तो देवभूमि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता को और अधिक निखारा जा सकता है।