अंतरराष्ट्रीय लेखक गांव के वैश्विक मंच पर गूंजा एक भारत श्रेष्ठ भारत का संदेश-युवा संगम के प्रतिनिधियों ने सांस्कृतिक संवाद से बढ़ाया राष्ट्रीय एकता का सेतु

 

 

देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक,साहित्यिक एवं आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने वाले थानो स्थित अंतरराष्ट्रीय लेखक गांव में आयोजित महोत्सव में एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना उस समय जीवंत होती दिखाई दी,जब युवा संगम कार्यक्रम के तहत पश्चिम बंगाल से उत्तराखंड पहुंचे युवा प्रतिनिधिमंडल ने उत्साह और सक्रियता के साथ सहभागिता की। लगभग 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन ने युवाओं को साहित्य,कला,संस्कृति और वैश्विक विचारों से रूबरू होने का विशेष अवसर प्रदान किया। यह सहभागिता केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रही,बल्कि देश की विविध भाषाओं,परंपराओं,विचारधाराओं और सांस्कृतिक विरासत को एक-दूसरे के करीब लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई। पश्चिम बंगाल से आए युवा प्रतिनिधियों ने महोत्सव की विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक परिवेश को नजदीक से समझा। महोत्सव के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी,केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टमटा,पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक तथा हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। युवा प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से संचालित एक भारत श्रेष्ठ भारत एवं युवा संगम कार्यक्रम देश की विविधता में एकता की भावना को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध देवभूमि संस्कृति और पश्चिम बंगाल की गौरवशाली साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के बीच इस प्रकार का संवाद राष्ट्रीय एकता को नई मजबूती प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड पहुंचे सभी युवा प्रतिनिधियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक ने अंतरराष्ट्रीय लेखक गांव में पहुंचे युवा प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि युवा संगम प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। इस पहल के माध्यम से देश के युवाओं को भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा, भौगोलिक विविधता,सांस्कृतिक विरासत और विभिन्न राज्यों की जीवनशैली को प्रत्यक्ष रूप से जानने-समझने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं के दृष्टिकोण को व्यापक बनाते हैं और उन्हें देश की विविध सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टमटा ने कहा कि साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की परंपराओं,विकास यात्रा और सांस्कृतिक धरोहर को समझने का अवसर मिलता है। इस प्रकार के संवाद से आपसी समझ,सहयोग और राष्ट्रीय एकजुटता की भावना को बढ़ावा मिलता है। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए यह गौरव का विषय है कि उसे उत्तराखंड में युवा संगम कार्यक्रम के नोडल संस्थान के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिला है। विश्वविद्यालय इस कार्यक्रम के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता,लोक-संस्कृति,शैक्षणिक उपलब्धियों और सामाजिक जीवन से परिचित करा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवा संगम के तहत आयोजित यह अनुभव प्रतिभागियों के व्यक्तित्व विकास,राष्ट्रीय दृष्टिकोण और अंतर-सांस्कृतिक समझ को व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। इस अवसर पर उत्तराखंड के नोडल संस्थान हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय की ओर से नोडल अधिकारी एवं पृथ्वी विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो.महावीर सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को स्मृति चिह्न भेंट कर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। प्रो.नेगी ने अपने संबोधन में युवा संगम कार्यक्रम के उद्देश्यों,उसकी प्रासंगिकता तथा विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित विभिन्न गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। वैश्विक साहित्यिक मंच पर युवाओं को मिला संवाद और सीखने का अवसर पश्चिम बंगाल की नोडल एजेंसी आईआईटी खड़गपुर के प्राध्यापकों एवं समन्वयकों के साथ पहुंचे युवा प्रतिनिधिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय लेखक गांव में देश-विदेश से आए साहित्यकारों,विचारकों और संस्कृति से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों और राष्ट्रीय स्तर के जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने युवाओं के लिए सीखने और अपने विचारों को साझा करने के नए अवसर खोले। प्रतिभागी छात्र-छात्राओं ने इस अनुभव को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि उत्तराखंड भ्रमण के दौरान उन्हें यहां की प्राकृतिक सुंदरता,लोकजीवन,सांस्कृतिक विरासत और शैक्षणिक वातावरण को करीब से जानने का अवसर मिला है। वहीं अंतरराष्ट्रीय लेखक गांव में आयोजित महोत्सव ने उनके अनुभवों को और व्यापक बनाया है। इस तरह के कार्यक्रम युवाओं में राष्ट्र निर्माण के प्रति जिम्मेदारी,सांस्कृतिक संवेदनशीलता और देश के विभिन्न राज्यों के प्रति समझ विकसित करते हैं। कार्यक्रम के दौरान एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय एवं आईआईटी खड़गपुर के संकाय सदस्य,प्राध्यापक,समन्वयक और अन्य संबंधित प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। युवा संगम की यह सहभागिता एक भारत श्रेष्ठ भारत की अवधारणा को धरातल पर साकार करने के साथ ही उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के बीच शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की दिशा में उल्लेखनीय पहल बनकर सामने आई।